भारत अपने 69वें गणतंत्र की सालगिरह का जश्न मना रहा है और 10 आसियान देशों को आमंत्रित कर जंबूद्वीपे भरत खंडे की बात की जा रही है लेकिन वहीं, देश में अलगअलग जातियों की ताकत और अहंकार सिर चढ़ कर बोल रहा है और हर गली में दसियों गुट बनवाए जा रहे हैं. जातीय सेनाएं अपनीअपनी अस्मिता की हुंकार भर रही हैं. सरकारें, राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन भी छोटीबड़ी जातियों के साथ खड़े हैं. जातियां अपनी बात को जातीय अस्मिता से जोड़ने में कामयाब दिखाई दे रही हैं. ताकत के बल पर लोकतंत्र पर धर्मतंत्र हावी हो रहा है.

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