देश में चिकित्सा सेवा आजकल वाकई ‘राम भरोसे’ है. अस्पतालों में सुविधाएं न के बराबर हैं. आधुनिक उपकरण व प्रशिक्षित डाक्टरों की कमी से आएदिन कुछ ऐसी घटनाएं भी घटित हो जाती हैं कि देखसुन कर रोंगटे खड़े हो जाएं.

वैसे हमारे देश के अस्पतालों में औपरेशन के दौरान मरीज के पेट में तौलिया छोड़ देने की बात तो आपने सुनी होगी पर हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जान कर आप के होश उड़ जाएंगे.

ट्रेन से गिरा व्यक्ति

बिहार के आरा का रहने वाला एक शख्स बक्सर से आरा जाने के लिए श्रमजीवी ऐक्सप्रैस ट्रेन पर सवार होने वाला था कि तभी उस का पैर ट्रेन से फिसल गया और वह ट्रेन से नीचे गिर गया.

हादसे में उक्त शख्स का एक हाथ और एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया. आननफानन में राजकीय रेल थाना पुलिस द्वारा उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया.

औपरेशन थिऐटर में कुत्ता आया कैसे

जानकारी के अनुसार मरीज को बचाने के लिए उसका एक पैर काटना जरूरी था लिहाजा डाक्टरों ने मरीज का एक पैर काट कर अलग रखा हुआ था कि तभी बाहर से पहुंचे एक आवारा कुत्ते ने पैर को मुंह में दबोचा और भाग खड़ा हुआ.

इस से पहले कि लोग कुछ समझ पाते कुत्ता पैर को मुंह में दबाए मुख्य सड़क से होते हुए लोगों की नजरों से ओझल हो गया. इस रोंगटे खङे कर देने वाली घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है.

चिंता लाजिम है

किसी अस्पताल का औपरेशन थिऐटर बेहद सुरक्षित जगह बना होता है, जहां चिकित्सकों की खास टीम के अलावे किसी और को जाने की अनुमति नहीं होती. कोई कुत्ता अस्पताल के अंदर चला जाए और वह भी औपरेशन थिऐटर में, तो इस से यह चिंता लाजिम है कि मरीज जाए तो जाए कहां?

चिकित्सा के बहाने लूट

प्राइवेट अस्पताल वाले अपने अस्पतालों में मरीजों की सेवा से ज्यादा खुद की जेबें भरते हैं. वहीं सरकारी अस्पतालों की भयावहता किसी हौरर फिल्म की तरह है जहां भरती हुआ मरीज स्वस्थ हो कर घर लौट आए यही गनीमत है.

उक्त घायल मरीज का नाम रामनाथ मिश्रा बताया जा रहा है जिसकी मौत इलाज के दौरान बाद में हो गई थी.

हालांकि, अस्पताल प्रशासन की मीडिया में खबर आने के बाद पसीने छूट गए और प्रशासन ने ऐसी किसी भी घटना से साफ इनकार करते हुए कहा है कि अगर इस तरह की लापरवाही वास्तव में बरती गई है तो दोषियों पर कड़ी कारवाई की जाएगी.

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