विधि आयोग ने सरकार से कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को सूचना का अधिकार कानून के तहत लाना चाहिए. यह अच्छी बात है पर सरकार इसे मानेगी, ऐसा लगता नहीं क्योंकि अब तक किसी सरकार ने शायद ही बीसीसीआई पर ऐसा कोई कदम उठाया हो.

बीसीसीआई हमेशा से राजनेताओं और उद्योगपतियों की जागीर रही है. इन लोगों ने बीसीसीआई को कमाऊ संस्था बना कर रखा हुआ है. लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट को सख्त रवैया अपनाना पड़ा था.

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