सदियों से पत्नी को अपनी संपत्ति समझने का अधिकार अब पुरुष को नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने यह अधिकार खत्म कर दिया है. अगर पत्नी का विवाहेतर संबंध है तो अब यह अपराध नहीं होगा. शादीशुदा महिला के साथ दूसरे पुरुष के संबंधों को अपराध मानने वाली आईपीसी की धारा 497 को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. 5 जजों की संविधान पीठ ने कहा कि पति अपनी पत्नी का मालिक नहीं है. यह कानून 158 साल पुराना था.

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