राजस्थान के अलवर में एक बार फिर तथाकथित गौरक्षकों ने एक शख्स की पीटपीट कर हत्या कर दी. हरियाणा के नूंह में रहने वाले अकबर को पीटपीट कर मार डाला गया. अलवर में गौरक्षकों के हाथों यह ऐसी तीसरी वहशी वारदात है जब भक्तों की भीड़ ने किसी को गौतस्करी के नाम पर मौत के घाट उतारा है. पिछले साल ऐसे ही पहलू खान और उमर खान की भी हत्या कर दी गई थी.

पुलिस के मुताबिक, अकबर पर शुक्रवार, 19 जुलाई, 2018 की आधी रात को उस वक्त हमला किया गया, जब वे 2 गायों के साथ पैदल हरियाणा जा रहे थे. उन के साथ असलम भी था. असलम ने भाग कर जान बचाई मगर भीड़ ने अकबर को गौतस्कर समझ कर इतना पीटा कि अस्पताल ले जाने के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

प्रशासन की लापरवाही

अलवर में अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों के बीच मौलाना हनीफ ने कहा, ‘‘अगर पहलू खान के मामले में सख्त कार्यवाही की गई होती तो उमर नहीं मारा जाता. ऐसे ही अगर उमर की हत्या पर भारतीय जनता पार्टी की हुकूमत कड़ा रुख अपनाती तो अकबर की जान नहीं जाती. इन वारदातों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है. इस दुख की घड़ी में बहुसंख्यक समाज के लोग हमारे साथ खड़े हैं, यही हमारे लिए बड़ा संबल है.’’

कोलगांव के इस्हाक अहमद कहते हैं, ‘‘अकबर की पत्नी और बच्चों की हालत देखी नहीं जाती. अकबर के 7 बच्चे हैं. उस के परिवार को हौसला देने के लिए सभी तबकों के लोग पहुंचे हैं.’’

इस्हाक अहमद के मुताबिक, पहले अकबर के पिता दूध बेचते थे और डेरी चलाते थे. पिछले कुछ समय से अकबर ने अपने पिता का काम संभाल लिया था. इसी काम के लिए वे गाय खरीद कर ला रहे थे.

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