20 साल की क्षमा प्रिया के हाथों की मेहंदी का रंग अभी सुर्ख ही था और उस का सुहाग उजड़ गया. कुछ समय पहले ही क्षमा ने दिवाकर  के नाम की मेहंदी रचाई थी. उस के पति दिवाकर की मौत नक्सली हमले में हो गई. जैसे ही उस के भाई विपिन ने उसे दिवाकर की मौत के बारे में खबर दी कि समूचा घर चीखपुकार में डूब गया. क्षमा रोतेबिलखते हुए बारबार यही कह रही थी, ‘‘मेरे दिवाकर को कुछ नहीं हुआ है... वह ठीक है... लोग हमारी शादी से जलते हैं, इसलिए झूठी बातें फैला रहे हैं... क्यों मार दिया मेरे पति को? ऐ नक्सली, हम ने आप का क्या बिगाड़ा था... बताइए...’’ इतना कहतेकहते वह फिर से बेहोश हो गई.

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