Rajasthan Paper Leak: विश्वगुरु बनने का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार में पेपर लीक होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है. बीजेपी के शासन में पेपर लीक कोई नहीं बात तो नहीं है. मध्यप्रदेश में ही नहीं, व्यापमं जैसा खेल तो बीजेपी द्वारा शासित हर राज्य में चलता है. राजस्थान में हाल की घटना बेहद चिंताजनक है. यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. लेकिन बच्चों का भविष्य बरबाद हो, इस से भगवा सरकार को क्या फर्क पड़ता है?
राजस्थान में एक बार फिर पेपर लीक का बड़ा घोटाला सामने आया है. कृषि विज्ञान विषय की भरती परीक्षा-2022 का पेपर मात्र 60 लाख रुपए में बिक गया. इस मामले में एसओजी ने पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस खबर के बाद यह बात तो तय है कि जो युवा रातदिन मेहनत करते हैं, सपने देखते हैं कि नौकरी लग जाएगी उन का भविष्य ऐसे लोगों के हाथों ही बिक रहा है.
सरकार विश्वगुरु बनने का ढिंढोरा पीटती रहती है, लेकिन अपने ही राज्य में परीक्षाओं की हालत इतनी खस्ता है कि आरपीएससी जैसे महत्त्वपूर्ण आयोग के पेपर चोरी हो जाते हैं और उन्हें 60 लाख रुपए में बेचा जाता है. यह कोई छोटी घटना नहीं है. यह पूरी व्यवस्था की नाकामी का सुबूत है.
बीजेपी के शासन में पेपर लीक कोई नई बात नहीं है. मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले में तो सैकड़ों युवाओं की जान चली गई थी. राजस्थान में भी लगातार ऐसी घटनाएं घट रही हैं. सरकार दावा करती है कि उस ने पेपर लीक बंद कर दी. लेकिन, हकीकत इस के उलट है. 60 लाख रुपए में पेपर बिक जा रहे हैं. इस का मतलब माफिया अभी भी सक्रिय हैं. सिस्टम में बैठे लोगों की मदद के बिना यह कैसे संभव है?
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