इतवार की छुट्टी परिवार के साथ मौज-मस्ती में बिताने के इरादे से कांकरिया झील के किनारे बने मनोरंजन पार्क में पहुंचे लोगों के लिए 14 जुलाई का दिन उस वक्त कभी न भूलने वाले हादसे में तब्दील हो गया, जब पेंडुलम झूला अचानक बीच से टूट गया और उसमें बैठे बच्चे और उनके पैरेंट्स ऊंचाई से सख्त जमीन पर आ गिरे. यह पार्क शहर के मणिनगर इलाके में है. इसमें लगा डिस्कवरी नाम का यह झूला घड़ी के पैंडुलम की तरह झूलता है. इस पर झूलने वालों की काफी भीड़ यहां लगती है. मगर इतवार की शाम इस झूले पर चढ़े लोगों की खुशियां अचानक चीखों और कराहों में बदल गयीं. इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गयी है और 31 लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें से 14 की हालत काफी नाजुक है.

पुलिस अधिकारी के अनुसार मृतकों की पहचान मनाली राजवाडी (24) और मोहम्मद जावेद (22) के रूप में हुई है. वहीं घायलों को निकटवर्ती अहमदाबाद नगर निगम के एलजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कांकरिया एडवेंचर पार्क में लगे ‘डिस्कवरी’ नामक इस झूले पर 32 सीटें हैं मगर हादसे के वक्त इस पर 40 लोग सवार थे. जैसे ही यह झूला ऊंचाई पर पहुंचा इसकी रौड टूट गयी और झूला नीचे की ओर तेजी से आ गिरा. गुजरात में पिछले डेढ़ महीने में दो झूले हादसे हो चुके हैं. पहला हादसा 2 जून को साबरमती में हुआ था जबकि दूसरा अहमदाबाद में इतवार की शाम कांकरिया के मनोरंजन पार्क में हुआ. साबरमती रिवर फ्रंट स्थित हाइड्रोलिक राइड खराब होने से उसमें सवार 29 लोग करीब 21 मीटर की ऊंचाई पर फंस गये थे. 25 मीटर ऊंची ये राइड 21 मीटर पर पहुंच कर बंद हो गयी थी. काफी परेशानी के बाद इसमें से लोगों को निकाला गया था.

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राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पूरी घटना की जांच के आदेश दिये हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की बात कही है. साथ ही यह भी कहा है कि आगे से इस प्रकार से जिंदगी को कोई खतरा न हो इसके लिए सरकार व्यवस्था कर रही है कि पूरी जांच पड़ताल के बाद ही इस तरह के झूलों को मंजूरी दी जानी चाहिए और समय-समय पर उनका इंस्पेक्शन भी किया जाना चाहिए.

अहमदाबाद नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमएफ दस्तूर के मुताबिक झूले के मुख्य शाफ्ट की एक पाइप अचानक टूट गयी, जिसके चलते झूला टूट कर लटक गया और उसमें बैठे लोग बैलेंस बिगड़ने की वजह से काफी ऊंचाई से नीचे आ गिरे. इस झूले में 32 सीटें थी. छुट्टी का दिन होने की वजह से पार्क में लोगों की तादाद काफी ज्यादा थी. इसी के चलते झूले पर काफी लोग थे, लिहाजा हादसे में मरने वालों और घायलों का आंकड़ा काफी ज्यादा रहा. एमएफ दस्तूर का कहना है कि झूले की मेन शाफ्ट टूटने का कारण फरेंसिक लैब की जांच में पता चलेगा. नगर निगम के आयुक्त विजय नेहरा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है. पुलिस ने आईपीसी 304 और 114 के तहत मामला दर्ज किया है. एफआईआर में पार्क के डायरेक्टर घनश्याम पटेल, भावेश घनश्याम पटेल, मैनेजर तुषार चौकसी, आपरेटर यश उर्फ विकास लाला, किशन महंती और हेल्पर मनीष वाघेला के नाम शामिल हैं. जांच के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस ने झूले के संचालक को हिरासत में ले लिया है.

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गौरतलब है कि एक महीने पहले ही चेन्नई में भी इसी तरह एक झूला टूटा था. तमिलनाडु के कांचीपुरम के किष्किंधा थीम पार्क में एक बड़ा झूला टूटने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी, और नौ लोग बुरी तरह जख्मी हुए थे. इस हादसे के बारे में पुलिस का कहना था कि उस दिन पार्क बंद था, बावजूद इसके वहां के कर्मचारियों ने झूला चलाया. इस मामले में मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं आया और न कोई सख्त कार्रवाई हुई.

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