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फिल्म ‘डैडी’ कब सिनेमाघर पहुंचेगी?

मुंबई के माफिया डॉन से राजनेता बने और इन दिनों अपने अपराधों के लिए आजीवन कैद की सजा जेल में काट रहे अरूण गवली के जीवन पर अभिनेता व निर्माता अर्जुन रामपाल ने एक फिल्म ‘डैडी’ का निर्माण किया है.

इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने खुद ही अरूण गवली का किरदार निभाया है. अर्जुन रामपाल का दावा है कि इस फिल्म को अरूण गवली का आर्शीवाद प्राप्त है और उन्होंने यह फिल्म उनकी इजाजत लेकर ही बनायी है.

इसी के चलते फिल्म का टीजर बाजार में आने से पहले अर्जुन रामपाल ने फिल्म का टीजर अरूण गवली की बेटियों गीता, योगिता व अस्मिता के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों को दिखाया. टीजर देखने के बाद अरूण गवली की बेटियों ने काफी तारीफ की.

मगर फिल्म ‘डैडी’ कब सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी इस सवाल पर अरूण गवली की बेटी ने कहा कि जब उनके पिता इस फिल्म को देखकर हरी झंडी देंगे, तभी यह फिल्म प्रदर्शित होगी. एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए गीता ने कहा है कि ‘‘हम इस फिल्म को अपने पिता को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, जब तक वह नहीं देख लेते, तब तक यह फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित नहीं होगी. हो सकता है कि जब मेरे पिता पैरोल पर जेल से बाहर आएं, तब उन्हे यह फिल्म दिखायी जाए. इस बारे में मैं अर्जुन रामपाल से बात करने वाली हूं’’

जबकि इस फिल्म को बनाने की वजहों की चर्चा करते हुए अुर्जन रामपाल ने हमसे कहा, ‘‘हमने उनसे इजाजत लेकर यह फिल्म बनायी है. मैं उनसे कई बार मिला हूं. उनसे मिलने के बाद ही मेरे दिमाग में उनके साथ फिल्म बनाने की बात आयी. मेरी राय में एक फिल्म बनाने के लिए कोई वजह होनी चाहिए कि मैं यह फिल्म क्यों बना रहा हूं? इस फिल्म को बनाने की वजह मुझे यह समझ में आयी कि अरूण गवली ने अपनी जिंदगी में काफी उतार चढाव देखे हैं. लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं, तो मुझे लगा कि उन पर यदि फिल्म बनाए, तो अच्छी फिल्म बनेगी.’’

अर्जुन रामपाल के लिए तो यह ‘सिर मुड़ाते ही ओले पड़े’ वाली हालत हो गयी है.

13 साल बाद डेविस कप की मेजबानी करेगा पाक

पाकिस्तान अगले वर्ष फरवरी में डेविस कप टेनिस के मुकाबले में इरान की मेजबानी करेगा. पाकिस्तान 13 वर्ष बाद डेविस कप की मेजबानी करेगा.

पाकिस्तान टेनिस फेडरेशन के सचिव खालिद रहमानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टेनिस फेडरेशन ने माना कि सुरक्षा स्थिति अब बेहतर हो गई है. यह मुकाबला इस्लामाबाद में 3 से 5 फरवरी तक होगा. उन्होंने कहा कि इरानी टीम को विदेश से आने वाले नेताओं को दी जाने वाली सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.

वर्ष 2001 में आतंकी गतिविधियों के बाद से पाकिस्तान ने कुछ ही अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की मेजबानी की है. पाकिस्तान ने पिछली बार अपनी जमीन पर डेविस कप मैच वर्ष 2004 में खेला था, जब उसका सामना न्यूजीलैंड से हुआ था.

इसके बाद से कोई भी देश यहां नहीं खेला है. क्रिकेट में वर्ष 2009 में श्रीलंकाई टीम पर हुए हमले के बाद से पाकिस्तान अपने सभी घरेलू मैच यूएई में खेल रहा है. वर्ष 2015 में उसने जिम्बाब्वे के खिलाफ कुछ मैच की मेजबानी की थी.

गूलीगन मालवेयर: 10 लाख गूगल अकाउंट खतरे में

दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल से जुड़े 10 लाख अकाउंट्स की सिक्योरिटी पर खतरा मंडरा रहा है. इसकी वजह एंड्रॉइड मालवेयर के नए वर्जन गूलीगन (Gooligan) है. ऑनलाइन सि‍क्‍युरि‍टी कंपनी चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज के मुताबि‍क गूलीगन ने गूगल के 10 लाख से ज्यादा अकाउंट्स का पर्सनल डाटा चुरा लिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने 1.3 मिलियन गूगल अकाउंट्स के ईमेल्स, फोटोज और जरूरी दस्तावेज में सेंध मारी है. इसकी वजह गूगल प्ले स्टोर बना है जिसके ऐप्स के जरिए हैकर्स ने अकाउंट्स को इंफेक्ट किया है. इस बारे में गूगल ने भी बयान जारी कर कहा है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी है और वो इसे लेकर सख्त कदम उठा रहे हैं.

सबसे पहले हैकर्स नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन को अपना निशाना बनाया और फिर उसके जरिए उनके स्मार्टफोन में कुछ ऐप इंस्टॉल करने शुरू किए. उन्होंने इस बात का भी ध्यान रखा कि इससे स्मार्टफोन यूजर को पता न चले कि कोई ऐप इंस्टॉल हुआ है.

एंड्रॉयड के सिक्योरिटी डायरेक्टर एंड्रू लिड्विन ने ब्लॉगपोस्ट पर कहा है कि कंपन ने गूगल प्ले स्टोर से वैसे ऐप हटा लिए हैं जिनपर शक था.

हैकर्स ने यूजर्स के स्मार्टफोन ऐसे ऐडवर्टाइजिंग मैलवेयर भी भेजे हैं जो यूजर्स को ट्रैक करता है और इनके डेटा बाजार में बेचता है. गूगल का कहना है कि कंपनी ने ऐसा 150,000 साइबर अटैक्स को नाकाम किया है.

सिक्योरिटी फर्म चेक प्वॉइंट के रिसर्चर्स ने कहा है कि 13,000 डिवाइस कि सुरक्षा में रोजाना सेंध लग रही है.

क्या है मामला

चेक प्‍वाइंट के हेड ऑफ मोबाइल प्रोडक्‍ट्स माइकल शोलोव के मुताबिक गूलीगन ने 10 लाख गूगल अकाउंट में सेंधमारी कर पर्सनल डि‍टेल चोरी की हैं. ये काफी खतरनाक है और यह नेक्‍स्‍ट स्टेज के साइबर अटैक्‍स को दिखलाता है. इससे जीमेल, गूगल फोटो, गूगल प्ले व गूगल डॉक्स से यूजर्स की जानकारी चुराई जा सकती है. माइकल ने बताया कि पिछले एक साल में हैकर्स ने अपनी स्ट्रेटजी को पूरी तरह बदल दिया है. अब हैकर्स पर्सनल कम्प्यूटर्स की जगह मोबाइल डिवाइसेज को टार्गेट कर रहे हैं.

क्या कर रहा है Gooligan मालवेयर

चेक प्‍वाइंट की रि‍पोर्ट में बताया गया है कि ये मालवेयर रोजना 13,000 डि‍वाइसेस पर असर डाल रहा है. अब तक गूलीगन एंड्रॉयड 4 (जेली बीन, कि‍टकैट) और 5 (लॉलीपॉप) को टारगेट कर रहा है. मार्केट में मौजूद कुल एंड्रॉइड डि‍वाइसेस में इनकी हि‍स्‍सेदारी करीब 74% है. इसमें से 40% डि‍वाइसेस एशि‍या में और करीब 12 फीसदी यूरोप में हैं.

ऐसे करें चेक आपका अकाउंट सेफ है या नहीं 
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने एक वेबसाइट तैयार किया है जिसके जरिए आप चेक कर सकते हैं कि आपका अकाउंट हैक हुआ है या नहीं.

इस वेबसाइट Gooligan.CheckPoint.com पर जाएंगे तो आपको अपना ईमेल आईडी दर्ज करने को कहा जाएगा. इसके बाद यहां आपको बताया जाएगा कि आपके अकाउंट में सेंध लगाई गई है या नहीं.

इस फर्म ने उन ऐप्स की लिस्ट जारी की है जो इन्फेक्टेड हैं. बेहतर होगा आप इस लिस्ट को देखें और चेक कर लें. अगर इनमें से कोई भी ऐप आपके पास हो तो जल्दी हटाएं.

एक बात का ध्यान हमेशा रखें, किसी भी ऐप डाउनलोड करते वक्त यह जरूर देखें कि ऐप बनाने वाला पब्लिशर वेरिफाइड है या नहीं. बिना वेरिफाइड पब्लिशर्स का ऐप डाउनलोड करने से बचें.

पीसीबीः हम भीख नहीं मांग रहे लेकिन..

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन शहरयार खान ने कहा कि वे भारत के खिलाफ खेलने की भीख नहीं मांग रहे लेकिन उनका कहना है कि पीसीबी अपने अधिकार के तहत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दोनों देशों के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए किए गए सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए जोर देगा.

शहरयार ने खेलों पर राष्ट्रीय स्थायी समिति के साथ बैठक के बाद कहा, 'हम उनसे हमसे खेलने के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं. कृपा करके ऐसा मत समझिए. उन्होंने (बीसीसीआई) ने हमसे 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन वे अपनी प्रतिबद्धता पर पूरे नहीं उतरे.'

उन्होंने कहा, 'क्रिकेट का देश होने के नाते यह हमारा अधिकार है कि हम उन्हें सहमति पत्र का सम्मान करने के लिए जोर दें. उन्हें हमसे तुंरत दो घरेलू सीरीज खेलनी चाहिए क्योंकि अंतिम पूर्ण द्विपक्षीय सीरीज भारत में 2007 में खेली गई थी. सहमति पत्र में पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच चार पूर्ण सीरीज की मेजबानी करनी थी.'

यह सहमति पत्र 2014 में आईसीसी बैठक के दौरान आया था और शहरयार ने कहा कि सहमति पत्र के मुताबिक दोनों देशों को द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि पीसीबी वित्तीय लाभ के लिए इन सीरीज पर निर्भर है.

उन्होंने कहा, 'हम समझौते पत्र के मुद्दे पर अपने वकीलों से सलाह मश्विरा कर रहे हैं और इस महीने होने वाली एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की बैठक में हम द्विपक्षीय सीरीज का यह मामला उठाएंगे.'

कंप्यूटर पर अवांछित विज्ञापन से मिलेगी मुक्ति

इंटरनैट पर अवांछित विज्ञापनों से परेशान और अपनी इच्छानुसार विज्ञापन देखने के इच्छुक लोगों के लिए अमेरिका की ऐड ब्लौकर कंपनी ने ऐसा उपाय शुरू किया है, जिस से कोई आप की इजाजत के बिना इंटरनैट के इस्तेमाल के समय आप को तंग नहीं करेगा. कंपनी का दावा है कि विज्ञापन देखने और नहीं देखने के इच्छुक यूजर्स के लिए उस की सेवा प्रहरी यानी गेटकीपर की होगी. कंपनी का यह भी दावा है कि उस की यह सेवा लोगों को पसंद आ रही है. इसलिए इस में तेजी से इजाफा हो रहा है. कारोबार बढ़ा है इसलिए उस ने इसे पार्टटाइम काम की जगह पूरे वक्त के काम के तौर पर शुरू किया है. कर्मचारियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी कर दी गई है. कंपनी के शोधार्थी प्रहरी की भूमिका वाली थीम पर लगातार काम कर रहे हैं ताकि यूजर्स के लिए विज्ञापन परेशानी नहीं, बल्कि एक तरह से मनोरंजक बन सकें.

इंटरनैट पर अवांछित विज्ञापन यूजर्स के लिए सब से बड़ी असुविधा है. साइट खोलिए तो उस को देखने में अवांछित विज्ञापन अवरोधक बनते हैं. कई बार विज्ञापन की पट्टी हटाना सामान्य यूजर्स के लिए सिरदर्द बन जाता है. मोबाइल उपभोक्ताओं को भी अवांछित विज्ञापन परेशान करते हैं, लेकिन सरकार की सख्ती के बाद इस पर नकेल कस दी गई है. हालांकि कुछ कंपनियां अब भी लोगों को परेशान करने से बाज नहीं आ रही हैं. उम्मीद की जानी चाहिए कि जिस तरह से मोबाइल उपभोक्ताओं को अवांछित कौल्स से मुक्ति मिली है, उन्हें जल्द ही अवांछित कंप्यूटर विज्ञापनों से भी मुक्ति मिल जाएगी. 

दूसरे तीसरे दरजे के शहरों में बढ़ा ई-कौमर्स

छोटे शहर औनलाइन कारोबार पर चार चांद लगाने का काम कर रहे हैं. इन शहरों में औनलाइन खरीदारी जिस तेजी से बढ़ रही है उस से अनुमान लगाया जा रहा है कि इन शहरों में ब्रैंडेड सामान की मांग बढ़ने से सस्ते सामान का कारोबार भी प्रभावित होगा. औनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों ने छोटे शहरों का रुख तेज कर दिया है.

औनलाइन कारोबार करने वाली कंपनी स्नैपडील का कहना है कि दूसरे तथा तीसरे स्तर के शहरों में काम करने से उस का कारोबार 20 फीसदी तक बढ़ गया है. फ्लिपकार्ट का कहना है कि उस ने छोटे शहरों के अलावा गांव तक अपनी पहुंच बनाने के लिए पहल शुरू कर दी है. अमेजौन का कहना है कि उस की सेवा तत्परता के कारण छोटे शहरों के ग्राहक उस का रुख अन्य सेवा प्रदाताओं की तुलना में ज्यादा तेजी से कर रहे हैं.

एक आंकड़े के अनुसार छोटे शहरों, कसबों तथा गांवों में औनलाइन कारोबार में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हाल के दिनों में आई है. पिछले साल की तुलना में इस बार औनलाइन और्डर हजारों गुना बढ़े हैं और उन में डिलीवरी पर 60 फीसदी और्डर नकद आधार पर हो रहे हैं. इन इलाकों में रसोई के सामान, इलैक्ट्रौनिक्स सामान, साडि़यां, पर्स तथा मोबाइल की औनलाइन ज्यादा मांग है.

छोटे कसबों में अब तक बड़े शहरों के जरिए सामान की आपूर्ति होती थी जिस के कारण उपभोक्ताओं को सामान देर से मिलता था. छोटे शहरों या कसबों में बड़े शहरों से एकसाथ कई और्डर ले कर जाना पड़ता था, जिस की वजह से देर होती थी लेकिन कुछ कंपनियों ने इन शहरों में अपनी सेवा शुरू कर दी है जिस का फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इस सुविधा के कारण इन छोटे शहरों में औनलाइन कारोबार आकर्षण का केंद्र बन गया है.

कार्ड स्वाइप कर रहे हैं तो ये बातें जरूर जानें

नोटबंदी के बाद क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का सहारा लोगों को लेना पड़ रहा है. और बड़े शहरों में ऐसे सामान खरीदना लोगों को खूब भा रहा है. लेकिन इस दौरान अगर जरा सी चूक हुई तो साइबर अपराधी आपके डेबिट-क्रेडिट कार्ड में मौजूद जानकारी हासिल करके आपके अकाउंट से रुपये निकाल सकते हैं.

आइए हम बता रहे हैं आपको कि कैसे जरा सी सावधानी से आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं.

पिन नंबर न करें शेयर

अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड का पिन नंबर कभी किसी से शेयर न करें चाहे वो आपका परिचित ही क्यों न हो.

एसएमएस की सुविधा

बैंक से एसएमएस की सुविधा लें ताकि आपके खाते में रुपये निकलने का अपडेट आपको मिलता रहे.

खाता चेक करते रहें

समय-समय पर अपने बैंक खाते को चेक करते रहें ताकि अगर कुछ भी गड़बड़ी हो जाए तो उसका पता जल्दी से जल्दी लगाया जा सके.

क्रेडिट कार्ड की लिमिट

हो सके तो अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट कम रखें.

जागरूक रहें

सामान खरीदते समये भी पिन नंबर छिपाकर इंटर करें और रसीद लेना न भूलें.

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारियां गुप्त रखें.

झांसे में न फंसे

कभी कोई बैंक का कर्मचारी बनकर फोन पर आप के एकाउंट से जुड़ी जानकारियां मांगे जैसे कि आपके डेबिट कार्ड का नंबर और पिन नंबर तो कभी भी शेयर न करें.

बिल भुगतान के लिए राष्ट्रीय निगम

सरकार नकदी के प्रचलन को कम कर के औनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है और उस के लिए उस ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) का गठन कर अपने मजबूत इरादों को भी जाहिर कर दिया है. इस निगम ने अपना काम परीक्षण के तौर पर आरंभ भी कर दिया है. एनपीसीआई का गठन सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक की पहल पर शुरू किया है. एनपीसीआई के जरिए बिजली, पानी, गैस, टैलीफोन, मोबाइल, डीटीएच जैसी सेवाओं के बिल का भुगतान होगा.

एनपीसीआई द्वारा यह भुगतान इलैक्ट्रौनिक तरीके से किया जाएगा. एनपीसीआई ने सेवा को प्रभावी बनाने के लिए सरकारी तथा निजी क्षेत्र के कई बैंकों के साथ समझौता किया है. बैंकों के अलावा कुछ वित्तीय संस्थाओं के साथ भी इस मामले में सहयोग लेने पर विचार किया जा रहा है और इस संदर्भ में परीक्षण भी किया जा रहा है. इस से साफ अनुमान लगाया जा सकता है कि एनपीसीआई देश में एक ही स्थान पर सभी बिलों के भुगतान का एक बड़ा केंद्र बनेगा. नकदी के बोझ तथा उस को ले कर जाने के जोखिमों को देखते हुए इस तरह की प्रणाली का सरकारी स्तर पर संचालन अच्छी पहल है, इस से ग्राहक में भुगतान को ले कर ज्यादा निश्ंिचतता रहेगी और वह झंझट से भी बच जाएगा. औनलाइन भुगतान की सुविधा आज भी मौजूद है लेकिन एनपीसीआई की सक्रियता से इस प्रणाली को विश्वसनीयता, मजबूती और एक ही केंद्र मिल जाएगा जहां ज्यादा लोग अपनी जरूरी उपयोग की सेवाओं के बिलों का आसानी से भुगतान कर सकेंगे.

अच्छी बात यह है कि एनपीसीआई देश के महानगरों से ले कर छोटेछोटे शहरों में पहुंच कर लोगों को यह सुविधा देगा. दूसरी लोकप्रियता के लिए जरूरी है कि लोगों की शिकायत का निस्तारण व्यवस्थित हो.

कार्लसन फिर बनें शतरंज चैंपियन

शतरंज जगत में अपने प्रभाव को बढ़ाते हुए नार्वे के मैगनस कार्लसन ने रूसी प्रतिद्वंद्वी सर्गेई कारयाकिन को टाईब्रेकर में हराकर विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता.

इस जीत के साथ कार्लसन शतरंज के दिग्गज खिलाड़ी गैरी कास्पोरोव जैसा दर्जा पाने के और करीब पहुंच गए. कास्पोरोव ने 15 वर्षों तक अपना दबदबा कायम रखा था. हालांकि, कारयाकिन ने 12 नियमित दौर तक कार्लसन को जोरदार टक्कर दी.

26 साल के दोनों युवा खिलाड़ियों के बीच हुए 12 मुकाबलों में कोई विजेता नहीं बन सका था. अंतिम चरण की चार अतिरिक्त बाजियों में नार्वे के चैंपियन कार्लसन ने कारयाकिन को 3-1 से शिकस्त देकर खिताबी जीत हासिल की.

कार्लसन को पहली बाजी जीतने के बाद दूसरी में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने जबर्दस्त वापसी करते हुए तीसरी और चौथी बाजी में लगातार जीत दर्ज कर खिताब पर अपना कब्जा जमाया.

26 वर्षीय कार्लसन ने इससे पहले 2013 और 2014 में भारत के विश्वनाथन आनंद को हराकर यह खिताब जीता था.

इस साल विश्व शतरंज चैम्पियनशिप की ईनामी राशि 11 लाख डालर है जिसमें से 60 फीसदी अवॉर्ड के रूप में दी जाएगी. कार्लसन के समर्थकों ने उन्हें इस मौके पर बधाई दी.

भारत में आज लॉन्च होगा स्मार्टफोन वनप्लस 3टी

चीनी स्मार्टफोन कंपनी आज भारत में अपना नया फ्लैगशिप OnePlus 3T लॉन्च कर रही है. वनप्लस आज भारत में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 3T लॉन्च करेगी. यह कंपनी का चौथा स्मार्टफोन होगा और यह फ्लैगशिप OnePlus 3 का ही अपग्रेडेड वर्जन है.

वनप्लस 3टी को पिछले महीने पहली बार लॉन्च किया था। और अब तक इस फोन को अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में उपलब्ध कराया गया है। इन बाजारों में इस फोन को ओरिजिनल वनप्लस 3 (रिव्यू) से रिप्लेस कर दिया गया है। हालांकि, भारत में ऐसा नहीं होने की उम्मीद है। वनप्लस ने इससे पहले बातचीत में कहा था, ''वनप्लस 3 भारत में बिकता रहेगा।'' इसका मतलब है कि दोनों स्मार्टफोन भारत में उपलब्ध होंगे।

वनप्लस 3T बहुत हद तक देखने में वनप्लस 3 जैसा ही है। इसके अंदरूनी स्पेसिफिकेशंस अपग्रेड किए गए हैं। 

स्मार्टफोन में क्या है खास

नया प्रोसेसर और बड़ी बैटरी

इस स्मार्टफोन में नया प्रोसेसर है जिसकी स्पीड 2.35GHz की है और इसकी बैटरी भी बड़ी है. इसमें क्वॉल्कॉम स्नैपड्रैगन 821 चिपसेट के साथ 3,400mAh की बैटरी दी गई है. पिछले स्मार्टफोन में स्नैपड्रैगन 820 के साथ 3,000mAh की बैटरी दी गई थी.

इन दो चीजों के अलावा दूसरे स्पेसिफिकेशन कमोबेश OnePlus 3 जैसे ही हैं. यह दो कलर वैरिएंट में उपलब्ध होगा- गनमेटल और सॉफ्ट गोल्ड. इसकी शुरुआती कीमत 439 डॉलर (लगभग 29,782 रुपये) है जबकि 128GB वैरिएंट की कीमत 479 डॉलर (32,495 रुपये) है. उम्मीद की जा रही है की यह स्मार्टफोन आने के बाद OnePlus 3 को बंद कर दिया जाएगा.

स्पेसिफिकेशन्स

– इस स्मार्टफोन में 6GB रैम है और दो इंटरनल स्टोरेज वैरिएंट हैं. एक में 64GB मेमोरी होगी जबकि दूसरे में 128GB की इंटरनल मेमोरी होगी. इसमें आपको माइक्रो एसडी कार्ड का सपोर्ट नहीं मिलेगा.

– यह एंड्रॉयड मार्शमैलो पर चलता है और इसमें कंपनी की डैश चार्जिंग टेक्नॉलोजी लगाई गई है, यानी इसे फास्ट चार्ज किया जा सकता है. कंपनी का दावा है कि इसे सिर्फ 30 मिनट में 60 फीसदी तक चार्ज किया जा सकेगा.

– फुल मेटल बॉडी वाले इस स्मार्टफोन में फ्रंट फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. इसमें 5.5 इंच की फुल एचडी एमोलेड डिस्प्ले लगी है और कनेक्टिविटी के लिए इसमें यूएसबी टाइप सी और डुअल सिम सपोर्ट दिया गया है.

– 16+16 मेगापिक्सल कैमरा: फोटोग्राफी के लिए इसके रियर में 16 मेगापिक्सल का सोनी कैमरा सेंसर दिया गया है . इसमें फेस डिटेक्शन ऑटोफोकस और ऑप्टिकल इमेज स्टेब्लाइजेशन का सपोर्ट है. इसके अलावा इससे टाइम लैप्स और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया जा सकता है. सेल्फी के लिए भी इसमें 16 मेगापिक्सल कैमरा है जबकि पुराने वाले स्मार्टफोन मे 8 मेगापिक्सल का कैमरा सेंसर दिया गया था.

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