टेक्नोलौजी कई सपनों को हकीकत में तब्दील कर देगी.  फिलहाल, 5 टेक्नोलौजी ट्रेंड्स के बारे में थोड़ा आप भी जानिए.

कृत्रिम बुद्धि : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई  या कृत्रिम बुद्धि मानव और अन्य जन्तुओं द्वारा प्रदर्शित कुदरती बुद्धि के उलट मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धि है.  कंप्यूटर विज्ञान में कृत्रिम बुद्धि की रिसर्च को ‘होशियार एजेंट’ की स्टडी माना जाता है.  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,  कंप्यूटर विज्ञान की एक ब्रांच है जो मशीनों और सौफ्टवेयर को गुप्त रूप से विकसित करती है. एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आजकल ट्रेंड में है.  इस की वजह से नौकरियां खत्म होने की बात तो होती है लेकिन 2020 तक यह करीब 2.30 करोड़ नौकरियां देगी भी. ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्किटेक्ट’ की नौकरियां खूब आएंगी. फाइनेंस और हेल्थकेयर में एआई की डिमांड बढ़ेगी.  संभव यह भी है कि एलेक्सा, अमेजन पर हमारा आर्डर भी ले पाए और टीवी, मौसम की जानकारी से ज्यादा भी बता पाए.

फोल्डेबल मोबाइलफोन : मोबाइलफोन जो मुड़ जाए. एक लाइन में बताना हो तो समझो मुड़ने वाला डिस्प्ले. कीमत किनारे कर दें तो फोल्डेबल फोन्स इस साल धमाल मचाने वाले हैं. सैमसंग ऐसे फोन की झलक दिखा चुका है. वावे भी फोल्डेबल फोन पर काम कर रहा है. नए साल के पहले क्वार्टर के बाद इन के आने की उम्मीद है. बड़ी स्क्रीन और टेबलेट का एक्सपीरियंस इन की बड़ी खूबी होगी. जेब में रखने पर या किसी आम मोबाइल फोन से भी छोटा होगा.

अमेरिका से चीन तक फाइव जी : फाइव जी (5जी) यानी हाई स्पीड इन्टरनेट. 5जी नेटवर्क के सब से पहले अमेरिका में जून माह तक शुरू होने की उम्मीद है. इस के बाद दक्षिण कोरिया, जापान और चीन में शुरू होगा. भारत में वर्ष 2022 तक इंतजार करना होगा. 5जी इन्टरनेट इतना तेज होगा कि अचानक नेटवर्क जाने की टेंशन नहीं होगी. भीड़भाड़ वाले एरिया में भी कौल एक बार में कनेक्ट होगी.  बड़ी कम्पनियां 2019 में अपने फ्लैगशिप फोन्स में5जी लाएंगी.  वनप्लस, सैमसंग, सोनी ने तो इस का एलान भी कर दिया है.

100 जीबीपीएस स्पीड :  वर्ष 2019 में इसरो के 4 सेटेलाइट सफलता से लांच हो गए तो देश में 100जीबीपीएस (गीगा बाइट पर सेकंड) इन्टरनेट की स्पीड संभव होगी. फेसबुक और एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स भी ऐसे सेटेलाइट लांच करेंगी जो अफ्रीका समेत दुनिया के बाकी देशों में इन्टरनेट की पहुंच बढ़ाएंगे. जियो फाइबर और एयरटेल के कम्पटीशन में लोगों को इन्टरनेट पर टीवी चैनल देखना सस्ता पड़ सकता है.

साइबर सुरक्षा : तकनीक के साथ उस की सेफ्टी भी बहुत अहम है. फेसबुक के डाटा ब्रीच ने इस साल साइबर सिक्योरिटी को मीडिया की हेडलाइंस बनाया.  नए साल में भी यह दुनिया के लिए चुनौती होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब हैकर्स के निशाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगी. उस पर कण्ट्रोल कर हैकर्स ज्यादा डाटा चुराने की कोशिश करेंगे. 5जी नेटवर्क के विस्तार के बाद उन के लिए वाईफाई राउटर पर भी अटैक करना आसन हो जाएगा.

तो, तैयार रहें नए साल में नईनई तकनीकों के साथ नई क्रांति में शामिल होने के लिए.  आप भी कुछ नया सोचें, करें ताकि नया साल 365 दिन यानी सालभर नया बना रहे…

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