सरिता विशेष

टेलिकौम औपरेटर कंपनी बीएसएनएल की अभी भी पूरे भारत में 4G सेवाएं उपलब्ध नहीं है. अब कंपनी 5G लाने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस क्रम में बीएसएनएल ने नोकिया और जेडटीई के साथ साझेदारी की है. अभी के लिए बीएसएनएल दिल्ली और मुंबई को छोड़कर पूरे भारत में अपनी 4G सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है.

क्या है कंपनी का कहना : बीएसएनएल के चेयरमैन और एमडी अनुपम श्रीवास्तव ने कहा – ”सरकार इक्विटी के रूप में 7000 करोड़ रुपये कंपनी को देने को तैयार है. वहीं, हम 5500 करोड़ रुपये के आस-पास निवेश करेंगे. हमे उम्मीद है की अप्रैल तक इसकी मंजूरी मिल जाएगी.”

बीएसएनएल ने नोकिया और जेडटीई के साथ 4G नेटवर्क लाने के लिए अनुबंध करार किया है. कंपनी ने डिपार्टमेंट औफ टेलीकम्यूनिकेशन से भी अलग से 4G स्पेक्ट्रम अलौट करने के लिए बात की है. इससे पहले, कंपनी ने सरकार से 4G सेवाएं लाने के लिए 2100 MHz में 5Mhz स्पेक्ट्रम (राजस्थान को छोड़कर) के लिए निवेदन किया था.

श्रीवास्तव के अनुसार, भारत में अगले वर्ष तक 5G आने की सम्भावना है. फिलहाल, कंपनी वाई-फाई हौटस्पौट लगा रही है. कंपनी का लक्ष्य एक साल में 100000 वाई-फाई हौटस्पौट्स लगाने का है और उससे 200 से 250 करोड़ रेवन्यू कमाने का है.

इसी के साथ आपको बता दें, भारती एयरटेल और हुवावे ने भारत में 5G को लेकर आने की योजना को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दोनों कंपनियों ने मिलकर 5G का पहला ट्रायल रन कर लिया है. इस मामले में एयरटेल ने कहा की एक छोटा सा ट्रायल भी भारत में 5G क्रांति की शुरुआत कही जा सकती है. 5G मोबाइल नेटवर्क 4G नेटवर्क की तुलना में 100 गुना ज्यादा स्पीड देने में सक्षम हैं.

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भारती एयरटेल के नेटवर्क्स डायरेक्टर अभय ने कहा की – ” 5G को लेकर आने का वादा अंतहीन है. 5G नेटवर्किंग का पूरा गेम ही बदल देगा. इससे हमारे जीने, काम करने और घुलने-मिलने का तरीका बदल जाएगा. हम अपने पार्टनर के साथ भारत में 5G ईकोसिस्टम लाने के लिए प्रतिबद्ध है. ”

भारत में 2020 तक आ सकता है 5G: भारत में 5G नेटवर्क उपभोक्ताओं तक 2020 तक पहुंच सकता है. अभी के लिए 5G उपलब्ध कराने का लक्ष्य 2020 को रखा है. इसी अंतराल में कथित योजनाओं और लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने उच्च स्तरीय फोरम सेटअप किया है. इस फोरम के तहत भारत में 5G लाने के रोडमैप और एक्शन प्लान मंजूर किए जाएंगे.

टेलिकौम सेक्रेटरी अरुणा सुंदरराजन ने हाल ही में बताया है की टेलिकौम डिपार्टमेंट जून 2018 तक 5G रोडमैप को अंतिम रूप दे देगा. हालांकि टेलिकौम इंडस्ट्री जो 7 लाख करोड़ से ज्यादा के कर्जे में है (मार्किट में रिलायंस जियो के आने के बाद बढ़ी प्रतिस्पर्धा के कारण) सरकार से 5G स्पेक्ट्रम औक्शन को लेकर थोड़ा धीरे आगे बढ़ने का निवेदन किया है. लेकिन जाहिर तौर से एयरटेल 5G के लिए पहले से तैयार हो रही है.

एयरटेल और हुवावे ने किया 5G ट्रायल: 3.5GHz बैंड के अंदर 3Gbps स्पीड की हासिल एयरटेल ने हुवावे के साथ ट्रायल रन में 3Gbps तक स्पीड हासिल कर ली है. यह स्पीड 3.5GHz बैंड के अंदर किसी भी मोबाइल नेटवर्क द्वारा प्राप्त की गई उच्चतम स्पीड है. इस ट्रायल रन में 5G कोर और 50GE नेटवर्क स्लाइसिंग राऊटर का प्रयोग किया गया था.

हुवावे के वायरलेस मार्केटिंग डायरेक्टर ने भारत में किए गए ट्रायल टेस्ट को लेकर कहा की – ”हमें इंडस्ट्री प्लेयर्स के साथ काम करते रहना चाहिए. इससे मोबाइल ब्रौडबैंड और बड़े ईको सिस्टम के निर्माण को और बेहतर किया जा सकेगा.”

एयरटेल ने साउथ कोरियाई SK टेलिकौम के साथ भी की 5G के लिए साझेदारी: यह बात ध्यान देने लायक है की एयरटेल के 5G प्रयास हुवावे तक ही सीमित नहीं है. एयरटेल ने इससे पहले साउथ कोरियाई फर्म के साथ भी 5G विकास, सौफ्टवेयर, नेटवर्किंग और इंटरनेट औफ थिंग्स आदि पर काम करने के लिए साझेदारी की थी.