35-40 साल पहले उत्तर प्रदेश के गांवों में आंचलिक कहानियों का खूब बोलबाला था. घर के कामकाज से निपट कर घर की बड़ीबूढ़ी महिलाएं किशोरावस्था की ओर छलांग लगाते बच्चों को कहानियां सुनाया करती थीं, जो बड़ी खट्टीमीठी होती थीं.

मसलन शैतान बच्चों को थोड़ी खट्टी कड़वी यानी भूतप्रेत, चुड़ैल और राक्षसों की कहानियां और अच्छे बच्चों को राजारानी, जंगली जानवरों, आदूगर और परियों की कहानियां. बच्चे सबसे ज्यादा परियों की कहानियां पसंद करते थे. इन्हीं कहानियों में एक कहानी 7 परियों की भी थी, जो आपस में सहेलियां थीं.

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बाद में 1982 में दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, पद्मिनी कोल्हापुरे और संजय दत्त स्टारर एक फिल्म आई थी ‘विधाता’. इस फिल्म में एक गाना था ‘सात सहेलियां खड़ीखड़ी, परियां बुझाएं घड़ीघड़ी.’ द्विअर्थी बोल को ले कर उस समय इस गाने का विरोध भी हुआ था. संभवत: यह गाना 7 परियों वाली कहानी से प्रेरित था, जिस में थोड़ा सा अश्लीलता का छौंक लगा दिया गया था.

यहां हम 7 सहेलियों की अलग तरह की कहानी बता रहे हैं, जो आज के जमाने के हिसाब की हैं. ये 7 सहेलियां न तो अलौकिक हैं और न भारतीय, बल्कि चीन की हैं. इन की सोच या चिंता भी हालफिहाल की नहीं, भविष्य की है.

इन सातों सहेलियों ने सन 2008 में मजाकमजाक में तय किया था कि रिटायरमेंट के बाद साथसाथ रहेंगी. हालांकि उस वक्त सब ने इसे मजाक में लिया गया फैसला ही माना था.

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लेकिन अपनी पक्की दोस्ती के मद्देनजर अब इन सहेलियों ने तय किया है कि अपने एंजौयमेंट के लिए 30 साल तक इंतजार क्यों करें. बुढ़ापे में साथ रहने से आज जैसी फीलिंग नहीं आएगी. इसलिए सातों ने मिल कर 4 करोड़ रुपए में 7535 वर्गफुट का एक खूबसूरत तिमंजिला घर खरीदा है. इस शानदार घर में नीचे लिविंग एरिया है और ऊपर सातों के अलगअलग बैडरूम हैं.

खास बात यह है कि इन सातों फ्रैंड्स में से एक कुकिंग करती है, एक गार्डनिंग और तीसरी मेडिसिन की जानकार है. इन सहेलियों की कहानी सभी के लिए प्रेरणादायक है. वजह यह कि हम सब भविष्य के लिए प्लान तो बना लेते हैं, लेकिन पर्याप्त भविष्य निधि न होने के कारण वह पूरा नहीं हो पाता.

एक औनलाइन सर्वे के अनुसार, लोग हर महीने जितना चायकौफी पर खर्च करते हैं, उस से बहुत कम या बिलकुल भी रिटायरमेंट के लिए सेविंग नहीं करते.

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