व्हाट्सऐप पर आपने एक ग्रुप बनाया है लेकिन इस ग्रुप के मैसेज से बेखबर हैं तो सावधान हो जाईए. हो सकता है की जिन मैसेज को आप नजरअंदाज कर रहे हैं उनके कारण आप गिरफ्तार हो सकते हैं.

दरअसल आपत्तिजनक वीडियो, पोस्ट और फर्जी खबरें ग्रुप्स पर लगातार शेयर की जा रही हैं और इस वजह से सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है. वाराणसी डिस्ट्रिक मजीस्ट्रेट योगेश्वर राम मिश्रा और सीनियर एसपी नितिन तिवारी ने इस मामले में एक ज्वाइंट ऑर्डर जारी किया है.

इस ऑर्डर के मुताबिक किसी फेसबुक और व्हाट्सऐप ग्रुप ऐडमिनिस्ट्रेटर पर एफआइआर दर्ज की जा सकती है अगर ग्रुप में भ्रामक और फर्जी पोस्ट किए जा रहे हैं. एडमिन को ऐसे पोस्ट के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए और भ्रामक खबरों को अपने ग्रुप से हटाना चाहिए. इतना ही नहीं जो मेंबर ग्रुप में इसे खबरें पोस्ट कर रहा है तो उसे हटाना चाहिए.

इस ऑर्डर में कहा गया है, ‘अगर ग्रुप ऐडमिन लापरवाही करता है तो ऐसी स्थिति में ऐडमिन को दोषी माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. भ्रामक पोस्ट को नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट किया जाना चाहिए.’

गौरतलब है कि भारत में व्हाट्सऐप के 200 मिलियन यूजर्स हैं. अब इस मामले के बाद ग्रुप एडमिन्स पर निश्चित तौर पर जिम्मेदारी बढ़ेगी और उन्हें ज्यादातर उन लोगों को ग्रुप में शामिल करना होगा जिन्हें वो जानते हैं.

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