South India Politics: तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव में द्रमुक को 159 सीटें मिली थीं और अन्नाद्रमुक को 75 सीटें ही मिली थीं. द्रमुक पार्टी के नेता एम के स्टालिन मुख्यमंत्री थे. 2026 के विधानसभा चुनाव में फिल्म स्टार विजय की पार्टी टीवीके यानी तमिलगा वेट्री कषगम को 108 सीटों पर सफलता मिली. यह बात और है कि बडी जीत हासिल करने वाली टीवीके बहुमत के आंकड़े 118 से 10 सीटें पीछे रह गई.
तमिलनाडु में द्रविड़ इस चुनाव में टूट गया. युवाओं ने भारी संख्या में फिल्मस्टार से नेता बने चंद्रशेखर जोसेफ विजय को वोट दिया. तमिलनाडु में पहले भी फिल्मी कलाकारों एम जी रामचंद्रन और जे जयललिता ने राज किया है. विजय साउथ सिनेमा के एक और ऐसे सुपरस्टार हैं जिन के हाथों में तमिलनाडु की कमान है. एम के स्टालिन का चुनाव हारना बड़ा झटका माना जा रहा है. यहां भाजपा और कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल केवल तमाशा देखते रह गए.
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केरलम में कांग्रेस को लगा मरहम
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में केरलम अकेला ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस को मरहम लगा. कांग्रेस की अगुआई वाले यूडीएफ गठबंधन ने केरलम में जीत हासिल की. भारतीय जनता पार्टी भी 3 सीटें जीतने में कामयाब रही. दक्षिण भारत में उस को सफलता मिलने लगी है. केरलम में विधानसभा की 140 सीटों में से यूडीएफ को 102 सीटें मिली हैं. इन में कांग्रेस ने 63 सीटें, आईयूएमएल ने 22 सीटें जीती. एलडीएफ 35 सीट ही जीत सकी.
केरल में मिली हार के बाद देश के किसी भी राज्य में अब वामदलों की सरकार नहीं बची है. भारत के पिछले 50 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है. कांग्रेस के लिए सब से बड़ी चुनौती होगी कि वह किस तरह से सरकार चलाती है. कांग्रेस ने केरल में जीत हासिल की है और जिन सीटों पर उस ने चुनाव लड़ा, उन में सब से ज्यादा सीटें जीतने का रिकौर्ड बनाया है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था. कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए यह जीत नए रास्ते खोलने का काम कर सकती है. 5 राज्यों में केरलम ने ही कांग्रेस को ऊर्जा देने का काम किया है.
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पुडुचेरी में एनडीए सरकार
केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा की 30 सीटें हैं. बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत होती है. औल इंडिया एन आर कांग्रेस के नेतृत्व में बीजेपी के साथ वाले गठबंधन एनडीए को 18 सीटें मिलीं. कांग्रेस और दूसरे दलों को 6-6 सीटें मिल सकीं. मुख्यमंत्री एन रंगासामी असम के बाद दूसरे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपनी कुरसी बचाने में सफलता हासिल कर ली. बाकी के 3 मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, तमिलनाडु में एम के स्टालिन और केरल में पी विजयन अपनी मुख्यमंत्री की कुरसी नहीं बचा पाए. South India politics





