एक समय था जब भारत के लोग कहते थे कि हमारा देश कृषि प्रधान है, तब था भी, लेकिन पिछली 3 दशाब्दियों से कृषि के प्रति लोगों की रुचि कम हुई है. ज्यादातर किसानों के बच्चे पढ़लिख कर महानगरों की ओर भाग रहे हैं. किसानों के बच्चे ही नहीं कामगार भी. फलस्वरूप गांव में खेतों के लिए मजदूर नहीं मिलते.

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