किसी व्यक्ति या विचारधारा का अनुयायी हो जाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन जनून में आ कर उसे सच साबित करने की जिद जरूर नुकसानदेह है. ब्रेनवाश कर के कैसे राजनेता और धर्मगुरु अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं, यह सोचने वाली बात है.

यह वाकेआ 22 अप्रैल का है.भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ईंटखेड़ी में सभा कर रहे थे. अपने भाषण के दौरान दिग्विजय सिंह ने मौजूद जनता से पूछा कि यहां ऐसा कोई है जिस के खाते में 15 लाख रुपए आए हों. उम्मीद के मुताबिक मंच के नीचे जमा भीड़ से नहीं...नहीं की आवाजें आईं, लेकिन सभी को चौंकाते एक युवक खड़ा हो कर बोला कि हां, मेरे खाते में 15 लाख रुपए आए हैं.

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