Delhi SIR Controversy: पूरी दिल्ली इस वक़्त छावनी में तब्दील दिखाई दे रही है. चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता सड़कों पर है. पूरे देश में SIR के नाम पर चुनावों को जिस तरह बीजेपी के पक्ष में मैनेज़ किया गया जनता का यह गुस्सा उसी धांधली को लेकर है. इसी बीच दिल्ली में हुए SIR के नतीजे भी सामने आ गये हैं. जिन्हें देखकर साफ पता चलता है कि दिल्ली का SIR वोटर लिस्ट का सुधार नहीं, वोटर लिस्ट की सफाई है, और ये सफाई चुन-चुन कर की जा रही है.
दिल्ली में SIR से पहले 1.45 करोड़ वोटर थे. SIR के बाद ड्राफ्ट रोल में बचे हैं 97.54 लाख वोटर. मतलब 47.6 लाख नाम गायब हैं. यानी 32.8 परसेंट वोटर एक झटके में गायब कर दिए गये. यह 32.8 परसेंट का आंकड़ा कोई छोटा आंकड़ा नहीं है बल्कि यह पूरी दिल्ली का एक तिहाई है और इन 97.54 लाख में से भी 33.12 लाख वोटरों को चुनाव आयोग ने नोटिस के लिए फ्लैग किया है. इनमें से 13.79 लाख को अनमेप्पड विद लास्ट SIR में डाला गया है और 19.33 लाख को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में.
अब मुस्लिम वोटरों का आंकड़ा देखिए. द हिन्दू ने पूरी दिल्ली की लिस्ट डिजिटाइज करके बताया है कि दिल्ली के ड्राफ्ट रोल में मुस्लिम वोटर 13.6 परसेंट हैं, यानी करीब 13.3 लाख मुस्लिम हैं. लेकिन Logical Discrepancy में मुस्लिम 20.3 परसेंट हैं. मतलब 13.6 परसेंट आबादी पर 20.3 परसेंट नोटिस. हर 1000 मुस्लिम वोटर में 318 को फ्लैग किया गया है जबकि हर 1000 गैर-मुस्लिम में सिर्फ 197 को ही फ्लैग किया गया है.
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