कानपुर का हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे जघन्य वारदात को अंजाम देकर उज्जैन के महाकाल मंदिर में शायद इस उम्मीद में पहुंचा था कि भगवान् महाकाल उत्तर प्रदेश पुलिस के काल से उसको बचा लेंगें, मगर उसकी वह इच्छा पूरी नहीं हुई. काल के आगे महाकाल की भी ना चली और अंततः विकास दुबे पुलिस के हाथों मारा ही गया.

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