उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में गृहप्रवेश करने से लेकर मुख्यमंत्री के कार्यालय एनेक्सी में कामकाज शुरू करने तक हर काम की शुरूआत विधिवत पूजा पाठ से की. विशेष तरह की पूजा खुद योगी के गोरखपुर मंदिर से आये पुजारियों ने की. 4 माह में एक के बाद एक ऐसी घटनाये घटी जो प्रदेश में पहली बार घटी थी. बड़ीबड़ी घटनाओं का केन्द्र बिन्दू कभी राजधानी लखनऊ रही, जो योगी आदित्यनाथ का कर्म स्थल है या गोरखपुर जहां योगी आदित्यनाथ की तपोभूमि रही है. ऐसे में साफ दिख रहा है कि काम करने से पहले पूजापाठ और शुद्वीकरण जैसे उपाय योगी के किसी काम नहीं आ रहे हैं. सबसे खास बात यह कि इस तरह की घटनाओं में योगी सरकार उपहास का पात्र बनती जा रही हैं.

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