Reservation System India:
नेता जी सुभाष चंद्र बोस महाविद्यालय लखनऊ का एक सब से अच्छा कालेज है. यहां पढ़ने आने वाली लड़कियों में बड़ी संख्या स्कूटी से आने वाली लड़कियों की है. साइकिल से आने वाली लड़कियों की बेहद कम है. कुछ लड़कियां बस, टैक्सी या कार से आती हैं. यह कालेज लखनऊ के अलीगंज एरिया में कपूरथला और पुरनिया चौराहे के बीच विज्ञान आंचलिक केंद्र के सामने स्थित है. करीब 1200 लड़कियां यहां पढ़ने आती हैं. इन लड़कियों को देख कर इस बात का अंदाजा लगाना आसान होता है कि लड़कियों में ओबीसी जातियों की संख्या अधिक है. यह सांवले रंग की साधारण सी दिखने वाली होती हैं.
केवल सुभाष चंद्र बोस महाविद्यालय का ही नहीं, हर स्कूलकालेज में ओबीसी लड़कियों की संख्या अधिक दिखती है. अगर 1980 के दशक से किसी कालेज से इस की तुलना करें तो ओबीसी लड़कियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. पहले लड़कियां साइकिल से अधिक आती थी या फिर उन के परिवार का कोई सदस्य कालेज छोड़ने आता था. ओबीसी की लड़कियां अधिक से अधिक कक्षा 10 या 12 तक पढ़ती थी. इस के बाद उन की शादी हो जाती थी.
अब स्कूल ही नहीं कालेज में भी लड़कियों की संख्या बढ़ी है. बात केवल लड़कियों तक सीमित नहीं रह गई है. ओबीसी लड़के भी अब पहले से अधिक पढ़ रहे हैं. पढ़नेलिखने के बाद भी नौकरियों में इन की संख्या उस अनुपात में नहीं दिखती है. 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में ओबीसी की बेरोजगारी दर लगभग 3.1 फीसदी है. नौकरियों में ओबीसी उस अनुपात में नहीं पहुंच पा रहे हैं जिस तरह से उन की पढ़ने वालों की संख्या बढ़ी है.
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