हमारे यहां पुरानी कहावत रही है, भूखे भजन न होई गोपाला. यानी जब पेट में खाने का निवाला न हो और भूख से लोग दम तोड़ रहे हों, तो ऐसे में भक्तजन आज के सत्ताधारी गोपालों का भला भजन कैसे करें. देश की जीडीपी को हवाभरे गुबारे की तरह लहराने वाली सरकार की नजर में देश तरक्की कर रहा है, जिओ ने कई GB डाटा से सबका पेट भर दिया है. लेकिन उन चंद निवालों का इन्तेजाम नहीं करा पाई जिसे भूखा आदमी रोटी कहता है.

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