जेएनयू विश्वविद्यालय का जिक्र हमेशा उस वक्त होता था, जब वहां से निकला कोई छात्र या छात्रा दुनिया में हिंदुस्तान का परचम लहराता था. लेकिन अब इस विश्वविद्यालय की आत्मा को बार-बार झकझोरने की कोशिशें हो रही हैं. इस विश्वविद्यालय की रूह को जख्मी करने के लिए कभी पुलिस तो कभी विपरीत विचारधारा वाले लोग आगे रहते हैं. रविवार को शाम भी कुछ ऐसा ही हुआ.

Tags:
COMMENT