फैट कई तरह का होता है जैसे ब्लड लिपिडस यानी खून में फैट, सबक्युटेनियस फैट यानी स्किन के नीचे वाला फैट. इस में शरीर के कुल फैट का एक बड़ा भाग सबक्युटेनियस फैट के रूप में त्वचा के नीचे जमा रहता है, विसरल फैट यानी अंदरूनी अंगों के बीच वाला फैट. किसी भी वयस्क में विसरल फैट की आदर्श मात्रा 12 फीसदी तक होती है.

हमारे शरीर के फैट में बीटा 3 और अल्फा 2 नाम के रिसैप्टर होते हैं. बीटा 3 रिसैप्टर का फैट घटाना आसान होता है जबकि अल्फा 2 रिसैप्टर का फैट घटाना थोड़ा मुश्किल होता है. पेट, कमर और हिप्स के आसपास के फैट में अल्फा 2 रिसैप्टर ज्यादा होते हैं, इसलिए वहां का फैट बहुत देर से घटना शुरू होता है. ऐसे में पेट का फैट पूरी तरह तभी घटेगा जब शरीर के बाकी हिस्सों का फैट घटेगा.

पेट के फैट को तुरंत कम नहीं किया जा सकता. पेट का फैट कम करने के लिए यह जानना जरूरी है कि आप की टमी किस तरह की है ताकि आप अपनी टमी को समझ कर उसी के अनुसार उस का फैट कम करने की कोशिश करें.  आइए, जानें अलगअलग टमी के बारे में:

स्पेयर टायर टमी

इस तरह की टमी में पेट के चारों तरफ टायर होता है यानी यह एकसमान चारों तरफ फैली होती है.

यह तब होता है जब ऐक्सरसाइज बहुत कम की जाती है और खाने में शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. इस में टमी के साथसाथ फैट पैरों और हिप्स पर भी आ जाता है.

मेकओवर प्लान

– शराब से दूर रहें, शराब एक तरह का फैट बाम है. इस से प्योर शुगर सीधे आप के पेट में जाती है.

– लो फैट डाइट स्नैक को अवौइड करें. ये सभी प्रीपैक्ड प्रोडक्ट होते हैं, जिन में भरपूर मात्रा में कैमिकल्स, रिफाइंड शुगर, साल्ट, प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं ताकि उस में फ्लेवर आ सके.

– जो भी खाएं फ्रैश खाएं. फिर चाहे वह फिश हो, अंडा हो, स्लाइस मीट हो या फिर ग्रिल्ड चिकन.

– घर में थोड़ी ऐक्सरसाइज जरूर करें.

द स्ट्रैस टमी

इस कंडीशन में पेट नीचे की तरफ लटका होता है. इस समस्या के शिकार ज्यादातर परफैक्शनिस्ट होते हैं. उन्हें पाचन संबंधी समस्या होती है, जिस के चलते अकसर पेट फूला रहता है और पेट दबाने पर टाइट होता है.

वक्त पर खाना न खाना, जंक फूड और ज्यादा मात्रा में कैफीन जैसे चाय, कौफी, चौकलेट, ड्रिंक्स आदि चीजें लेना स्ट्रैस टमी के कारण हैं.

मेकओवर प्लान

– चिंता में डूबी रहने वाली महिलाओं के सोने का तरीका हमेशा गलत होता है, जिस की वजह से भूख को नियंत्रित करने और पाचनक्रिया को ठीक रखने वाले हारमोन गड़बड़ा जाते हैं. यही वजह है कि जब वे थकी होती हैं तो बहुत ज्यादा भूख महसूस करती हैं और खूब खा लेती हैं, जिस की वजह से बेवजह फैट बढ़ता है. इसलिए रात को सोने के लिए बैड पर जाने से पहले चायकौफी न पीएं और अच्छी नींद के लिए कुछ रिलैक्सेशन जैसे लंबी गहरी सांसें लेना जैसी ऐक्सरसाइज करें और सही पोस्चर के साथ नींद लें.

– मैग्नीशियम से युक्त हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं. नट्स और साबूत अनाज खाएं. मैग्नीशियम दिमाग को शांत रखता है और स्ट्रैस को रिलीज करता है, इसलिए अपने भोजन में मैग्नीशियम को जगह जरूर दें.

लो बैली फैट

इस में पेट ऊपर के बजाय नीचे की ओर ज्यादा निकला होता है. इस तरह के मोटापे से पीडि़त लोग शरीर के बाकी हिस्सों से पूरी तरह स्लिम दिखते हैं, लेकिन पेट के निचले हिस्से में फैट जमा होने की वजह से मोटे दिखते हैं.

पेट के निचले हिस्से का मोटापा अकसर एक जगह बैठ कर लगातार काम करने की आदत और एक ही तरह का खाना खाने की वजह से होता है.

मेकओवर प्लान

– बैलेंस डाइट और नियमित ऐक्सरसाइज करने से आप अपना वजन कंट्रोल कर सकती हैं.

– रोज एक ही तरह का भोजन न लें. उस में बदलाव करती रहें. यहां तक कि एक ही औयल लंबे समय तक यूज न करें. तेल का ब्रैंड बदलती रहें.

द्य डब्बाबंद जूस के बजाय घर पर ही फ्रैश गाजर, अनार, मौसंबी का जूस निकाल कर पीएं.

– पेट के निचले भाग के फैट को घटाने के लिए रोज 7-8 गिलास पानी पीएं. इस से शरीर की गंदगी बाहर निकलेगी और आप का मैटाबोलिज्म बढ़ेगा.

– भोजन में नमक की मात्रा कम करें.

– चीनी की जगह शहद का सेवन करें.

– सुबह की चाय या कौफी में दालचीनी पाउडर डाल कर शुगर को कंट्रोल कर सकती हैं.

– भूख लगने पर संतरे खाएं. इस से भूख भी खत्म होगी और आप मोटी भी नहीं होंगी.

द लिटिल पोच

इस में पेट हलका उभार लिए होता है. ये काफी बिजी रहने वाली महिलाएं होती हैं और डिमांडिंग प्रोफैशनलिस्ट होती हैं. ये वर्कआउट तो करती ही हैं, साथ ही स्टिक डाइट प्लान भी फौलो करती हैं.

महिलाएं जिम बहुत ज्यादा करती हैं यानी वहां क्रंचेस वगैरह अपनी जरूरत से ज्यादा करती हैं. सिर्फ ज्यादा ही नहीं, बल्कि गलत तरीके से भी करती हैं. इन्हें सिर्फ ऐक्सरसाइज करने से मतलब होता है. वे क्या और क्यों कर रही हैं, इस के बारे में उन्हें पता नहीं होता. यही वजह है कि गलत तरीके से ऐक्सरसाइज करने की वजह से इन की टमी की मसल्स फूल जाती हैं और टमी पर फैट बढ़ जाता है.

मेकओवर प्लान

– जो भी ऐक्सरसाइज करें अपने जिम ओनर से पूछ कर ही करें.

– अपने दिमाग से यह निकाल दें कि जितनी ज्यादा ऐक्सरसाइज करेंगी उतनी जल्दी पतली होंगी. ज्यादा नहीं बल्कि सही ऐक्सरसाइज करनी जरूरी है.

– फैट कम करने के लिए सिर्फ ऐक्सरसाइज करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस के साथ अपनी डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है.

– अपने भोजन में हरी सब्जियां, फाइबर और फल शामिल करें.

– सुबह के नाश्ते में ओट्स विद वैजीटेबल आप के लिए सब से अच्छा नाश्ता है, क्योंकि इस से पेट भी भरेगा और बहुत सा फाइबर भी बौडी में जाएगा.

अमेरिका में रिसर्च कंपनी मिंटेल के सर्वे में बताया गया है कि 45 से 64 साल आयुवर्ग की 72 फीसदी महिलाओं ने अपने पेट पर ऐक्स्ट्रा फैट को एक बड़ी समस्या बताया. ऐस्ट्रोजन हारमोन के घटने से 38 की उम्र के बाद महिलाओं में पेट पर फैट जल्दी जमा होने लगता है. ऐसे में नियमित ऐक्सरसाइज न की जाए तो मैटाबोलिज्म कम होने लगता है. स्ट्रैस भी एक वजह है. स्ट्रैस से कार्टिसोल हारमोन रिलीज होता है. इस से शरीर विसरल फैट ज्यादा जमा करने लगता है.