साध्वी कम नेत्री ज्यादा उमा भारती के बारे में अगले बहुत दिनों तक भी किसी को कोई खबर नहीं रहेगी क्योंकि वे हिमालय की तरफ प्रस्थान कर गई हैं. इस मिथ्या, पापी संसार और मोहमाया से कुछ दिनों तक उमा के दूर कथित एकांत में रहने के फैसले का असली मकसद क्या है, यह तो उन के पुन: प्रकट होने के बाद पता चलेगा, लेकिन अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि वे भोले शंकर की घनघोर अल्पकालिक तपस्या कर कोई हाहाकारी वरदान ले कर ही लौटेंगी. उन के वर्तमान राम और हनुमान उन्हें पसंद नहीं करते और उन्होंने उमा भारती का ऐसे ही त्याग कर दिया है जैसे कभी पौराणिक कथा के अनुसार सीता को त्यागा गया था.

Tags:
COMMENT