सरिता विशेष

असम की नव निर्वाचित विधायक अंगूर लता डेका की खूबसूरती अब हर कोई देख रहा है और एक अलग सी फीलिंग लोगों को हो रही है, क्योंकि भाजपा की यह विधायक सफल अभिनेत्री भी है और कामयाब मॉडल भी, जिसके कई फोटो वायरल हो चुके हैं, जिनमे वह ब्रेस्ट और हिप्स दिखाते नज़र आ रही हैं. एक मॉडल और अभिनेत्री के लिये ऐसे फोटो खिचाना शर्म की नहीं, बल्कि शान की बात होती है और कामयाबी की गारंटी भी. यह उसकी व्यवसायिक ज़रूरत भी होती है.

फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने अंगूर लता को लेकर ट्वीट किया कि अगर एमएलए ऐसे दिखने लगें, तो समझो राजनीति मे अच्छे दिन आ गये. थेंक यू अंगूर लता जी. थेंक यू मोदी जी. पहली वार मुझे राजनीति अच्छी लगी. इस ट्वीट को अन्यथा लेते हुये कइयों ने राम गोपाल वर्मा को आडे हाथो लिया. कुछ ने तो उन्हे पागल तक कह दिया. देखा जाये तो रामगोपाल ने कोई आपत्तिजनक बात नहीं की है, बल्कि एक बेइंतिहा और आकर्षक युवती की खूबसूरती की तारीफ करते राजनीति मे आने पर उसका स्वागत ही किया है, जिसमे प्रयुक्त शब्दों मे कोई छिछोरापन या सस्तापन नहीं है. ना ही रामगोपाल की मंशा घटिया लग रही है.

दरअसल मे अंगूर लता को लेकर ही लोग कुंठित हैं और भगवावादी उसे दीपिका चीखलीया जैसा माता सीता सरीखा ट्रीटमेंट देना चाह रहे हैं. पर अंगूर लता उनके पौराणिक पैमाने पर खरी नहीं उतर रही. इसलिये परम्परा वादी बौखलाए हुये हैं. मानो अंगूर लता पर उनका कापीराइट हो गया हो. अक्सर युवतियों के कथित उत्तेजक पहनावे को लेकर आपत्तियों जताने और फतवे जारी करने वाले धर्म के ठेकेदारों के गले की हड्डी यह नई विधायक बन गई है, तो भड़ास किसी बेचारे रामू पर निकालने से क्या फायदा. सच तो यह कि वाकई अंगूर लता सुंदर है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिये. वजह मौजूदा राजनीति मे आकर्षक युवतियों का टोटा है और जो हैं, वे बूढ़ी हो चली हैं.