संजना और राजीव की शादी अरेंज्ड थी और उन की शादी को अभी सिर्फ 5 महीने ही हुए थे कि उन के रिश्ते की नींव कमजोर पड़ने लगी थी. वे दोनों एकदूसरे के साथ किसी भी बात में तालमेल नहीं बैठा पा रहे थे. उन के बीच काफी मतभेद थे. दरअसल, संजना और राजीव की शादी बेमेल शादी थी जो उन पर जबरदस्ती थोप दी गई थी.

रिश्ता तय करते वक्त संजना के पिता ने लड़के वालों के बारे में अधिक जानकारी एकत्र नहीं की थी. संजना के पिता को सिर्फ इतना पता था कि लड़का काफी पढ़ालिखा है, प्राइवेट नौकरी करता है और पैसों के साथसाथ अपना घर भी है. संजना ससुराल गई तो शुरुआत में सबकुछ ठीकठाक चला लेकिन 5 महीने बाद राजीव का व्यवहार देख कर वह परेशान रहने लगी.

राजीव रोजरोज शराब पी कर आता और संजना को मारतापीटता. संजना जब भी राजीव को कहीं चलने को कहती तो वह साफ मना कर देता. वह जो भी काम करती, राजीव उसे करने नहीं देता. इस सब से तंग आ कर एक दिन वह अपने मायके चली गई. बाद में उसे पता चला कि राजीव एक बदनाम, आवारा किस्म का लड़का था.

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ऐसी बेमेल शादी सिर्फ संजना और राजीव की ही नहीं हुई, अकसर ऐसी बेमेल शादियां देखने को मिलती हैं. दरअसल, शादी का रिश्ता प्यार, विश्वास, कमिटमैंट और आपसी तालमेल पर टिका होता है. यह एक ऐसा समूह है जिस में 2 लोग एकदूसरे से जुड़े होते हैं जो पूरी जिंदगी प्यार करने के साथसाथ कई परीक्षाओं, उतारचढ़ावों से भी गुजरते हैं. जो लोग अपने बीच के मतभेद को दूर कर अपनी योग्यता और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिनाइयों से पार पाने की कोशिश करते हैं उन की बेमेल शादी भी सफल बन जाती है.

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