Employment Crisis: देश के एक छोटे छत्तीसगढ़ के 4 लाख 70 हजार इंजीनियर और एमबीए डिग्री वालों को काम चाहिए. वहां बीजेपी की सरकार है जो युवाओं को धर्म के नाम पर बेवकूफ बना कर मंदिरों में तो धकेलती है लेकिन उन्हें रोजगार नहीं देती. बेरोजगार नौजवानों को धर्म के नाम पर उकसाना और बहकाना आसान होता है. अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अंधविश्वास और बेरोजगारी दोनों बेतहाशा रूप से बढ़े हैं.
छत्तीसगढ़ के रोजगार कार्यालयों के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 15.79 लाख शिक्षित बेरोजगार युवाओं में से करीब 30 प्रतिशत यानी 4.7 लाख युवाओं के पास इंजीनियरिंग, एमबीए या बीएड जैसी भारीभरकम डिग्रियां हैं लेकिन उन के हाथ खाली हैं. कोई नौकरी नहीं. हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है. 2024-25 में जहां 13.94 लाख युवा रोजगार की तलाश में थे, 2025-26 में यह आंकड़ा 15.79 लाख तक पहुंच गया.
सवाल यह है की राज्य में रोजगार के अवसर कहां गए?
बीजेपी ने युवाओं को नौकरियों का वादा चुनाव के दौरान तो खूब किया लेकिन चुनाव खत्म वादे गए भाड़ में. छत्तीसगढ़ में मंदिर, मूर्ति, हवन और सांप्रदायिक नारों से युवाओं का ध्यान भटकाया जा रहा है. दूसरी तरफ सरकार धर्मांतरण विरोधी बिल ला कर समाज को बांट रही है. छत्तीसगढ़ जैसे संसाधनसमृद्ध राज्य में खनिज, जंगल और कृषि का भरपूर फायदा उठा कर लाखों नौकरियां पैदा की जा सकती हैं. Employment Crisis
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