Mongol Empire: चंगेज खान को इतिहास में हमेशा खलनायक के तौर पर देखा जाता है. इस बात में काफी सच्चाई भी है परंतु हर व्यक्ति के किरदार में कई विरोधाभास भी होते हैं. कू्रर आदमी में भी इंसानियत हो सकती है. जब हम चंगेज खान के किरदार को बारीकी से देखते हैं तो उस में भी इंसानियत, प्रेम और मर्यादा के उच्चतम मूल्य नजर आते हैं.
चंगेज खान की क्रूरता के बारे में बहुतकुछ लिखा जा चुका है. दुनिया उसे एक ऐसे क्रूर और बेरहम कातिल के रूप में याद करती है जिस ने चीन से ले कर भारत तक खून की नदियां बहा दी थीं. इतिहास के किसी भी विजेता के 2 इतिहास होते हैं. एक इतिहास वह जो उस के मुल्क में लिखा गया होता है. दूसरा इतिहास वह जिसे उस के द्वारा जीते गए मुल्कों ने लिखा होता है.
एक जगह जो हीरो होता तो दूसरा इतिहास उसे विलेन साबित करने की कोशिश करता है. मोहम्मद गजनवी, मोहम्मद गौरी, बाबर, तैमूर और नादिर शाह ये सभी आक्रांता हमारे लिए बेशक विलेन हैं लेकिन इन के अपने देश में ये सभी हीरो हैं. हमारे पास इन के विलेन होने की सैकड़ों कहानियां हैं तो अपने इलाके में इन के हीरो होने की सैकड़ों दास्तानें मौजूद हैं.
इस में कोई शक नहीं की दुनिया के लिए चंगेज खान एक निहायत ही क्रूर व्यक्ति था लेकिन मंगोलिया के लिए आज भी वह नायक ही है. चंगेज खान की तुलना हिटलर से नहीं हो सकती. जरमनी के लोग हिटलर को मसीहा नहीं मानते, इसलिए जरमनी में हिटलर की कोई प्रतिमा मौजूद नहीं है. लेकिन मंगोलिया में चंगेज खान की सैकड़ों फुट ऊंची मूर्ति खड़ी है. चंगेज खान आज भी मंगोलियन लोगों के दिलों पर राज करता है. पूरी दुनिया के साथ ही जरमनी के लिए भी हिटलर विलेन है लेकिन मंगोलिया के लिए चंगेज खान लीजेंड है.
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