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बजट के बाद सरकार ने पेट्रोल-डीजल से 2 रुपए की एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इसके बाद तेजी से खबर फैली की पेट्रोल-डीजल 2 रुपए तक सस्ता हो गया है. हालांकि, थोड़ी देर बाद सरकार ने इस पर सफाई जारी की. वित्त सचिव ने कहा एक्साइज ड्यूटी से 2 रुपए घटाकर उसे सेस में बदला गया है. सरकार ने सिर्फ इतना ही किया है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं हुआ है. आपको बता दें, बजट के बाद सरकार के ऐलान को समझा गया था कि पेट्रोल-डीजल 2 रुपए सस्ता हो गया है.

आम आदमी पर कोई फायदा नहीं

वित्त सचिव हंसमुख आढिया ने कहा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फायदा आम आदमी पर नहीं होगा. क्योंकि, एक्साइज ड्यूटी 2 रुपए घटाकर उसे सेस में बदला गया है. खबरें जो फैल रही हैं वो पूरी तरह गलत हैं.

क्या हुआ कंफ्यूजन

वित्त मंत्री ने बताया कि बेसिक एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए प्रति लीटर कटौती की गई है. इसके अलावा अडिशनल एक्साइज ड्यूटी में भी 6 रुपए की कमी की गई है, लेकिन इसके स्थान पर 8 रुपए प्रति लीटर के रोड सेस की शुरुआत की गई.

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पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाया गया

बजट में वित्तमंत्री ने पेट्रोल और हाइस्पीड डीजल पर 8 रुपए प्रति लीटर का सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगाया है. इसले अलावा ब्रांड रहित पेट्रोल पर ड्यूटी 6.48 रुपए से घटाकर 4.48 रुपए कर दी गई है. ब्रांड वाले पेट्रोल पर ड्यूटी 7.66 रुपए से घटाकर 5.66 रुपए की गई है. इसके अलावा ब्रांड रहित डीजल पर ड्यूटी 8.33 रुपए से घटाकर 6.33 रुपए की गई है. ब्रांड वाले डीजल पर ड्यूटी 10.69 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 8.69 रुपए किया गया है.

इन आधार पर तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

औयल मार्केटिंग कंपनियां तीन आधार पर पेट्रोल और डीजल के रेट्स तय करती हैं. पहला इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड (कच्चे तेल का भाव). दूसरा देश में इंपोर्ट (आयात) करते वक्त भारतीय रुपए की डौलर के मुकाबले कीमत. इसके अलावा तीसरा आधार इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के क्या भाव हैं.

क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगा पेट्रोल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़तोरी से पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी वृद्धि हो चुकी है. 2014 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद पेट्रोल का दाम सबसे अधिक हो गया है. दिल्ली में आज पेट्रोल का दाम 72.92 रुपए प्रति लीटर है. डीजल 64 रुपए लीटर बिक रहा है.

9 बार बढ़ चुकी है एक्साइज ड्यूटी

केंद्र सरकार ने नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी. सरकार ने क्रूड में आई तेज गिरावट का फायदा उठाते हुए अपना खजाना भरने के लिए यह कदम उठाया था. सरकार ने पिछले साल सिर्फ एक बार अक्टूबर में एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी.

ऐसे सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की बात लंबे समय से चल रही है. सरकार ने संकेत दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल को इसके दायरे में लगाया जाएगा. सबकी निगाहें जीएसटी काउंसिल की 18 जनवरी को होने वाली साल की पहली बैठक पर टिकी हैं. उम्मीद है कि काउंसिल इस मामले में अहम फैसला ले सकती है. अगर इस पर मुहर लगती है तो पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता हो सकता है.

क्यों सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल

जीएसटी काउंसिल अगर पेट्रोल-डीजल पर 28 फीसदी जीएसटी लगाती है तो भी आम आदमी को पेट्रोल और डीजल 50 रुपए से कम में पड़ेगा. इससे कच्चे तेल की लगातार बढ़ रही कीमतों से काफी राहत मिलेगी. वहीं, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर से राज्यों से अपील की है कि वो अपने यहां वैट की दरों को कम करें.