रणजीत श्रीवास्तव हत्याकांड

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था सुधारने के जितने प्रयास कर रहे  हैं, प्रदेश की कानून व्यवस्था उतनी ही खराब होती जा रही है. पुलिस का कमीश्नरी सिस्टम भी काम नहीं आया. राजधानी लखनऊ में सुबह शहर के बीच ओ बीच रणजीत की हत्या हो जाती है. रणजीत हिन्दूवादी नेता थे. कुछ माह पहले ही शहर के बीच में एक और हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी जाती है. हिन्दूवादी मुख्यमंत्री के राज में एक के बाद एक हिन्दूवादी नेताओं की हत्या योगी सरकार पर सवालिया निशान लगा रहे है. रणजीत का महत्व इसलिये भी ज्यादा है क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर का ही रहने वाला था. कमलेश तिवारी हत्याकांड के पुलिसिया खुलासे से उसका परिवार सहमत नहीं था. रणजीत श्रीवास्तव की हत्या में पुलिस के शक की सुई करीबी लोगों की ही तरफ घूम रही है.

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