20 दिसंबर 2020 को मैं पूरा दिन टीकरी बोर्डर के किसान आंदोलन में था. मैंने अपनी अब तक की जिंदगी में सैकड़ों छोटे बड़े किसान आंदोलन देखें हैं. एक पत्रकार के रूप में भी और आम आदमी के रूप में भी. दो साल पहले का नासिक से किसानों का मुंबई मार्च भी देखा है, इसके पहले भी देश के कई हिस्सों में किसान आंदोलनों को देखा है. टिकैत के किसान आंदोलन को शामली जाकर कवर किया है. लेकिन जैसा किसान आंदोलन इस समय दिल्ली की सीमाओं में चल रहा है, वैसा आंदोलन मैंने कभी देखा तो है ही नहीं, शायद कल्पना भी नहीं की. लोग इतने दृढ़ और आत्मविश्वास से भरे हैं कि थकान, निराशा और किसी भी तरह की कोई परेशानी दूर दूर तक उनके चेहरे में नहीं दिखती.

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