केवल एक किलोमीटर के दायरे में फैले खजुराहो के कसबे में खुद को ले कर कभी यह गलतफहमी हो जाना स्वाभाविक बात है कि हम विदेश के किसी देसी महल्ले में हैं. वजह, खजुराहो में देसी कम, विदेशी पर्यटक ज्यादा नजर आते हैं. मुंबई और दिल्ली के बाद सब से ज्यादा पर्यटक आगरा, बनारस और जयपुर से हो कर खजुराहो आते हैं. इसलिए भारत घूमने आए पर्यटकों की प्राथमिकता खजुराहो होती है तो बात कतई हैरत की नहीं है क्योंकि मैथुनरत मूर्तियां वह भी तरहतरह की मुद्राओं में, यहां के मंदिरों की दीवारों में उकेरी गई हैं जो जिज्ञासा के साथसाथ उत्तेजना भी पैदा करती हैं.

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