23 मार्च, 2018 की बात है. इंदौर साइबर सेल के एसपी जितेंद्र सिंह अपने औफिस में बैठे थे.

तभी उन के औफिस में एक युवक आया. चारों तरफ शकभरी निगाहों से देख रहे उस युवक को देख वहां मौजूद पुलिस वालों को इस बात का एहसास हो गया कि वह युवक किसी बड़ी मुसीबत में है. युवक ने एसपी जितेंद्र सिंह से तत्काल मिलने की इच्छा जाहिर की. वहां मौजूद एएसआई ने एसपी से पूछ कर उस युवक को अंदर भेज दिया.

जितेंद्र सिंह ने युवक को बैठने का इशारा कर के उस के आने का कारण पूछा. उस युवक का नाम संजय था, उस ने बताया कि कुछ दिन पहले उस की मुलाकात दिल्ली में रह रही तंजानिया निवासी युवती ग्लोरी से हुई थी. दोनों में दोस्ती हो गई. मुलाकात के समय ग्लोरी ने मदद के नाम पर उस से 2-3 हजार रुपए मांगे, जो उसे दे दिए.

यहां तक तो ठीक था. लेकिन जल्दी ही उस की मांग लगातार बढ़ गई. यहां तक कि वह धमकी और ब्लैकमेलिंग पर उतर आई. बाद में उस की मांग लाखों तक पहुंच गई. संजय ने इस बात का खुलासा भी किया कि अब तक वह उसे करीब 15 लाख रुपए दे चुका है.

संजय ने आगे बताया कि ग्लोरी ने उस से कहा कि वह गर्भवती हो गई. उस ने गर्भ गिराने की कोशिश की, जिस से उस की तबीयत खराब हो गई और कुछ दिन पहले उस की मौत हो गई.

ग्लोरी की मौत के बाद उस की बहन और उस का एक साथी पैसा मांगने लगे. ग्लोरी के एक फ्रैंड का आज ही फोन आया था. उस ने उसे धमकी दी कि कल दोपहर तक उस के बैंक एकाउंट में 5 लाख रुपए जमा नहीं किए तो वह मेरा वीडियो वायरल कर देगा.

संजय ने एसपी जितेंद्र सिंह को बताया कि वह बुरी तरह परेशान हो चुका है. अब उस के पास 2 ही रास्ते थे, या तो वह आत्महत्या कर ले या पुलिस की मदद ले. यही सोच कर वह यहां आया है. एसपी जितेंद्र सिंह ने उसे रिपोर्ट लिखाने को कहा ताकि आगे की काररवाई की जा सके.

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संजय जाने लगा तो जितेंद्र सिंह ने उस से पूछा, ‘‘आप एक ही बार ग्लोरी से मिले थे?’’

‘‘जी सर.’’

‘‘आप ने उसे गर्भावस्था में देखा.’’

‘‘जी नहीं, सर.’’ संजय ने जवाब दिया तो एसपी साहब ने अगला सवाल पूछा, ‘‘उस की शवयात्रा में शामिल हुए?’’

‘‘नहीं, मैं एक बार के बाद कभी नहीं मिला, शवयात्रा में शामिल होने का तो कोई सवाल ही नहीं था.’’

‘‘उस की बहन और भाई से कभी मिले?’’

‘‘नहीं, बस फोन पर ही बातें होती हैं.’’

‘‘ठीक है, रिपोर्ट लिखा दीजिए. हम देखेंगे सच क्या है.’’ कह कर जितेंद्र सिंह ने बात खत्म कर दी.

संजय ने एसपी साहब की बात मान कर 23 मार्च, 2018 को तंजानिया निवासी ग्लोरी के खिलाफ धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट लिखवा दी. उस ने यह भी बता दिया कि ग्लोरी छतरपुर, दिल्ली में रहती है.

साथ ही उस का और उस के तथाकथित रिश्तेदारों के फोन नंबर भी पुलिस को दे दिए. संजय ने उस बैंक एकाउंट के नंबर भी दे दिए, जिन में उस ने पैसा डाला था.

रिपोर्ट दर्ज होने के दूसरे ही दिन एसपी जितेंद्र सिंह ने इंसपेक्टर राशिद अहमद के साथ इस मामले को ले कर लंबी मीटिंग की. इस मीटिंग में जांच की रूपरेखा तय की गई.

इस के साथ ही उन्होंने राशिद अहमद के नेतृत्व में काम करने के लिए एक पुलिस टीम बना दी. इस टीम में एसआई पूजा मुवैल, आमोद, विनोद, एएसआई धीरज, हेडकांस्टेबल रामप्रकाश, रामपाल, प्रभाकर, गजेंद्र, राकेश, रमेश, करिश्मा और रजनी को शामिल किया गया.

पुलिस की इस टीम के सदस्यों को अलगअलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. उसी दिन से यह टीम अपने काम पर लग गई. एसपी जितेंद्र सिंह टीम की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे और सब को गाइड कर रहे थे.

छानबीन में जल्दी ही यह बात साफ हो गई कि संजय ने पुलिस को जो फोन नंबर दिए थे, वे सभी छतरपुर एक्सटेंशन, दिल्ली में चल रहे थे. साथ ही पुलिस ने उन खातों का भी पता लगा लिया जिन में संजय पैसा डालता रहा था.

ये खाते संदीप और सुमित प्रजापति निवासी दिल्ली और रीता काटजू के नाम पर थे. ग्लोरी ने जिस नंबर से फेसबुक मैसेंजर पर मैसेज और बाद में वाट्सऐप पर चैटिंग कर के संजय से दोस्ती की थी, उसी के आधार पर साइबर टीम ने कुछ ही दिनों में ग्लोरी के दिल्ली के ठिकाने और उस की गतिविधियों की जानकारी जुटा ली.

चूंकि यह मामला एक विदेशी युवती से जुड़ा था, इसलिए साइबर सेल की टीम फूंकफूंक कर कदम रख रही थी. क्योंकि जरा सी गलती भी इंदौर पुलिस को भारी पड़ सकती थी. लेकिन एसपी यह बात अच्छी तरह जानते थे कि गलती के डर से कुछ न करने से अच्छा है कि कुछ किया जाए.

पूरी तैयारी के साथ इंदौर से दिल्ली गई टीम ने 4 रातें और 5 दिन की मेहनत के बाद महरौली पुलिस की मदद से सुमित प्रजापति और साउमी एलियास ग्लोरी, निवासी तंजानिया जो दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन में रह रही थी, को गिरफ्तार कर लिया.

जैसी कि पुलिस को पहले आशंका थी, गिरफ्तारी के बाद थाना महरौली जा कर ग्लोरी ने आसमान सिर पर उठा लिया. विदेशी नागरिक होने के नाम पर वह पुलिस को सबक सिखाने की धमकी देने लगी. लेकिन पुलिस टीम उस की धमकियों में नहीं आई और सुमित और ग्लोरी को इंदौर ले गई.

यह बात पहले ही स्पष्ट थी कि विदेश में बैठी जो लड़की लोगों के साथ धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग कर रही हो, वह सीधीसादी नहीं बल्कि शातिर होगी. इंदौर में ग्लोरी को महिला थाने में रखा गया, लेकिन वहां के हवालात की दीवारें 2 दिन तक ग्लोरी के आतंक से कांपती रहीं.

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स्टेट साइबर सेल ने ग्लोरी को अदालत से रिमांड पर ले कर पूछताछ की. शुरू में ग्लोरी ने पुलिस को बिलकुल सहयोग नहीं किया, लेकिन जब उस ने देखा कि एसपी जितेंद्र सिंह ने उस के गिरोह को कानून के जाल में फंसाने के लिए काफी मेहनत से मोहरे चले हैं तो उस ने अपने साथी तंजानिया निवासी एडवर्ड किंग्सले का नाम भी बता दिया था.

एडवर्ड को पुलिस की इसी टीम ने 4 दिन बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया. दोनों से पूछताछ के बाद ब्लैकमेलर ब्लैक ब्यूटी की पूरी कहानी सामने आ गई, जो इस प्रकार निकली—

करीब 7-8 महीने पहले की बात है. इंदौर के तुकोगंज निवासी 27 वर्षीय फरनीचर व्यवसाई संजय को अपने फेसबुक मैसेंजर पर ग्लोरी नाम की ब्लैक ब्यूटी और हौट लगने वाली लड़की का मैसेज मिला था. सोशल मीडिया पर डीपी में खूबसूरत लड़कियों की फोटो लगा कर मजे लेने वाले लड़कों की कमी नहीं है. यह बात संजय भी जानता था, इसलिए उस ने उस मैसेज पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

डेढ़ 2 महीने बाद एक दिन फुरसत में फेसबुक देखते वक्त संजय की नजर फिर से गलोरी के पुराने मैसेज पर पड़ी तो उस ने भी जवाब में उसे हाय लिख दिया. 2-4 दिन बाद ग्लोरी की तरफ से जवाब आ गया. ग्लोरी ने इस बार डीपी पर पहले से भी ज्यादा सैक्सी फोटो लगा रखी थी.

चूंकि पुरानी और नई डीपी में एक ही लड़की की फोटो थी, इसलिए संजय को भरोसा हो गया कि मैसेज भेजने वाली लड़की ही है. सोचविचार कर संजय ने भी बातचीत शुरू कर दी. बात बढ़ी तो दोनों ने एकदूसरे को अपना परिचय दे दिया. फिर दोनों फेसबुक मैसेंजर से निकल कर वाट्सऐप पर मैसेज भेजने लगे.

इसी दौरान ग्लोरी ने संजय को अपने ऐसे फोटो भी शेयर किए, जिन्हें देख कर संजय फैंटेसी की दुनिया में डूबने लगा. उस ने ग्लोरी से मिलने का निश्चय किया. बिजनैस के सिलसिले में संजय दिल्ली जाता रहता था.

ग्लोरी से बात होने के बाद संजय दिल्ली के एक होटल में ग्लोरी से मिला. दोनों के बीच बातें हुईं तो उस ने कुछ परेशानी बता कर संजय से मदद मांगी. नतीजतन संजय ने उस के बताए एकाउंट में 2 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए.

तंजानिया अफ्रीकी महाद्वीप के प्रमुख देशों में से एक है. संजय को अफ्रीकन ब्लैक ब्यूटी ग्लोरी काफी पसंद आई. डार्क कलर के बावजूद वह काफी सैक्सी और सुंदर लग रही थी.

2 हजार रुपए मिलने के अगले 10 दिनों में ग्लोरी ने संजय से एक बार 6 हजार और एक बार 12 सौ रुपए मांगे. चूंकि संजय के लिए यह कोई बड़ी रकम नहीं थी. इसलिए उस ने बिना सोचेसमझे 6 हजार और 12 सौ रुपए ग्लोरी के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए.

लेकिन हकीकत यह थी कि ग्लोरी छोटीछोटी रकम लेने के बहाने हांडी में चावल टटोलने का काम कर रही थी. जब उस ने देखा कि संजय जाल में फंस चुका है तो 10 दिनों बाद ग्लोरी ने उस से सीधे सवा लाख रुपए की मांग की. उस ने संजय को बताया कि वह एक मुसीबत में फंस गई है, इसलिए अपनी मां के पास तंजानिया जाना चाहती है.

‘‘ऐसी क्या मुसीबत आ गई?’’ संजय ने सवा लाख देने से बचने की कोशिश करते हुए पूछा.

‘‘तुम नहीं समझोगे संजय, मुझे बस पैसा दे दो.’’ ग्लोरी ने बिना कुछ बताए पैसे मांगे तो संजय ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा, ‘‘सौरी, इतना पैसा मेरे पास नहीं है.’’ संजय का इनकार सुनते ही ग्लोरी के तेवर बदल गए. उस ने संजय से कहा, ‘‘सुनो संजय उस दिन तुम ने मेरे साथ जो रेप किया था, उस से मुझे गर्भ ठहर गया है. यह गर्भ साफ कराने के लिए मैं तंजानिया जाना चाहती हूं. मेरे पास तुम्हारे द्वारा किए गए रेप का वीडियो है. अगर तुम ने मेरी मदद नहीं की तो मैं इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दूंगी.’’

ग्लोरी के मुंह से रेप की बात सुन कर संजय पागल हो गया. उस का गर्भवती हो जाना सचमुच बड़ा संकट था, इसलिए उस ने चुपचाप ग्लोरी द्वारा बताए गए खाते में एक लाख 20 हजार रुपए डाल दिए. इस के बाद कुछ दिनों तक ग्लोरी की कोई खबर नहीं मिली तो संजय ने राहत की सांस ली. उसे लगा कि ग्लोरी तंजानिया चली गई होगी और उस ने वहां जा कर गर्भपात करवा लिया होगा. लेकिन कहानी अभी बाकी थी.

कुछ दिनों बाद एक युवती ने संजय को फोन किया. उस ने बताया कि वह तंजानिया से ग्लोरी की बड़ी बहन बोल रही है. ग्लोरी के गर्भपात के दौरान गड़बड़ हो जाने से ग्लोरी की हालत काफी खराब है. हम ने उसे अस्पताल में भरती करवा दिया है, इसलिए तुम इलाज के लिए तुरंत एक लाख रुपए एकाउंट में डाल दो.

संजय की समझ में कुछ नहीं आ रहा था. उसे नहीं मालूम था कि ब्लैक ब्यूटी का शौक उसे इतना भारी पड़ेगा. वह बुरी तरह फंस चुका था. मजबूरी में उसे ग्लोरी की बहन की बात माननी पड़ी. इस के बाद तो तंजानिया से उस के पास कभी ग्लोरी की बहन का तो कभी अस्पताल के डाक्टर के फोन आने लगे. मजबूरी में चुपचाप उन के बताए खाते में पैसे डालता रहा.

मार्च के दूसरे सप्ताह में संजय को खबर मिली कि ग्लोरी की मृत्यु हो गई है. जिस ग्लोरी को संजय अब तक दुनिया की सब से अधिक हौट और कौपरेटिव पार्टनर मान कर याद करता था, उस की मौत की खबर सुन कर दुखी होने के बजाए उस ने राहत की सांस ली. उसे लगा कि चलो पीछा छूटा. इसलिए मौत के बाद मांगी गई रकम भी उस की बहन के बतए गए खाते में ट्रांसफर कर दी.

लेकिन इस के हफ्ते भर बाद ही ग्लोरी के साथ उस के नग्न वीडियो वायरल कर देने की धमकी दे कर एक युवक ने उस से 2 लाख रुपए की मांग की तो संजय समझ गया कि ग्लोरी का भूत जिंदगी भर उस का पीछा नहीं छोड़ेगा. इसलिए सोचविचार के बाद उस ने कानून की मदद लेने का फैसला किया.

उस ने इंदौर की साइबर सेल के एसपी जितेंद्र सिंह से मिल कर उन्हें पूरा किस्सा सुना दिया. इस के बाद अजय की रिपोर्ट के आधार पर जितेंद्र सिंह की टीम ने महीने भर में ग्लोरी और उस के पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.

ग्लोरी के बारे में पुलिस की जांच में जो जानकारी सामने आई, उस के अनुसार ग्लोरी 3 साल पहले अपनी मां का इलाज करवाने मैडिकल वीजा पर भारत आई थी. इलाज के बाद मां तो वापस चली गई, लेकिन ग्लोरी दिल्ली में ही रह गई. यहां वह छतरपुर एक्सटेंशन के पौश इलाके में एक अन्य लड़की के साथ किराए के फ्लैट में रहती थी.

दिल्ली में रहते हुए ग्लोरी जल्द ही देह व्यापार से जुड़ गई. किसी भी ग्राहक से वह फोन पर बात नहीं करती थी. संजय ने जितना अपने दोस्तों के बारे में सुना था, उस के अनुसार वह जानता था कि अफ्रीकी मूल की लड़की काफी कौपरेटिव होती हैं. आमतौर पर अफ्रीकन लड़की किसी दूसरे महाद्वीप के व्यक्ति को वक्त नहीं देती और अगर वक्त देती है तो खुद भी ऐसे मौके को पूरा एंजौय करती है.

ग्लोरी जिस खुले लहजे में संजय से दोस्ती बढ़ा रही थी, उस से संजय को लगने लगा था कि ब्लैक ब्यूटी के साथ वक्त बिताने की उन की फैंटेसी सच होने वाली है. हुआ भी ऐसा ही. व्यापार के सिलसिले में एक रोज संजय दिल्ली गया तो काम से फ्री हो कर उस ने ग्लोरी से बात कर के खुद के दिल्ली में होने की बात कही. इस पर ग्लोरी ने उसे अपने फ्लैट का पता दे कर छतरपुर एक्सटेंशन में आने को कहा.

संजय के लिए यह सुनहरा मौका था. वह पंख लगा कर ग्लोरी के फ्लैट पर जा पहुंचा. ग्लोरी से मुलाकात के पहले संजय ने जैसा सोचा था, ग्लोरी उस से भी अधिक हौट थी.

भरापूरा जिस्म 5 फुट 7 इंच लंबी ग्लोरी ने संजय के स्वागत में जाली जैसे कपड़े की स्लीवलेस कुरती और जींस का काफी तंग और छोटा सा शौर्ट पहन रखा था. कुछ देर बाद कातिल अदा से मुसकराते हुए ग्लोरी ने संजय को ड्रिंक्स औफर किया. 2 ढाई घंटे चली पहली मुलाकात के बाद जब संजय उस के फ्लैट से बाहर निकला मारे खुशी के उस के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे.

वह नहीं जानता था कि ग्लोरी के साथ उस की इस ग्लोरियस मीटिंग का सुखद अध्याय इस मुलाकात के साथ ही खत्म हो जाएगा. दिल्ली से वापस लौट कर संजय जल्द ही एक बार फिर दिल्ली जाने की योजना बनाने लगा था. लेकिन 2-4 दिन बाद ही ग्लोरी ने उस से वाट्सऐप पर चैटिंग करते हुए कहा कि उसे 2 हजार रुपए की जरूरत है. संजय ने पेटीएम के जरिए भेज दिए.

ग्लोरी वाट्सऐप पर अपनी फोटो भेजती, रेट तय करती और फिर सौदा पट जाने पर या तो ग्राहक को अपने फ्लैट पर बुला लेती थी या उस के साथ चली जाती थी. अकेले दिल्ली शहर में अफ्रीकी मूल के लगभग 20 हजार युवकयुवती रहते हैं. इन में से कई विभिन्न तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, ग्लोरी भी दूसरे शहरों के रईस युवकों को फंसा कर उन्हें ब्लैकमेल करने लगी थी.

इस दौरान तंजानिया का एडवर्ड किंग्सले 3 महीने के वीजा पर भारत आने के बाद लंबे समय से गैर कानूनी रूप से यहां रह रहा था. ग्लोरी उस की गर्लफैंड थी.

वह ब्लैकमेलिंग के काम में अपनी प्रेमिका की मदद करने लगा था. ग्लोरी के साथ पकड़ा गया सुमित प्रजापति ग्लोरी को बैंक खाते उपलब्ध कराता था.

सुमित अपने 3 भाइयों के साथ छतरपुर एक्सटेंशन इलाके में डिपार्टमेंटल स्टोर चलाता था. उस के स्टोर में एक काउंटर बायवा नाम की लड़की का भी था. ग्लोरी अकसर बायवा के काउंटर पर खरीदारी करने आती थी.

सुमित ने ग्लोरी को पहली बार वहीं देखा था और उस का दीवाना हो गया था. बाद में बायवा ने सुमित की ग्लोरी से दोस्ती करवा दी थी. जिस से सुमित भी ब्लैक ब्यूटी के शौक में ग्लोरी के फ्लैट पर आनेजाने लगा था.

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लेकिन ग्लोरी ने सुमित को ब्लैकमेल नहीं किया. हां, वह उस से बैंक खाते का उपयोग लोगों से ठगी का पैसा जमा करवाने में करने लगी थी. ग्लोरी के कहने पर सुमित ने अपने एक भाई के खाते का नंबर भी उसे दे दिया था.

ग्लोरी ने काफी पैसा रीटा काटजू नाम की महिला के खाते में भी जमा करवाया था. 65 वर्षीय रीटा काटजू की बेटी हांगकांग में नौकरी करती है. जबकि इंडियन एयरलाइंस की नौकरी से रिटायर होने के बाद रीटा दिल्ली में अपने प्रेमी के साथ लिवइन रिलेशन में रहती हैं.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित. कथा में संजय नाम बदला हुआ है.

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