मां के आंचल से हाथ पोंछने की मेरी बचपन की आदत थी. इस आदत को ले कर पिताजी हमेशा टोकते थे लेकिन ऐसा करने पर मां का चेहरा ममता से भर उठता. दिक्कत तो तब होती थी जब नौकरी के लिए परीक्षा देने के लिए बाहर जाता या कभी किसी अन्य काम से खाना खाने के बाद जब नैपकिन मिलता तो मां का पल्लू याद आ जाता. ऐसा लगता कि या तो पेट नहीं भरा या खाना ही ठीक नहीं था.?

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