Social Story in Hindi : प्रिया खीझ उठती जब उस की मम्मी धर्मकर्म व पूजापाठ में उसे भी रमने के लिए कहतीं. इसी कारण कितनी बार मम्मी से उस का झगड़ा हो जाता. किसे पता था कि उस के जीवन में धर्म का ऐसा ग्रहण लगेगा कि बस घुटन भर बची रह जाएगी.

‘‘मम्मी, आप हमेशा बस इसी तरह की बातें करती हैं. मैं बहुत परेशान हो गई हूं आप से. सच कह रही हूं, मुझा से तो आप बात ही न करो,’’ कहते हुए प्रिया नाइट ड्रैस में ही घर से निकल आई और बाहर लौन में आ कर बैठ गई. आज संडे था और उस की मम्मी के औफिस की छुट्टी थी. प्रिया मम्मी के रवैए से काफी नाराज थी.

लौन में कुरसी पर पीछे सिर टिका कर आंखें बंद कर वह बहुत देर तक बैठी रही. उस की सांसें बहुत तेज चल रही थीं. चेहरे पर गुस्सा और दिमाग में तूफान मचा हुआ था. काफी देर तक लंबीलंबी सांस लेती रही ताकि अपनेआप को शांत कर सके.

तभी रोहन का फोन आया. रोहन उस का बौयफ्रैंड था. उस ने रोहन का फोन उठाया नहीं क्योंकि उसे लग रहा था वह ठीक से बात नहीं कर पाएगी. वैसे भी, अभी उसे कुछ भी करने या कहने का दिल नहीं कर रहा था. मगर रोहन ने दोबारा कौल किया तो उस ने फोन उठा लिया.

रोहन ने पूछा , ‘‘क्या बात है, बिजी थी कहीं?’’

‘‘नहीं यार, मैं बहुत परेशान हूं. थक गई हूं अपनी मम्मी की हरकतों से. बहुत परेशान हूं, क्या बताऊं,’’ कहते हुए प्रिया रोंआसी सी हो गई.

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