मोबाइल सेवा का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह अच्छी खबर है लेकिन मोबाइल सेवाप्रदाता कंपनियां हड़कंप मचा रही हैं. मोबाइल सेवाधारकों के लिए नैनू नाम से एक ऐप विकसित की गई है जिस के इस्तेमाल से मोबाइल नंबर से अपने लैंडलाइन कनैक्शन के जरिए देशविदेश में निशुल्क कौल की जा सकती है. नैनू ऐप से प्रतिदिन उपभोक्ता राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सीमित कौल निशुल्क कर सकते हैं. ये कौल देश में उन मोबाइल नंबर अथवा लैंडलाइन नंबर पर भी मुफ्त में की जा सकती हैं जिन में यह ऐप डाउनलोड नहीं की गई है.

नैनू इस के लिए सेवाप्रदाता कंपनी को भुगतान करता है. इस के बावजूद निजी क्षेत्र की मोबाइल सेवाप्रदाता कंपनियों ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई से उस की शिकायत की है और कहा कि यह भारतीय टैलीग्राफ अधिनियम का उल्लंघन है.

कंपनियों का कहना है कि ऐप के लिए टैलीकौम लाइसैंस के इस्तेमाल की जरूरत नहीं, इसलिए किसी भी कनैक्शन से इस के जरिए फोनकौल करने अथवा इंटरनैट सेवा लेना सुरक्षा के लिहाज से भी अच्छा नहीं है. सैलुलर औपरेटर्स एसोसिएशन औफ इंडिया ने इस की शिकायत ट्राई के साथ ही दूरसंचार मंत्रालय से भी की है. ट्राई तो पहले ही नैट निरपेक्षता यानी नैट न्यूट्रैलिटी के तहत इस तरह के ऐप के बारे में विचारविमर्श कर चुका है और इस के लिए दिशानिर्देश तय करने जैसे बिंदु पर सलाहमशवरा मांग रहा है. सेवाप्रदाता कंपनियों को उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधा से परेशान नहीं होना चाहिए. इस ऐप को ले कर परेशानी सरकारी क्षेत्र नहीं, सिर्फ निजी क्षेत्र के औपरेटरों को हो रही है. निजी क्षेत्र के सेवाप्रदाताओं द्वारा उपभोक्ताओं को लूटने की खबरें आएदिन आती हैं. देश के करीब 80 करोड़ लोगों द्वारा मोबाइल सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है और ज्यादातर उपभोक्ता निजी क्षेत्र के सेवाप्रदाताओं से परेशान हैं.