हम भारतीयों का भी जवाब नहीं. अगर कल के मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को हरवा दिया होता तो यकीनन वे ही इस सदी के सब से बड़े विलेन बनते. इस की एक बड़ी वजह यह है कि उन का पिछला साल कुछ खास नहीं गया था. अब उन्होंने 3 मैचों में लगातार 3 हाफ सैंचुरी लगा तो दी हैं पर उन्होंने अपना मैच फिनिशर का वह अलहदा रंग नहीं दिखाया है जो वे अकसर दिखाते रहे हैं. आज उन की वनडे इंटरनैशनल मैचों में 70वीं हाफ सैंचुरी का जो राग अलापा जा रहा है वह थोड़ा सा बेसुरा है. बेसुरा इसलिए कि इस वनडे सीरीज में उन का नाम आना खुद में चौंकाने वाली बात थी. उन पर वर्ल्ड कप से पहले एक दांव खेला गया था. वे 37 साल के हो चुके हैं और क्रिकेट में इतनी उम्र में खिलाड़ी रिटायरमैंट की दहलीज पर खड़े होते हैं.

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