संदीप, स्मिति, वंदना तीनों बच्चे सपरिवार पिछले 24 वर्षों से अमेरिका के अलगअलग राज्यों में रहते आ रहे हैं. तीनों ने वहीं की नागरिकता ले ली है. हम दोनों पतिपत्नी यहां चंडीगढ़ में रहते हैं. 2-3 साल में बच्चों के पास अमेरिका चले जाते हैं. वे भी चंडीगढ़ आते रहते हैं. उन के साथ अमेरिका के कई सुंदर, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थानों को देखने का अवसर प्राप्त होता रहता है.
संदीप काम के सिलसिले में कुछ वर्ष के लिए सपरिवार न्यूयार्क में था. हम उस के पास न्यूयार्क गए थे. मिशिगन, इलिनाय, फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया के मनोहारी स्थलों के भ्रमण करने के बाद न्यूयार्क शहर ने चुंबक की भांति हमें अपने मोहपाश में बांध लिया. गगनचुंबी इमारतों की ऊपरी मंजिल से नीचे देखने पर दौड़तीभागती कारों, इंसानों की भीड़ ऐसे दिखती थी मानो चींटियां द्रुत गति से भागी जा रही हों. फिल्मों में, चित्रों में, पत्रपत्रिकाओं में न्यूयार्क के बारे में देख रखा था, पढ़ रखा था परंतु प्रत्यक्ष देखने पर मंत्रमुग्ध से रह गए.
न्यूयार्क संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रथम राजधानी था. यहीं 30 अप्रैल, 1789 को प्रथम राष्ट्रपति जौर्ज वाश्ंिगटन ने शपथ ग्रहण की थी. 
न्यूयार्क में 4 अन्य नगर हैं: बु्रकलीन, क्वीन्स, स्टेटन द्वीप तथा ब्रौंक्स. ये चारों नगर मुख्य रूप से आवासीय हैं. पर इन का अपना अलग ही आकर्षण है. पढ़ने, सुनने तथा देखने के बाद प्रस्तुत है न्यूयार्क के विशिष्ट दर्शनीय स्थलों की एक झलक :
मैनहटन द्वीप के 3 प्रमुख भाग हैं. मिडटाउन, डाउनटाउन और अपटाउन.मिडटाउन में हैं अनेक महंगे व सस्ते होटल व आवासीय स्थान. पैदल चलने के लिए हैं चौड़ी, पक्की साफसुथरी पगडंडियां. पानी पर बसा न्यूयार्क शहर 65 पुलों से आपस में जुड़ा है. 14 पुल मैनहटन द्वीप को दूसरे स्थानों से जोड़ते हैं. ब्रुकलीन ब्रिज से रात्रि के समय बिजली के प्रकाश से शहर का मुग्धकारी दृश्य दिखाई देता है. हडसन नदी पर निर्मित 1067 मीटर लंबा जौर्ज वाश्ंिगटन ब्रिज मैनहटन को न्यूजर्सी से जोड़ता है. 1298 मीटर लंबा वरजेनो नैरोस ब्रिज बु्रकलीन से स्टेटन द्वीप तक जाता है.
न्यूयार्क शहर ‘गगनचुंबी इमारतों के शहर’ के नाम से भी विश्वप्रसिद्ध है. कुछ विशिष्ट उल्लेखनीय इमारतें ये हैं :
एंपायर स्टेट बिल्डिंग
11 सितंबर, 2001 को आतंकी हमले में वर्ल्ड टे्रड सैंटर के युगल टावर्स ध्वस्त हो जाने के बाद ‘एंपायर स्टेट बिल्ंिडग’ न्यूयार्क की सर्वोच्च बिल्ंिडग बन गई. यह 10 लाख क्यूबिक मीटर क्षेत्र में फैली है. ऊपर औब्जर्वेशन डेक पर जाने के लिए बेसमैंट में टिकट मिलते हैं. लिफ्ट पलक झपकते ही
1 मिनट में 80वीं मंजिल पर पहुंचा देती है. 86वीं मंजिल पर खड़े हो कर सागर में तैरते जहाजों का मनमोहक दृश्य देखा जा सकता है. नीचे 34वीं मंजिल में है विशाल मौल. वहां स्टोर्स में सभी लोकप्रिय, प्रसिद्ध ब्रैंड्स का सामान मिलता है.
रौकफेलर सैंटर
5वें और छठे एवेन्यू में 48वीं स्ट्रीट से 51वीं स्ट्रीट तक फैला रौकफेलर सैंटर न्यूयार्क शहर का सर्वोत्कृष्ट आकर्षण है. इंडियाना पत्थरों से निर्मित यहां की इमारतें समृद्धि, सद्भावना की प्रतीक हैं.
संयुक्त राष्ट्र संघ
प्रथम एवेन्यू में 42वीं से 48वीं स्ट्रीट पर संयुक्त राष्ट्र संघ का कार्यालय स्थित है. जौन डी रौकफेलर ने संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्यों से न्यूयार्क में मुख्यालय स्थापित करने का आग्रह किया था. इस के लिए 18 एकड़ भूमि प्रदान की गई. अमेरिकी वास्तुकार वैलेस के हैरीसन तथा फ्रैंच वास्तुशिल्पी ली-कार्बूजिए की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय वास्तुशिल्पियों ने वर्ष 1950 में मुख्यालय का निर्माणकार्य पूरा करवाया. इस में 4 प्रमुख भवन हैं. 39 मंजिली यूएन सैक्रेटेरियट बिल्ंिडग, द जनरल असैंबली, द सिक्योरिटी काउंसिल और डौग हैमरशोल्ड लाइबे्ररी. लौबी में स्थित सूचना स्थल से अधिवेशन काल में जनरल असैंबली की कार्यवाही देखने व यूएन परिसर के भ्रमण के लिए टिकट लेने पड़ते हैं.
स्टैच्यू औफ लिबर्टी
पूरे विश्व में न्यूयार्क की विशिष्ट पहचान है ‘स्टैच्यू औफ लिबर्टी’. सागर के मध्यद्वीप पर खड़ी मानवजाति को आशा का संदेश सुना रही है यह प्रतिमा. आधारशिला से ऊपर मशाल की नोक तक यह 305 फुट ऊंची है. फ्रैंच मूर्तिकार आगस्ट बार्थोलदी तथा इंजीनियर गुस्ताव एफेल ने प्रतिमा की परिकल्पना एवं निर्माण किया. 4 जुलाई, 1884 को फ्रांस की जनता ने इसे उपहारस्वरूप अमेरिका को दिया. वर्ष 1886 में प्रतिमा को न्यूयार्क के द्वीप में स्थापित किया गया. प्रतिमा के निर्माण में 2 लाख 50 हजार डौलर खर्च हुए. यह धनराशि निजी व संयुक्त प्रयासों से एकत्रित की गई. फ्रांस की जनता ने प्रतिमा का जबकि अमेरिकी जनता ने आधारशिला का व्यय वहन किया था.
बैटरी पार्क से नौका में प्रतिमा तक पहुंचने में 15 मिनट लगते हैं. ऊपर जाने के लिए लिफ्ट तथा सीढि़यां बनी हैं. प्रतिमा के ताज पर पहुंचने पर जो रोमांचक अनुभूति होती है वह शब्दातीत है.
वाल स्ट्रीट
मैनहटन के दक्षिणी छोर पर एकदूसरे से सटी ऊंची इमारतें वैश्विक वित्त व्यवस्था की धुरी हैं. 24 डौलर में खरीदे गए मैनहटन द्वीप पर कहीं दोबारा आदिवासी कब्जा 
न कर लें, इस डर से अमेरिकियों ने द्वीप की लकड़ी से घेराबंदी कर दी थी. वित्तीय व्यवस्था की धुरी वाल स्ट्रीट पर न्यूयार्क स्टौक एक्सचेंज की बिल्ंिडग बनने के साथ यह अमेरिका के दिल की वित्तीय धड़कन बन गई. दर्शक 20 ब्रौड स्ट्रीट से इस के भीतर दर्शकदीर्घा में प्रवेश करते हैं. वहां शोरशराबे, हंगामे के बीच स्टौक शेयर की टे्रडिंग व लेनदेन की प्रक्रिया देख सकते हैं. वाल स्ट्रीट का इतिहास तथा न्यूयार्क स्टौक एक्सचेंज की कार्यपद्धति को दिखाने के लिए वृत्तचित्र व प्रदर्शनी की भी व्यवस्था है. 
सैंट्रल पार्क
न्यूयार्कवासियों, पर्यटकों को प्राणवायु प्रदान करता है सैंट्रल पार्क. भीड़भाड़, दमघोंटू वातावरण से निकल कर नगरवासी यहां पर स्वच्छ, निर्मल वायु का सेवन कर नूतन ऊर्जा प्राप्त करते हैं.  मनोरम पार्क 1 किलोमीटर चौड़ा तथा 4 किलोमीटर लंबा है.
पार्क में 1 लाख से अधिक वृक्ष हैं. उन पर पक्षियों व  गिलहरियों के घोंसले हैं. पक्षियों की मधुर चहचहाहट से गूंजता यह पार्क पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है. पार्क में सैर करना, खेलना, पिकनिक मनाना सुरक्षित व सुखद है.
गरमियों में पार्क में नगरवासियों तथा पर्यटकों की चहलपहल रहती है. युवा खेल खेलते हैं. साइकिल चलाते हैं तथा जौगिंग करते हैं. सर्दियों में बर्फबारी व ठिठुरने वाली ठंड में यह संभव नहीं. तब पार्क टैनिस कोर्ट, आइस स्केटिंग रिंक तथा बच्चों के खेल के मैदान में बदल जाता है.
निचला पूर्वी क्षेत्र
सबवे से कैनाल स्ट्रीट स्टेशन पर उतरने के साथ रोमन तथा चीनी लिपि में बोर्ड दिखाई देते हैं. यह है न्यूयार्क का चाइना टाउन. यहां पर 1 लाख से अधिक चीनी प्रवासी रहते हैं. टैलीफोन बूथों की छतें पैगोडा की तरह हैं. दुकानों में चीनी हस्तशिल्प का सामान, जेड के आभूषण तथा चीन की विशिष्ट खाद्य वस्तुएं मिलती हैं. समग्र इतिहास, सभ्यता, संस्कृति की जानकारी के लिए 70 मलबरी स्ट्रीट पर ‘म्यूजियम औफ चाइनीज इन द अमेरिका’ है. सुपर मार्केट में मिलती है चीन की स्वादिष्ठ सुगंधित चाय व शानदार चीनी बरतन. 64 मोट स्ट्रीट पर बौद्ध मंदिर है.
चाइना टाउन के उत्तरपूर्व में यहूदी इलाका है. यहां पर पौलैंड, गैलिसिया और यूके्रन के विशिष्ट ब्रैंडेड कपड़े और आभूषण मिलते हैं.
प्रवासी भारतीय भी न्यूयार्क में बड़ी संख्या में हैं. कुछ उच्च पदों पर आसीन हैं तो कुछ व्यापार, व्यवसाय में हैं. इंडियन स्टोर स्थानस्थान पर हैं. इन में आवश्यकता के सभी भारतीय खाद्य पदार्थ व अन्य सामान मिलते हैं.
म्यूजियम
वैश्विक सभ्यता, कला व संस्कृति के अद्वितीय संरक्षक हैं न्यूयार्क शहर के 120 म्यूजियम. ये विश्व की पुरातन एवं आधुनिक कला व संस्कृति के संवाहक हैं. इन्हें देखने के लिए चाहिए असीमित समय. उल्लेखनीय म्यूजियम हैं : ‘मैट्रोपोलिटन म्यूजियम औफ आर्ट’, ‘म्यूजियम औफ मौडर्न आर्ट’, ‘अमेरिकन म्यूजियम औफ नैचुरल हिस्ट्री’, ‘म्यूजियम औफ द सिटी औफ न्यूयार्क’, ‘इंटरोपिड सी-एअर-स्पेस म्यूजियम’ आदि.
नियाग्रा जलप्रपात
न्यूयार्क शहर जाएं और प्रकृति के अनुपम सौंदर्य नियाग्रा जलप्रपात को न देखा तो क्या देखा. 200 फुट की ऊंचाई से दूध जैसे सफेद जल को नीचे गिरता देख कर पर्यटक स्तब्ध रह जाते हैं. उस रोमांचक सौंदर्य की केवल अनुभूति की जा सकती है, शब्दों में बांध पाना कठिन है. प्रौस्पैक्ट पौइंट से मिनी ट्राम गोट द्वीप 
तक जाती है. द्वीप नियाग्रा जलप्रपात के जल को 2 भागों में विभक्त कर देता है. पूर्व में 182 फुट ऊंचा व 1076 फुट चौड़ा अमेरिकी जलप्रपात तथा पश्चिम में 176 फुट ऊंचा और 2100 फुट चौड़ा ‘हौर्सशू’ कैनेडियन जलप्रपात है. गोट द्वीप पर हैलिकौप्टर उपलब्ध रहते हैं. इस में बैठ कर पूरे जलप्रपात की विहंगम दृश्यावली का आनंद लिया जा सकता है. लिफ्ट से दूधिया जल की धारा को नीचे नदी में गिरते देख सकते हैं. यहां के मनोरम दृश्य को देखने के लिए अनेक औब्जर्वेशन टावर बने हैं.
रात्रि के समय हौर्सशू (कैनेडियन) जलप्रपात से उत्पन्न 4 हजार मिलियन यूनिट मोमबत्तियों के बहुरंगी प्रकाश से पूरा क्षेत्र जगमगा उठता है.
अमेरिका तथा कनाडा संयुक्त रूप से नियाग्रा जलप्रपातों की अपार ऊर्जा शक्ति का दोहन कर रहे हैं. समीप ही 6.5 किलोमीटर उत्तर में है नियाग्रा पावर प्रोजैक्ट. यहां जलप्रपात से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के संसाधन हैं.
न्यूयार्क शहर में अनगिनत दर्शनीय स्थल हैं. उन को सीमाबद्ध कर पाना दुष्कर कार्य है. अनेक धर्मों, संप्रदायों, भाषाओं, भिन्न जीवनशैलियों के होते हुए भी न्यूयार्कवासी सुअवसरों, संकटों के बीच इस शहर में धैर्यपूर्वक, सौहार्द्रभाव से रहते हैं. गरमीसर्दी, यहां का राजनीतिक प्रदूषण तथा आपराधिक गतिविधियों का सामना सभी साहसपूर्वक करते हैं. धैर्य और जीवंतता न्यूयार्क शहर को विश्व का महानतम शहर बनाते हैं. वास्तव में न्यूयार्क शहर को देखे बिना अमेरिका की यात्रा अधूरी ही कहलाएगी.
कैसे जाएं : जे एफ कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय एअरपोर्ट पर विश्व की सभी प्रमुख विमान सेवाएं आती हैं. यह शांत, स्वच्छ, सुव्यवस्थित एअरपोर्ट है. एअरपोर्ट से बाहर निकलने पर लिमोजिन कारें (टैक्सी), मिनी बस उपलब्ध हैं. शहर में घूमनेफिरने के लिए टैक्सी, बस व ‘सबवे’ आदि सुविधाजनक साधन हैं.
कब जाएं : मई से अगस्त सर्वोत्तम समय है. सितंबर में हलकीहलकी ठंड शुरू हो जाती है.
आवास : रहने के लिए न्यूयार्क में महंगेसस्ते सभी प्रकार के 400 से अधिक होटल हैं. इंटरनैट पर बुकिंग करवाई जा सकती है. भोजन : चाइनीज, मैक्सिकन, इटैलियन, थाई के साथसाथ अनेक भारतीय रैस्टोरैंट भी हैं.
शौपिंग : न्यूयार्क में विशाल शौपिंग मौल्स तथा स्टोर्स हैं. आम आदमी की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए वाल मार्ट, के मार्ट तथा मैसी, हैराड, ब्लूमिंग डेल जैसे स्टोर हैं. इन में विश्व के सभी प्रतिष्ठित ब्रैंड्स का सामान मिलता है. कुछ स्टोर्स रात को 12 बजे तक खुले रहते हैं.  उचित होगा कि वापसी से कुछ दिन पहले ही शौपिंग की जाए वरना जेब पहले ही खाली हो जाएगी.

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