एक दफा नशे की लत भले ही छूट जाये पर बाबाओं की लागी नहीं छूटती. बाबा यत्र तत्र सर्वत्र हैं. एक बाबा मार्केट से बाहर होता नहीं कि दस नए अवतरित हो जाते हैं, इनमें से भी जिन्हें राजाश्रय मिल जाता है उन्हें अपनी बाबागिरी साबित करने न तो यह बताना पड़ता कि उन्होंने कितने हजार साल हिमालय पर तपस्या की है और न ही यह कि साक्षात शंकर ने प्रगट होकर त्राहि त्राहि कर रहे मानव समाज का कल्याण करने धरती पर जाने कहा है.

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