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लोन नहीं चुकाने वालों की मुश्किलें बढ़ी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऋण वसूली मामलों के तेजी से निपटान पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि बैंकों का कर्ज लेकर समय पर नहीं लौटाने वालों को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत बचाव के असीमित अवसर नहीं दिये जा सकते हैं.

जेटली ने कहा, ‘यह सामान्य न्यायिक अथवा अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया नहीं है जिसमें लोगों को बचाव के लिये असीमित अवसर दिये जाते हैं क्योंकि स्वाभाविक न्याय प्रक्रिया को अस्वाभाविक तरीके से लंबा खींचा जायेगा तो विवाद कभी समाप्त नहीं होंगे. इसलिये जहां तक कर्ज नहीं लौटाने के मामले हैं उनमें वसूली प्रक्रिया को और बेहतर और सक्षम बनाना होगा.’ देशभर में विभिन्न ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि के करीब 95,000 मामले लंबित हैं.

जेटली ने आज यहां ऋण वसूली पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘इसलिये हर ऐसे मामले में जहां संबंधित पक्ष मामले को लंबा खींचने में कामयाब रहता है देश के निवेश परिवेश को नुकसान पहुंचाता है. बैंकों का पैसा यदि इस तरह डिफाल्टरों के पास फंसा रहेगा तो बैंक दूसरों को कर्ज नहीं दे पायेंगे. दूसरे लोग इस धन को उत्पादक कार्यों में इस्तेमाल कर सकते थे, जिसका देश को फायदा मिलता.’

अब क्रिकेट मैदान में हुए इंजर्ड तो…

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान स्पिनर अनिल कुंबले की घातक गेंदबाजी के अलावा बल्लेबाज उनके नए प्रयोगों से भी खौफ खाते थे. टीम इंडिया के नए कोच नियुक्त होते ही सभी को उनसे ये उम्मीद थी कि वो टीम की रणनीति में भी नए प्रयोग कर भारतीय टीम को नंबर वन की पोजिशन दिलाए और हुआ भी कुछ ऐसा ही.

टीम इंडिया को कोच अनिल कुंबले ने एक 'प्रोटोकॉल' बनाया है कि चोट से उबर रहे प्लेयर्स को नैशनल टीम में वापसी करने पर अपने नाम का विचार कराने के लिए 'डोमेस्टिक क्रिकेट' में खेलना होगा. बीते समय में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं, जब प्लेयर्स गंभीर चोट के बाद तेजी से वापसी के चक्कर में चोटिल हो गए. कुंबले को लगता है कि 'प्लेयर्स के साथ बातचीत इसमें अहम है' क्योंकि उनकी वापसी की उत्सुकता को समझा जा सकता है.

अनिल कुंबले ने कहा, 'किसी भी टीम की गतिविधि में बातचीत अहम है. जल्दी फिट होने की बजाए खिलाड़ी का पूरी तरह फिट होना अहम है. चोटिल खिलाड़ी को टीम में जल्दी वापसी करने की सोचने के बजाए पूरी तरह फिट होने पर सोचना चाहिए. यह टीम के और उसके खुद के लिए ज्यादा बेहतर है.'

वह राहुल और रोहित के लिए बहुत दुखी थे, जिन्हें हाल में जांघ की गंभीर चोट लगी थी, जिसकी सर्जरी की जरूरत हो सकती है. उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केएल राहुल जो इतना बढ़िया खेले, अब नहीं खेल रहे. इसी तरह भुवी, शिखर, रोहित के लिए यह बड़ा झटका है. रोहित के लिए बहुत दुखी हूं क्योंकि वह टेस्ट फॉर्मेट में बढ़िया कर रहा था. निश्चित रूप से हम रोहित की छोटे फॉर्मेट में अहमियत जानते हैं.'

क्या आपका मैमोरी कार्ड काम नहीं कर रहा?

स्मार्टफोन हो या फिर कैमरा माइक्रोएसडी कार्ड का इस्तेमाल दोनों ही डिवाइस में होता है. केवल इस्तेमाल ही नहीं यह फोन और कैमरा दोनों के लिए ही बेहद जरुरी भी है. यह आपके डिवाइस की मैमोरी है, जिसके बिना आपका डिवाइस अधूरा है. इसीलिए माइक्रो एसडी कार्ड की डिमांड बढ़ती जा रही है और इसीलिए कई छोटी बड़ी कंपनियां माइक्रो एसडी कार्ड पेश कर रही हैं.

अपने फोन के लिए या कैमरे के लिए माइक्रो एसडी कार्ड खरीदने से पहले आप उस कार्ड के बारे में अच्छी जानकारी ले लें. एक खराब एसडी कार्ड की वजह से आपके डिवाइस में भी दिक्कतें आ सकती हैं.

आज हम आपको बता रहें वो जरुरी बातें जो आपको एक अच्छे माइक्रोएसडी कार्ड को खरीदने से पहले जाननी चाहिए.

तीन फॉर्मेट

माइक्रो एसडी कार्ड तीन फॉर्मेट में मौजूद हैं. एसडी, एसडीएचसी एंड एसडीएक्ससी. ये तीनों ही अलग होते हैं और सभी स्लॉट्स में काम नहीं करते हैं.

ये है अंतर

एसडी- इसमें 2जीबी तक की स्टोरेज होती है और ये किसी भी स्लॉट में प्रयोग किया जा सकता है.

एसडीएचसी- यह 2जीबी से 32जीबी स्टोरेज तक आते हैं.

एसडीएक्ससी- यह 32जीबी से शुरू होकर 2 टीबी तक होते हैं और यह केवल एसडीएक्ससी में सपोर्ट होते हैं.

अलग होती हैं क्लास

एसडी कार्ड अलग अलग क्लास में उपलब्ध हैं, क्लास 2, 4, 6 और 10. यह नंबर इनकी स्पीड बताती है. यानी कि कितनी स्पीड से ये फाइल्स ट्रान्सफर कर सकते हैं.

खरीदते हुए ध्यान रखें

जब आप कार्ड खरीद रहे हों तो आपको ध्यान देना चाहिए कि एस डी कार्ड आपके फोन के लिए सही हो. ज्यादा स्पीड और मैमोरी का कार्ड आपके लिए बेकार है यदि उसे आपका डिवाइस सपोर्ट न करे.

कहीं डुप्लीकेट कार्ड तो नहीं ले रहे हैं आप!

कार्ड खरीदते हुए आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरुरत भी है. ऐसा अक्सर होता है कि हमारा पल्ले डुप्लीकेट कार्ड पड़ जाता है. मार्केट में उपलब्ध हर तीसरा कार्ड फेक हो सकता है.

 

5% से 28% के बीच होगा जीएसटी रेट

जीएसटी काउंसिल ने चार स्तरीय कर ढ़ाचे को जीएसटी के अंतर्गत मंजूरी दे दी है. इससे यह स्पष्ट है कि जीएसटी के अंतर्गत अब चार स्तर पर टैक्सेशन होगा. जो 5%, 12%, 18% और 28% तय की गई है. गौरतलब है कि इससे पहले हुई काउंसिल की बैठक में जीएसटी की दरों पर आम राय नहीं बन पाई थी.

काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कुछ वस्तुएं टैक्स की सीमा से बाहर होंगी. कर मुक्त वस्तुओं में 50% उपभोक्ता महंगाई दर तय करने वाली बास्केट से जुड़ी होंगी. वित्त मंत्री ने यह भी साफ किया कि जीएसटी के अंतर्गत दो स्टैण्डर्ड टैक्स रेट होंगी, जो 12% और 18% की दर से लगेंगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी जनसंख्या के द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं पर 5% की दर से ब्याज लगेगा. साथ ही 28% की उच्चतम दर से सरकार को जो अतिरिक्त रेवेन्यु प्राप्त होगा उसका इस्तेमाल सरकार 5% की दर वाली स्लैब में भरपाई के लिए करेगी.

जीएसटी पैनल ने तंबाकू उत्पाद और लक्जरी आइटम्स पर जीएसटी के साथ साथ सेस लगाने को भी मंजूरी दी है. जीएसटी के अंतर्गत पान मसाला, महंगी कार और तंबाखू से बने उत्पादों पर 28% से ज्यादा टैक्स लगेगा.

जीएसटी से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को पहले साल में 50000 करोड़ रुपए का एक फंड बनाने की जरूरत होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि सेस से होने वाली कमाई का इस्तेमाल सरकार इसी फंड में करेगी. साथ ही सेस की समीक्षा सालाना आधार पर की जाएगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि मौजूदा टैक्स ढ़ाचे के अंतर्गत व्हाइट गुड्स (वाशिंग मशीन, टीवी आदि) पर 30 से 31% की दर से टैक्स लगता है. लेकिन जीएसटी की नई दरों के बाद ये वस्तुएं कुछ शर्तों के साथ 28% की टैक्स स्लैब में आ जाएंगी.

अब रिलायंस जियो देगा फ्री कॉलर ट्यून

क्या आपको अपने फोन में कॉलर ट्यून लगाने का शौक है लेकिन मंथली चार्ज काफी ज्यादा लगता है? तो आपकी इस परेशानी का हल हमारे पास है. जहां दूसरी टेलिकॉम कंपनियां कॉलर ट्यून के लिए सर्विस और सॉन्ग दोनों का चार्ज अलग से वसूलती हैं वहीं, फ्री इंटरनेट, कॉल और एसएमएस के बाद रिलायंस जिओ यूजर्स को कॉलर ट्यून भी फ्री में दे रही है.

ऐसे में अगर आपके पास जिओ सिम है तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर फ्री में कॉलर ट्यून एक्टिवेट कर सकते हैं.

कैसे करें फ्री में कॉलर ट्यून एक्टिवेट?

इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन में Jio4GVoice एप इंस्टॉल करनी होगी.

इसके बाद एप को ओपन करें और फोनबुक, मैसेज कॉलिंग के ऑप्शन पर जाएं. इनमें से आपको मैसेज पर टैप करना है.

फिर जेटी टाइप कर 56789 पर भेज दें. ये मैसेज आपको जिओ सिम से ही भेजना है.

आपके पास एक मैसेज आएगा जिसमें बॉलीवुड, रीजनल और इंटरनेशनल कैटेगरी दी गई होंगी.

यही नहीं, आप मूवी, सिंगर और एल्बम में से भी सेलेक्ट कर सकते हैं.

फिर आपके पास गानों से संबंधित मैसेज आएगा. जो गाना आपको पसंद है उसे भेज दें.

इसके बाद एक कंफर्मेशन मैसेज आएगा. यहां पर 1 टाइप कर भेज दें.

अब आपके पास कॉलर ट्यून एक्टिवेट होने का मैसेज आ जाएगा. इस मैसेज के आने के 30 मिनट के अन्दर आपको वाय लिखकर सेंड करना होगा.

बस फिर इसके बाद 30 दिन के लिए फ्री कॉलर ट्यून का मैसेज आपके पास आ आएगा.

इसके अलावा अगर आप कॉलर ट्यून बंद करना चाहते हैं तो स्टॉप लिखकर 56789 पर सेंड कर दें.

1 फरवरी को पेश हो सकता है आम बजट

वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष का बजट 1 फरवरी के आसपास पेश करने की तैयारी कर रहा है. वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यह जानकारी देते हुये कहा, इसके लिये तैयारियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं. उन्होंने कहा कि आम बजट को उसकी तय तिथि से एक महीना पहले पेश करने के पीछे मकसद पूरी बजट प्रक्रिया को 31 मार्च तक पूरा करना है. ताकि नये वित्त वर्ष की शुरआत होने के साथ ही बजट पर अमल शुरू हो सके.

शक्तिकांत दास ने एक न्यूज चैनल को दिये साक्षात्कार में कहा, अगले साल का बजट पेश करने के मामले में हम तीन प्रमुख बदलाव कर रहे हैं. पहला बजट करीब एक महीने पहले पेश किया जायेगा. हमें उम्मीद है कि बजट एक फरवरी के आसपास पेश किया जायेगा. दूसरा बजट में योजना और गैर-योजना व्यय के वर्गीकरण को समाप्त कर इसके स्थान पर राजस्व और व्यय का नया वर्गीकरण किया जायेगा. तीसरा रेल बजट अब आम बजट का ही हिस्सा होगा. रेल बजट को आम बजट में मिला दिया जायेगा.

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिये संशोधित व्यय अनुमान और अगले साल के बजट के लिये बजट अनुमान को लेकर बैठकों का दौर पहले ही शुरू हो चुका है. दास ने कहा, राजस्व विभाग ने भी विभिन्न पक्षों के साथ बजट पूर्व बातचीत शुरू कर दी है. प्रमुख पक्षों के साथ वित्त मंत्री का विचार विमर्श भी समय से पहले करने की योजना बनाई गई है.

उन्होंने कहा, इस प्रकार सभी तैयारियों मोटे तौर पर एक महीना पहले कर दी  गईं हैं. तैयारियां पूरी तरह से नियंत्रण में हैं और हम एक फरवरी के आसपास बजट पेश करने में सफल होंगे. सरकार की सोच यह है कि विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक सहित पूरे बजट को मार्च अंत तक संसद में पारित करा लिया जाये. ऐसा होने पर बजट प्रस्तावों को  वित्त वर्ष की शुरआत से ही अमल में लाया जा सकेगा.

राजकोट में पहली बार इस्तेमाल होगी DRS प्रणाली

भारतीय टीम आगामी हफ्ते में जब इंग्लैंड के खिलाफ शुरूआती टेस्ट के लिये राजकोट मैदान में उतरेगी तो इसमें अंपायरों की निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) पहली बार ट्रायल आधार पर इस्तेमाल की जायेगी. बीसीसीआई हालांकि लंबे समय तक इस प्रणाली का विरोध करता रहा था.

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच नौ नवंबर से शुरू होगा और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ इसकी मेजबानी एससीए स्टेडियम खांधेरी में कर रहा है.

एससीए द्वारा जारी अधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मानद सचिव निरंजन शाह ने कहा, ‘डीआरएस का इस्तेमाल राजकोट में होने वाले टेस्ट के दौरान किया जायेगा.’

शाह ने कहा, ‘हालांकि यह ट्रायल आधार पर होगा, यह पहला द्विपक्षीय टेस्ट होगा जिसमें इस डीआरएस तकनीक की सभी प्रणालियों जैसे गेंद ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जायेगा जो पूरी सीरीज के दौरान जारी रहेगा.’

फेसबुक चलायें, उम्र बढ़ायें

फेसबुक का इस्तेमाल करना आपकी लंबी उम्र के लिए मददगार हो सकता है लेकिन ऐसा तभी होगा जब यह आपकी वास्तविक-दुनिया के सामाजिक संबंध को बनाए रखने तथा उसे बढ़ाने का कार्य करे. सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले 1.2 करोड़ प्रयोगकर्ताओं पर किए गए एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है.

इंटरनेट की दुनिया से इतर वैज्ञानिक जिसके बारे में लंबे अरसे से जानते थे, इस शोध में उसी बात की पुष्टि की गई है : जिन लोगों का मजबूत सामाजिक दायरा होता है, वे लंबी उम्र तक जीते हैं. लिहाजा यह पहली बार पता चला है कि यही बात ऑनलाइन सामाजिक दायरा रखने वालों के लिए भी मायने रखता है. अध्ययन के दौरान यूनीवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो में शोध के छात्र विलियम हॉब्स ने कहा, ‘ऑनलाइन होने वाली गतिविधि अगर ऑनलाइन से बाहर की दुनिया में होने वाली बातचीत की तरह ही संतुलित और संपूरक हो तो ऐसी बातचीत ठीक हो सकती है.’

इस वक्त नॉर्थईस्टर्न यूनीवर्सिटी में पोस्टडॉक्टोरल के छात्र हॉब्स ने कहा, ‘अगर इसका इस्तेमाल अत्यधिक किया जाए, मसलन कोई अगर लोगों से जुड़ने के नाममात्र के साक्ष्य के आधार पर ही अपना अधिक से अधिक समय ऑनलाइन बिताए तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.’ यूसी सैन डिएगो में प्रोफेसर जेम्स फाउलर ने कहा, ‘खुशी की बात यह है कि फेसबुक के अमूमन सभी प्रयोगकर्ता इसका संतुलित इस्तेमाल करते पाए गए और इससे खतरा भी कम दिखा.’ यह अध्ययन ‘पीएनएनएस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ था.

..इसलिए रोड्स थे दुनिया के नंबर 1 फील्डर

अपनी शानदार फील्डिंग से विश्व क्रिकेट में अलग पहचान बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी जोन्टी रोड्स का मानना है कि वह अपने समय नंबर-1 फील्डर, इसलिए थे क्योंकि उस समय कोई और अच्छा फील्डर नहीं था. रोड्स का मानना है कि उनके समय कोई नंबर-2 और नंबर-3 फील्डर भी नहीं था, इसलिए वह नंबर-1 बने रहे.

इंडियन जूनियर प्लेयर्स लीग (आईजेपीएल) के प्रतिभा खोज कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर आए रोड्स ने कहा कि उनके समय के क्रिकेट और अब के क्रिकेट में बदलाव आया है. उनका मानना है कि क्रिकेट अब पहले से बेहतर हो चुका है.

इस दिग्गज खिलाड़ी ने गेंदबाजी में बदलाव के बारे में कहा कि आज के क्रिकेट में गेंदबाजी में काफी विविधता है. रोड्स से जब पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि आज की गेंदबाजी का स्तर आपके समय से नीचे गिरा है तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'हम ज्यादा बेहतर खिलाड़ी थे.'

रोड्स ने कहा, 'पहले एकदिवसीय क्रिकेट में सिर्फ यॉर्कर गेंद देखने को मिलती थी, धीमी गेंद और बाउंसर का चलन भी सीमित ओवरों की क्रिकेट में मेरे समय नहीं था, लेकिन आज के दौर में धीमी गति की बाउंसर भी आपको देखने को मिलेगी. खेल का स्तर पहले से अच्छा हुआ है और मेरा मानना है कि टी-20 क्रिकेट ने यह किया है.'

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज और विश्व के महानतम फील्डर्स में शुमार जोन्टी रोड्स को लगता है कि इंग्लैंड को आगामी टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय परिस्थितियों से निपटने में मुश्किल का सामना करना होगा. इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी, जिसका पहला मैच 9 नवंबर से राजकोट में शुरू होगा. टेस्ट मैचों के अलावा इस लंबे दौर में 3 वन-डे और टी-20 मैच भी होंगे.

इस दिग्गज दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने कहा, 'इंग्लैंड के लिये यहां मुश्किल होगी. भारत में 5 टेस्ट मैच शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थकाऊ होंगे क्योंकि आप ऐसे हालात में होंगे कि परिस्थितियां आपके अनुकूल नहीं होंगी और इससे आप थोड़े दबाव में आ जाओगे.'

उन्होंने कहा, 'अगर यह 3 मैचों की टेस्ट सीरीज होती तो आप इसमें खेलकर जल्दी निकल सकते थे, लेकिन 5 मैचों की सीरीज काफी कठिन होगी.'

रोड्स ने दक्षिण अफ्रीका के लिये 52 टेस्ट और 245 वनडे खेले हैं. वह यहां इंडियन जूनियर प्लेयर्स लीग टी-20 टूर्नमेंट के मेंटर के तौर पर आये हुए हैं. उन्हें लगता है कि टी-20 क्रिकेट सिर्फ मनोरजंन नहीं है और खेल के इस छोटे प्रारूप ने कुछ बेहतरीन क्रिकेटर्स दिये हैं, जैसे भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली.

माल्या के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट

दिल्ली के एक कोर्ट ने फेरा उल्लंघन मामले में कथित रूप से समन की तामील नहीं करने के लिए विजय माल्या के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया है. कोर्ट ने कहा, 'देश के कानून के प्रति माल्या में सम्मान की कमी है और भारत लौटने का कोई इरादा नहीं है.' अदालत ने यह भी कहा, ' माल्या का यह दावा गलत और प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाला है कि वह भारत लौटना चाहते हैं लेकिन उनका पासपोर्ट निरस्त कर दिया गया है.'

मौजूदा मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या के खिलाफ विदेशी विनिमय नियमन अधिनियम (FERA) के तहत एक मामला दर्ज किया था. एजेंसी ने फेरा के सेक्शन 40 के तहत माल्या को समन जारी किया था और एक जांच के संबंध में एजेंसी के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया था. माल्या पर आरोप है कि लंदन स्थित बेनेटन फॉर्म्युला लि. के फ्लेवियो ब्रिटोर के साथ एक ट्रांजैक्शन के संबंध में उन्होंने फेरा रेग्युलेशन का उल्लंघन किया था. उसी मामले में यह जांच चल रही है.

ईडी का कहना है कि किंगफिशर ब्रैंड के विदेश में प्रमोशन के लिए लंदन स्थित बेनेटन फॉर्म्युला लि.के साथ दिसंबर 1995 में हुए एक करार के संबंध में माल्या को पूछताछ के लिए चार बार समन जारी किया गया है.

जब माल्या पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ यहां एक कोर्ट में 8 मार्च, 2016 को एक शिकायत दर्ज कराई गई और बाद में फेरा के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया.

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, माल्या ने कथित तौर पर 1996,1997 और 1998 में लंदन और कुछ अन्य यूरोपीय देशों में फॉर्म्युला वन वर्ल्ड चैंपियनशिप में किंगफिशर के लोगो को प्रदर्शित करने के लिए ब्रिटश कंपनी को 2,00,000 डॉलर यानी करीब 1.32 करोड़ रुपये का भुगतान किया था.

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