मलेरिया की दवा निर्यात के बहाने इमेज मेकिंग

एक तरफ देश की जनता कोरोना वायरस के संकट से जूझ रही है. देश मे बेकारी, बीमारी, भुखमरी और बेरोजगारी बढ़ रही है. कल कारखाने बन्द हो गए है. रोजीरोजगार ना मिलने से मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है. लंबे लंबे लॉक डाउन से घरो में आपसी तनाव बढ़ रहा है. देश के ऐसे हालत हो गए है कि विकास की नजर में हम सालोसाल पीछे हो गए है. इस माहौल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "इमेज मेकिंग" पर काम करने वाला तंत्र उनको विश्व गुरु बनाने में लगा है. इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि दूसरे देशों के मुकाबले भारत मे कोरोना से कम नुकसान हो रहा है.

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