बात हंसी ठिठोली के अंदाज में शुरू हुई थी जो वाकई अब गंभीर संकट की शक्ल लेती जा रही है, इस बार अभी तक तो न शिवसेना झुकने के मूड में दिख रही और न ही भाजपा जिससे यह रहस्य रोमांच गहराता जा रहा है कि महाराष्ट्र में आखिरकार सरकार कौन बनाएगा और कैसे बनाएगा क्योंकि किसी एक दल के पास 145 का आंकड़ा नहीं है. 24 अक्टूबर को जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे तब ऐसा लग रहा था कि थोड़ी सी नोकझोंक और कलह के बाद भाजपा शिवसेना गठबंधन सरकार बना ले जाएगा लेकिन एक हफ्ते से भी ज्यादा का  वक्त गुजरने के बाद भी कोई फैसला होता नहीं दिखाई दे रहा तो देश भर में उत्सुकता का माहौल है कि अब क्या होगा.

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