Aamir Khan Marriage: देश में दूसरी शादियां बहुत बड़े पैमाने पर नहीं होतीं पर पहले जैसी उत्सुकता, चर्चा और हैरानी का विषय नहीं रह गईं हैं. हां, किसी की भी तीसरी शादी जरूर हैरान करती है क्योंकि यह असामान्य और अपवाद की श्रेणी में आती है. खासतौर से उस वक्त जब पहली 2 पत्नियों को आपसी सहमति से तलाक दिया गया हो. कामयाब अभिनेता आमिर खान की गौरी स्प्रैट से शादी करने के फैसले को चिंता का विषय कहा जा सकता है.

अभिनेता आमिर खान की शादियों और तलाकों की दास्तां से पहले यह बात भी कम दिलचस्पी और उत्सुकता वाली नहीं कि आखिर अब ये गौरी स्पै्रट हैं कौन और क्यों बुढ़ाते आमिर खान का दिल उन पर आ गया. 47 वर्षीय गौरी मुंबई में अपना ‘बी ब्लंट’ सैलून चलाती हैं, पहले पति से उन्हें एक 7 साल का बेटा है.

गौरी की पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी दिलचस्प है. उन के ग्रैंडफादर फिलिप स्पै्रट अब से कोई 100 साल पहले भारत आए थे, मकसद था भारत में कम्युनिज्म को बढ़ावा देना. इस के लिए उन्हें कम्युनिस्ट इंटरनैशनल की ब्रिटिश शाखा ने बतौर एजेंट भेजा था. भारत में कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से वे एक थे. फिलिप अच्छे लेखक और वामपंथी विचारक भी थे. अमेरिकी इमदाद से प्रकाशित होने वाली मैगजीन ‘माइस इंडिया’ का संपादन भी उन्होंने किया था जो अमेरिका और उस के पूंजीवाद की घनघोर समर्थक पत्रिका थी.

जल्द ही वे महात्मा गांधी के प्रभाव में आ गए और साम्यवादी से उदारवादी हो गए. फिलिप उन गिनेचुने अंगरेजों में से एक थे जिन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी और जेल भी गए. उन की लिखी किताबों में से साल 1939 में गांधीजी पर लिखी किताब ‘गांधी अ एनालिसिस’ काफी लोकप्रिय हुई थी. देश की आजादी के बाद फिलिप भारत में ही बस गए थे और शादी एक तमिलियन महिला सीता से की थी.

इसी तर्ज पर गौरी के पिता रौबर्ट स्पै्रट ने भी पंजाबी आयरिश मूल की रीता स्पै्रट से शादी की जो बेंगलुरु में अपना सैलून चलाती थीं जिसे अब गौरी संभाल रही हैं. अपने दादा की तरह गौरी भी पढ़ाकू रही और ऊटी के ब्लू माउंटेन स्कूल से पढ़ाई करने के बाद लंदन चली गईं जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी औफ आर्ट्स से डिग्री कोर्स पूरा किया. गौरी और आमिर की पहली मुलाकात लगभग 25 साल पहले हुई थी जो अब जा कर प्यार, डेट और शादी में तबदील हुई.

इस में कोई शक नहीं कि इस मिडिल एज में भी गौरी आकर्षक लगती हैं. कंधे तक ?ालते स्टाइलिश बाल उन्हें और आकर्षक बनाते हैं. दूसरी पत्नी से तलाक के बाद जब आमिर को तीसरी पत्नी की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने अपनी 25 साल पुरानी इस गर्लफ्रैंड को रीकौल किया. मार्च 2025 में दोनों ने मीडिया के सामने खुल कर अपने रिश्ते का इजहार किया था जो अब औपचारिक शादी में तबदील हो रहा है.

अब हालांकि आमिर खान का दौर लद रहा है लेकिन उन के चाहने वाले यह उम्मीद तो उन से रखते हैं कि इस तीसरी शादी का हश्र तलाक में न हो. वजह, हर किसी का यह अनुभव है कि शादी की तरह तलाक के बाबत भी आमिर काफी उदार हैं. फैमिनिस्टों का यह कहने का पूरा हक है कि शादी और तलाक को इस तरह खेल नहीं बनने देना चाहिए क्योंकि इस से नुकसान औरतों का ही होता है.

किरण से तलाक

अगर तलाक इतनी आसानी से हो जाए जितना कि अभिनेता आमिर खान और उन की दूसरी पत्नी किरण राव के बीच हुआ था तो तलाक प्रक्रिया पर सवाल उठाने के कोई माने नहीं क्योंकि यह परिपक्व पतिपत्नी का आपसी सहमति से लिया गया फैसला था जिस के अपने अलग माने हैं.

15 साल का अरसा एकदूसरे को सम?ाने और एकदूसरे में ढल जाने के लिए मुकम्मल होता है लेकिन इस तलाक को जिस का मसौदा दोनों ने संयुक्त रूप से जाहिर सूचना की तरह पेश किया था, कई नहीं तो कुछ सवाल तो खड़े करता ही है. लोग एक बार फिर पूछ रहे थे कि अब फिर क्यों? और दिलचस्प बात यह कि जवाब भी खुद ही दे रहे थे जो महज मीडियाई खबरों और अटकलों पर आधारित था.

कुछ अपवादों को छोड़ दें तो फिल्म इंडस्ट्री में शादी और तलाक हमेशा से चर्चाओं और सुर्खियों में रहे हैं, खासतौर से उस वक्त जब पतिपत्नी दूसरे धर्म के हों. अपने दौर के मशहूर अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नर्गिस की शादी सहज ढंग से नहीं ली गई थी. तब भी खूब होहल्ला देशभर में कट्टरपंथियों ने मचाया था लेकिन अच्छी बात उस का बेअसर हो जाना रहा था. फिर हिंदू हीरो की मुसलिम हीरोइन से और मुसलिम हीरो की हिंदू हीरोइन से शादी कोई अजूबा नहीं रह गई.

यह फिल्म इंडस्ट्री ही थी जिस ने धर्म और जातपांत की बेडि़यों को काटना शुरू किया और हर दौर में युवाओं को अपनी मरजी से शादी करने की प्रेरणा दी.

कयामत बन कर गिरी थीं रीना

साल 1973 में प्रदर्शित नासिर हुसैन की फिल्म ‘यादों की बारात’ ने बौक्स औफिस पर कामयाबी के झडे गाड़ दिए थे जिस की बड़ी वजह नायक धर्मेंद्र की एक्टिंग और 3 भाइयों के बिछुड़ने व एक गाने के जरिए मिलने की कहानी थी जो लीक से हट कर थी.

आमिर खान इस फिल्म में बाल कलाकार की भूमिका में थे. गौरतलब है कि नासिर हुसैन, आमिर के पिता ताहिर हुसैन के भाई हैं, न इस फिल्म के जरिए दरअसल तारिक को ब्रेक देने की कोशिश की थी लेकिन तारिक खूबसूरत और चौकलेटी होने के बाद भी चले नहीं.

लेकिन ठीक तारिक सरीखे चिकने चेहरेमोहरे वाले उन के चचेरे भाई आमिर खान साल 1988 में प्रदर्शित फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के जरिए ऐसे चले कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. इस फिल्म के निर्माता भी नासिर हुसैन थे. उन के बेटे मंसूर खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में आमिर की एंट्री ठीक वैसे ही दिखाई गई थी जैसे ‘यादों की बारात’ में तारिक की दिखाई गई थी.

इस फिल्म में नायिका जूही चावला ने भी कयामत ढाई थी जो तब बड़ा नाम नहीं था. ठाकुरों की आपसी दुश्मनी पर बनी इस फिल्म में दर्शकों ने आमिर और जूही को हाथोंहाथ लिया था और दोनों को रातोंरात स्टार बना कर सिर पर बैठा लिया था. फिर एक के बाद एक आमिर की कई फिल्में हिट हुईं जिन में ‘दिल’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘हम हैं रही प्यार के’, ‘अंदाज अपनाअपना’ से ले कर ‘लगान’, ‘थ्री इडियट्स’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘इश्क’, ‘सरफरोश’, ‘रंग दे बसंती’ और ‘मंगल पांडे’ सहित ‘तारे जमीं पर’ उल्लेखनीय हैं. ‘दंगल’ ने भी तहलका मचाया था.

लेकिन ‘कयामत से कयामत’ की बात और थी जिस के गाने ‘पापा कहते हैं…’ में थोड़ी देर के लिए एक्स्ट्रा के रूप में रीना दत्ता भी दिखाई दी थीं. यों पड़ोसी होने के नाते रीना दिखाई तो उन्हें रोज देती थीं और आमिर उन से बचपन से ही प्यार करते थे जोकि शुद्ध एकतरफा था.

यह फिल्म फ्लोर पर थी, इस के काफी पहले से ही वे रीना पर लट्टू थे लेकिन प्यार का इजहार नहीं कर पा रहे थे क्योंकि रीना उन्हें घास नहीं डालती थीं. वे एक परंपरावादी हिंदू परिवार से थीं. आमिर ने हिम्मत नहीं हारी और उम्र के मुताबिक सड़कछाप मजनूं की तरह उन के पीछे पड़े रहे.

यह आमिर की दीवानगी की हद ही कही जाएगी कि 80 के दशक के प्यार के तौरतरीकों और चलन के मुताबिक उन्होंने रीना को अपने खून से लिखा लव लैटर भेज दिया. अब रीना कोई पत्थर की बनी तो थीं नहीं जो इस अदा पर फिदा न हो जातीं. एक सामान्य भारतीय लड़की की तरह उन्होंने आमिर का प्यार कुबूल कर लिया लेकिन धर्म की दीवार इतनी मजबूत थी कि दोनों ने चोरीछिपे 18 अप्रैल, 1986 में कोर्ट में शादी करने की हिम्मत तो कर ली पर मारे डर के अपनेअपने घरों में नहीं बता पाए.

शादी करने के लिए आमिर ने खुद के 21 साल का होने का इंतजार पूरे सब्र से किया था. आमिर की साल 1984 में रिलीज हुई केतन मेहता की पहली फिल्म ‘होली’ चूंकि फ्लौप हो चुकी थी, इसलिए भी वे कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रहे थे.

जब शादी की बात रीना की छोटी बहन को पता चली तो वह सीधे आमिर के घर जा धमकी और शादी की बात उजागर कर दी. इस पर आमिर के पिता ताहिर हुसैन ने सम?ादारी और मौके की नजाकत देखते कोई एतराज नहीं जताया और पूरे सम्मान के साथ बहू रीना को घर ले आए.

लेकिन रीना के पिता को यह सदमा बरदाश्त नहीं हुआ और वे इतने बीमार पड़ गए कि उन्हें अस्पताल में भरती करना पड़ा. इस दौरान आमिर ने उन का खूब खयाल रखा और बेटे की तरह उन की देखभाल की तो उन का दिल भी फिल्मी स्टाइल में पसीज गया. फिर आमिर के सामने कोई दिक्कत नहीं रह गई थी.

लगान से बिगड़ी बात

इस के बाद के दिन आमिर की जिंदगी के सुनहरे दिन थे. कामयाबी, दौलत और शोहरत सब एकसाथ उन के कदम चूम रहे थे. जितने अच्छे आशिक थे उतने ही अच्छे पति भी वे साबित हुए. उसी दौरान उन्होंने अपने नाम से ही अपनी प्रोडक्शन कंपनी भी बना ली थी जिस के बैनर तले 2001 में ऐतिहासिक फिल्म ‘लगान’ रिलीज हुई थी.

इस फिल्म को कई पुरस्कार मिले थे. यह फिल्म औस्कर के लिए भी नौमिनेट हुई थी. रीना एक सफल और समर्पित पत्नी साबित हुईं जो आमिर की दूसरी कई फिल्मों की यूनिट के सदस्य रहते ‘लगान’ की असिस्टैंट डायरैक्टर भी थीं. अब तक दोनों की फैमिली परफैक्ट हो चुकी थी. बेटी का नाम इरा खान और बेटे का नाम जुनैद खान रखा.

अब तक आमिर इंडस्ट्री में अपने अभिनय के साथसाथ व्यावसायिक प्रतिभा का भी लोहा मनवा चुके थे. उन की लगभग हर फिल्म हिट होती थी. यह आमिर की खूबी ही है कि उन्होंने औसतन एक साल में एक ही फिल्म की, लेकिन पूरे डूब कर की. ‘लगान’ के बाद ‘पीके’ फिल्म इस बात की गवाह भी है.

इसी ‘लगान’ फिल्म की शूटिंग के दौरान उन का परिचय एक साधारण सी दिखने वाली दक्षिण भारतीय युवती किरण राव से हुआ जो इस फिल्म की प्रोडक्शन यूनिट का हिस्सा थी. किरण को देखते ही आमिर के दिल में वही कुछकुछ हुआ जो किशोर उम्र में रीना को देख कर होता था.

फिर जो हुआ उस की उम्मीद किसी को भी नहीं थी. आमिर ने रीना को तलाक देने का फैसला कर लिया जो उतना ही चौंकाने वाला था जितना 15 साल पहले उन से ड्रामाई तरीके से शादी कर लेने का था. शादी गुपचुप हुई थी लेकिन आमिर और रीना का तलाक एक मुकम्मल हंगामे के बीच 2005 में इस सवाल के साथ हुआ कि आखिर क्यों? इस सवाल का जवाब अगर कोई दे सकता था तो वे ये दोनों ही थे जो रहस्यमय खामोशी ओढ़े रहे.

15 साल एक छत के नीचे एक शानदार जिंदगी जीने के बाद दोनों साल 2002 में अलगअलग हो गए. शर्तों और सम?ाते के मुताबिक इरा और जुनैद को रीना अपने साथ ले गईं. बतौर गुजाराभत्ता कह लें या हक, मेहर की रकम या फिर तलाक के लिए राजी होने की राशि कह लें आमिर ने रीना को 50 करोड़ रुपए अदा किए थे.

फिल्म इंडस्ट्री का यह पहला बड़ा तलाक था जिस में पतिपत्नी ने एकदूसरे के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए थे. बस, दोनों ने चाहा और तलाक हो गया. हालांकि, कहा यह भी गया कि तलाक रीना की जिद के चलते हुआ. ‘लगान’ सुपरडुपर हिट हुई लेकिन आमिर की जिंदगी से रीना को छीन ले गई, इस के बजाय यह कहना ज्यादा बेहतर होगा कि रीना की जिंदगी से आमिर को छीन ले गई. कुछ दिन मीडिया ने शोर मचाया लेकिन फिर सब भूल गए. फिल्म इंडस्ट्री में रोज नई खबरें पैदा होती और मरती हैं, यह तलाक इस रिवाज का अपवाद साबित नहीं हुआ.

फिर 2005 में एक सनसनाती खबर आई कि तलाकशुदा अधेड़ उम्र के आमिर ने किरण राव से शादी कर ली. फिल्म इंडस्ट्री के लिहाज से यह कोई हैरान कर देने वाली बात नहीं थी और जानने वालों के लिए अपेक्षित भी थी. हल्ला मचा और फिर शांत हो गया.

सुनीसुनी सी दास्तां

उम्र के इस फर्क ने इन के वैवाहिक जीवन पर कोई खास फर्क नहीं डाला. किरण के लिए सबकुछ नया था लेकिन आमिर की स्थिति ‘निकाह’ फिल्म की सलमा आगा सरीखी थी जो दूसरे पति राज बब्बर के साथ भी उसी शहर में उसी होटल में उसी कमरे में हनीमून मनाने जाती है जिस में कभी पहले पति दीपक पाराशर के साथ आई थी. आमिर के लिए हुआ इतनाभर था कि रीना की जगह किरण ने ले ली थी जो तेलंगाना के एक प्रतिष्ठित और संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती थीं.

वक्त गुजरता गया और एक बार फिर आमिर खान खुद को एक ईमानदार पति साबित करने में जुट गए. इस का उदाहरण किरण की एक शारीरिक कमजोरी के वक्त देखने में आया था कि वे सामान्य ढंग से गर्भधारण नहीं कर पा रही थीं चिकित्सीय भाषा में कहें तो कंसीव नहीं कर पा रहीं थीं. तब इन दोनों ने कृत्रिम तरीके का सहारा लिया जिस से बेटा आजाद पैदा हुआ. किरण और आमिर उतने ही खुश थे जितने कभी रीना और आमिर हुआ करते थे. किरण भी फिल्ममेकिंग में आ गईं जिस से आमिर को काफी सहूलियत रही.

एक तलाक और सही

सबकुछ ठीकठाक चल रहा था कि बीती 3 जुलाई, 2021 को आमिर और किरण के तलाक की खबर बेहद साधारण तरीके से आई. एक संयुक्त पत्र में दोनों ने एकदूसरे के प्रति प्रतिबद्धता जताते कुछ दार्शनिक किस्म की बातें भी कहीं जो जिंदगी और दुनिया से ज्यादा किताबों में अच्छी लगती हैं मगर हकीकत में बहुत बेढंगी और कड़वी होती हैं. प्रिंट और इलैक्ट्रोनिक मीडिया ने तो आमिर के इस आग्रह को मान लिया था कि तलाक का मसला चूंकि व्यक्तिगत है इसलिए बात का बतंगड़ न बनाया जाए लेकिन सोशल मीडिया ने आमिर पर कोई रहम नहीं दिखाया.

किसी ने यह कहा था कि यह आदमी हिंदू लड़कियों से शादी कर उन्हें तलाक दे देता है तो किसी ने उन के इस बयान पर ताना मारा था कि अब हिंदुस्तान में डर नहीं लगता क्या. किसी ने इसे लव जिहाद बताया और किसी ने ट्वीट किया, ‘इन का सही है कि शादी करो, 2-3 बच्चे पैदा करो और फिर बीवी को छोड़ दो.’

इन बातों और भड़ास के कोई तात्कालिक या दीर्घकालिक माने नहीं हैं लेकिन आमिर की शादियों और तलाकों में कई समानताएं काफीकुछ सोचने को मजबूर करती हैं, मसलन हिंदू लड़की से ही प्यार होना, उन के साथ लगभग 15-15 साल गुजारना. दोनों बीवियों को बेइंतहा चाहना और फिर तलाक के साथसाथ मोटी रकम दे देना.

इसी दौरान उन का नाम ‘दंगल’ फिल्म में उन की बेटी गीता फोगाट का रोल कर चुकी फातिमा सना शेख के साथ जुड़ रहा था जो ‘ठग्स औफ हिंदुस्तान’ फिल्म में भी थीं. अब अंदाजा लगाया जा रहा था कि वे अब तीसरी शादी उस के साथ करेंगे लेकिन जब राज खुला तो नाम और चेहरा गौरी स्पै्रट का सामने आया. Aamir Khan Marriage

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