अगर वाकई मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उतने गंभीर अनुशासित और शांत स्वभाव के होते जितने कि अब तक वे प्रचारित किए जा चुके हैं तो निश्चित रूप से अपने सुरक्षाकर्मी कुलदीप सिंह गुर्जर से माफी मांगते या अपनी गलती पर खेद तो व्यक्त करते, लेकिन ऐसा न कर उन्होंने जता दिया है कि राजा आखिर राजा होता है फिर जमाना राजशाही का हो या कथित लोकतन्त्र का उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. गौरतलब है कि तीन दिन पहले धार जिले के कस्बे सरदारपुर में शिवराज सिंह ने अपनी सुरक्षा में तैनात कुलदीप को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था.

COMMENT