कहानी

By लतिका बत्रा | 20 February 2017
मास्टरजी के हार्ट अटैक के समय अस्पताल में सुरभि को एक बार फिर उन अपनों की कमी खलने लगी थी जिन का अस्तित्व कभी था ही नहीं.