अमरीकी न्यूज पब्लिकेशन ‘फौरेन पौलिसी’ ने अनाम अमरीकी रक्षाधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है कि भारत ने 27 फरवरी को पाकिस्तान से हुए संघर्ष के दौरान अपने लड़ाकू विमान से पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराने का जो दावा किया था, वह गलत है क्योंकि पाकिस्तानी की वायुसेना में मौजूद एफ-16 विमानों में कोई भी विमान मिसिंग नहीं है. चार अप्रैल को प्रकाशित रिपोर्ट में पब्लिकेशन ने कहा, “हालात की सीधी जानकारी रखने वाले अमरीका के दो वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने ‘फौरेन पौलिसी’ को बताया कि अमरीकी अधिकारियों ने हाल ही में पाकिस्तान के एफ-16 विमानों की गिनती की है और वहां कोई भी विमान गायब नहीं पाया गया है.” गौरतलब है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एफ-16 लड़ाकू विमान के इस्तेमाल से तभी इंकार किया था.

26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकवादी ट्रेनिंग कैम्प पर भारतीय वायुसेना द्वारा किये गये एयर स्ट्राइक से अगले दिन भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान ने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया था. कहा गया था कि यह पाकिस्तानी विमान भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की ताक में था. इस संघर्ष में अभिनंदन वर्धमान का विमान भी क्षतिग्रस्त होकर गिरा और अभिनंदन वर्धमान नियंत्रण रेखा के पार जाकर उतरे. वह तीन दिन पाकिस्तान की हिरासत में रहे और फिर अन्तरराष्ट्रीय दबाव में उन्हें भारत को लौटाया गया.

भारतीय वायुसेना ने 28 फरवरी को सबूत के तौर पर AMRAAM मिसाइल के टुकड़े दिखाये थे, जिन्हें पाकिस्तानी एफ-16 विमान से दागा बताया गया था. लेकिन उससे इस बात के कोई सबूत नहीं मिलते कि अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया था, जैसा भारत सरकार और भारतीय वायुसेना बार-बार दावा करती रही. पत्रिका ‘फौरेन पौलिसी’ के अनुसार, पाकिस्तान ने इस घटना के बाद अमरीका को खुद पाकिस्तान आकर एफ-16 विमानों की गिनती कर लेने की पेशकश की थी,  जैसा इस सैन्य बिक्री समझौते की शर्तों में दर्ज था. ‘फौरेन पौलिसी’ की लारा सैलिगमैन के मुताबिक, “पाकिस्तान के एफ-16 विमानों की अमरीका द्वारा की गयी गिनती में सभी विमान मौजूद पाये गये, जो भारत के उस दावे से पूरी तरह विरोधाभासी है कि उसने फरवरी में हुए संघर्ष में एक लड़ाकू विमान मार गिराया था…”

‘फौरेन पौलिसी’ के मुताबिक, “मुमकिन है कि संघर्ष के दौरान मिग-21 बाइसन में सवार अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तानी एफ-16 पर निशाना लौक कर लिया हो, मिसाइल दागी भी हो, और उन्हें वास्तव में लगता हो कि उनका निशाना अचूक रहा. लेकिन पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा की गयी गिनती भारत के पक्ष पर शक पैदा करती है और संकेत देती है कि भारतीय अधिकारियों ने संभवत: अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उस दिन की घटनाओं के बारे में गुमराह किया…”

यह रिपोर्ट ऐसे वक्त में सामने आयी है, जब भारत में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मतदान कुछ ही दिन में शुरू होने जा रहा है. विपक्षी दलों ने पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में बालाकोट पर किये गये हवाई हमले को अपने प्रचार भाषणों में इस्तेमाल करने का आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं पर लगाया है.

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