हरिद्वार में पंडेपुरोहित धर्म की आड़ ले कर ही सत्ता में बनाए अपने रसूख के चलते करोड़ों अरबों की जमीन कब्जाए बैठे हैं. दूसरों को त्यागी बनने और सुखों से वंचित रहने का उपदेश देने वाले इन फर्जी संतों का यह अवैध कारोबार देख कर तो यही लगता है कि यहां संत के भेस में भूमाफिया पल रहे हैं. पढि़ए नितिन सबरंगी की रिपोर्ट.

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