प्रयागराज का रोशनबाग अब देश का दूसरा शाहीनबाग बन गया है.यहां कोई अगुवा नही है फिर भी लगातार आवाज बुलंद हो रही है. ये आवाज और कोई नही पर्दानशीं औरतें बुलंद कर रही है जिनके बारे में कहा जाता था  कि उनको  मुस्लिम समाज घरों में सीमित कर रखता है.अक्सर अपने बेतुके फतवों से मुस्लिम समाज को कठघरे मे खड़ा करने वाले मुल्ला-मौलवी यहां कहीं नजर नहीं आते हैं.जाहिर है कि मुस्लिम समाज की महिलाएं अब  खुद कट्टरपंथ को चुनौती दे रही हैं.अपने हक के लिए उन्होंने रोशनबाग के मंसूर पार्क को एक तरह से अपनाबना आशियाना बना लिया है.

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