लब मेरे खामोश रहेंगे क्योंकि मेरा प्यार हो तुम

वरना मेरा दिल जाने है झूठे और मक्कार हो तुम

फूलों सी मुस्कान में लिपटा शबनम भीगा प्यार तेरा

जैसे मतलब निकल गया तो बरछी और कटार हो तुम

बंट जाते हो सब लोगों में मुझको तनहा छोड़ के तुम

मैं झूठे कहती रहती हूं के मेरा अधिकार हो तुम

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