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तत्‍काल बदल दें अपनी कार के टायर

कार ड्राइविंग का शौक लगभग हर किसी को होता है, खुली सड़क पर बिना किसी टेंशन के हवा से बातें करने में जो मजा है वो सिर्फ एक कार चालक ही समझ सकता है. लेकिन कभी-कभी आपके खुशी के इस पल में खलल पड़ जाता है, और इसका कारण कोई और नहीं बल्कि खुद आपकी कार ही होती है.

आप सोच रहें होंगे कि आखिर कार कैसे खलल पैदा कर सकती है. आइये आपको बतातें हैं, आप भी अन्‍य लोगों की तरह अपनी कार का बखूबी ख्‍याल रखते होंगे. लेकिन ज्‍यातर लोग अपनी कार के उपरी चमक-दमक पर ध्‍यान देते हैं, उसके पेंट आदि पर. बहुत कम ही लोग अपनी कार के टॉयर पर ध्‍यान देते हैं. आपको याद दिला दें कि पहियों के बिना बेहतर कार क्‍या बल्कि उसकी कल्‍पना भी नहीं की जा सकती है. तो फिर आप अपनी कार के पहियों से इतना बेफिक्र क्‍यों हो सकते हैं. इसके अलावा कुछ लोगों को देखा गया है कि, वो अपनी कार के पहियों का ठीक प्रकार से निरीक्षण ही नहीं कर पाते हैं, कि उन्‍हें कब बदलना चाहिये.

जैसे आप अपने पैरों का ख्‍याल रखते हैं, ठीक वैसे ही आपको अपनी कार के टॉयरों का भी ख्‍याल रखना जरूरी होता है ताकि आप कभी भी चलते हुये अचानक रास्‍ते में रूकें नहीं. तो आज हम आपको बतायेंगे उन पांच संकेतों के बारें में जिससे आप यह जान सकते हैं कि अब आपकी कार को नये टॉयरों की जरूरत है.

1. टॉयरों के उपरी सतह का घिसना

सबसे पहला संकेत आपकी टॉयर के बदलने का जो होता है वो है टॉयर के ट्रेड, ट्रेड टॉयर का सबसे उपरी आवरण होता है, काफी दिनों तक लगातार कार चलाने के बाद ट्रेड का घिसना आम बात होती है. यदि आपके टॉयर का ट्रेड लगभग 1.6 मिलीमीटर से कम हो गया हो तो यह साफ संकेत है कि आपकी कार को नये टॉयरों की जरूरत है.

2. ट्रेड वियर इंडीकेटर बार

ट्रेड वियर इंडीकेटर बार, आपको बता दें कि य‍ह टॉयर के बीच के गैप में दिया गया एक बिट होता, जैसा कि तस्‍वीर में घेरे में दिखाया गया है. यह एक इंडीकेटर बार होता है, जिसकी उंचाई टॉयर के ट्रेड यानी की बाहरी सतह से कम होती है. आपको यह बिट तक संकेत करता है जब टॉयर के बाहरी सतह की उंचाई घिसते-घिसते बिट के बराबर आ जाये तो आपकी कार को नये टॉयर की जरूरत होती है.

3. साईड वॉल पर क्रेक होना

टॉयरों के पुराने होने पर उनके किनारे के हिस्‍सों पर क्रेक (टूटना) दिखने लगता है. इसे आप बहुत ही आसानी से अपनी कार को खड़ी कर देख सकते हैं. शुरूआती दौर में यह थोड़ा-थोडा सा दिखते हैं, लेकिन कुछ दिनों के बाद इनका आकार बढ़ने लगता है. यह ज्‍यादातर ज्‍यादा हवा भराने और टॉयरों के पुराने हो जाने पर ही होता है. लेकिन आप इन क्रेक्‍स यानी की दरारों को हल्‍के में ना लें. यह भी आपकी कार के लिये नये टायरों का संकेत है.

4. पहियों पर उभार दिखना

आप जहां भी अपनी कार से जाते हैं, वहां एक समान सड़क मिले इसकी कोई गारंटी नहीं होती है. जिसका सीधा असर आपके कार के पहियों पर पड़ता है. जी हां, उतार-चढ़ाव भरे पथरीले रास्‍तों या फिर खराब सड़कों पर जब आप अपनी कार दौड़ाते हैं तो कार के वजन और खराब सड़क के बीच टॉयरों का कचूमर निकलने जैसे हालात हो जाते हैं. जिसके कारण टॉयरों पर किनारे-किनारे उभार, या फिर उनके फटने जैसी आकृति दिखने लगती है. यह नये टॉयरों के प्रयोग करने का साफ संकेत है

5. कार चलाने के दौरान कंपन

जब आप अपनी कार चलाते हैं, तो इस बात का पता खराब सड़कों पर उतना ज्‍यादा नहीं चलता है लेकिन जब आप सपाट सड़क पर आतें हैं और उस समय आपकी कार में कंपन महसूस हो तो तत्‍काल अपने पहियों की जांच करें. यदि टॉयर पुराने हो गयें तो मकैनिक की सलाह लेकर टॉयरों को तत्‍काल बदलें.

एटीएम से रेल सफर की टिकट सुविधा

एटीएम ने बैंक से जुड़ी हमारी जीवनप्रक्रिया को सरल बना दिया है और जेब में ज्यादा नकदी ले कर चलने की असुविधा से मुक्त कर दिया है. हमें जहां और जितनी राशि अपने बैंक से चाहिए, एटीएम से मिल जाएगी. हालांकि, सरकार ने एटीएम के निशुल्क इस्तेमाल पर अब अंकुश लगा दिया है. दूसरे बैंक के एटीएम के इस्तेमाल को भी सीमित कर दिया गया है. बैंक एटीएम सुविधा का अन्य श्रेणी के लिए इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहे हैं और उस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इस क्रम में सब से बड़ी पहल रेलवे कर रहा है.

रेलवे बोर्ड की एक खबर के अनुसार, एटीएम से टिकट निकालने की योजना पर विस्तार से बातचीत चल रही है. रेलवे को डिजिटल से जोड़ने की प्रक्रिया के तहत टिकटकाउंटर को भी कैशलैस बनाया जा रहा है. एटीएम से रेल टिकट मिलने की सुविधा से रेल टिकट के लिए होने वाली असुविधा से नजात मिलेगी. इस संदर्भ में रेलवे के अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के बीच काफी समय से बातचीत चल रही है और इस के लिए सौफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है.

यहां विशेष बात यह है कि यदि एटीएम पर रेल रिकट मिलने लगेंगे तो पैसा निकालने वालों को दिक्कत होगी. इसलिए एटीएम के साथ एटीवी यानी औटोमैटिक टिकट मशीन लगाई जाएगी. एटीवी की स्थापना में थोड़ा वक्त लगने की संभावना है. लेकिन एटीएम के लिए रेल टिकट निकालने के वास्ते जिस सौफ्टवेयर पर काम चल रहा है उस की सफलता के बाद एटीएम में पैसे के साथ ही रेल टिकट निकालने की रेलयात्रियों को सुविधा मिल जाएगी.

औनलाइन रेल टिकट के बाद एटीएम से टिकट मिलना रेल का डिजिटल भारत के लिए क्रांतिकारी कदम होगा. यह सुविधा उपलब्ध होने के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग की लाइनों में खड़े होने से छुट्टी मिल जाएगी. साथ ही, रेल टिकटों की ब्लैकमेलिंग पर भी लगाम लगेगी. रेलवे के टिकटकाउंटर दलालों से मुक्त हो सकेंगे और जरूरतमंद रेलयात्री को आसानी से गंतव्य तक पहुंचने का टिकट मिल जाएगा.

पुराने नोट रखना बना अपराध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि 500और1,000 रुपए के नोट बंद कर दिए गए हैं. तब से ये दोनों नोट महज कागज के टुकड़े भर रह गए हैं. कागज के टुकड़े में तबदील हुए इन नोटों की वैधता पर विधेयक ला कर फरवरी में इसे संसद में पारित कर दिया गया. नोटबंदी के बाद सरकार के 31 दिसंबर, 2016 तक देश में रहने वाले और 31 मार्च, 2017 तक प्रवासी भारतीयों को पुराने नोट बदलने का मौका दिया गया. तात्पर्य यह कि 500 और 1,000 के पुराने नोट अब कूड़ा बन गए हैं.

कुछ लोग शायद यह उम्मीद लगाए थे कि ये नोट बाजार में लौट आएंगे लेकिन वे शायद भूल रहे थे कि सरकार के फैसले अविश्वसनीय नहीं हो सकते. इसलिए आप के घर पर यदि ये पुराने नोट 10-10 की संख्या से ज्यादा हैं तो अब यह अपराध बन गया है और पकड़े जाने पर जेल की सजा तथा 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लग सकता है. जो नोट कल तक यानी 8 नवंबर, 2016 से पहले हमारी अर्जित संपत्ति होती थी और उन नोटों को संभाल कर तिजोरी में रखते थे, वही नोट रखना अब अपराध बन गया है.

सामान्य व्यक्ति के पास तो उस की मेहनत का पैसा था और नोटबंदी के बाद वह बैंक में जमा करवा चुका है लेकिन फिर भी बहुतों के पास थोड़ाबहुत पैसा पड़ा रहता ही है. यह कबाड़ घर में रखना अब गले की घंटी बन गया है. पुराने नोट रखने की संख्या 10 तय की गई है. लेकिन यह कम है. हमारे यहां जो मुद्रा प्रचलन में थी, उसे किसी भी संख्या में रखने का मौलिक अधिकार होना चाहिए. यह कानून मूलतया गलत है.

अपने इस MMS से पानी बचाने का संदेश दे रही है ये लड़की

जैसा कि हम देखते है हर रोज सोशल मीडिया पर कोई न कोई हॉट वीडियो लीक होता रहता है. इस तरह के जब कोई लड़की कपडे बदल रही हो, मगर आज हम आपको एक लड़की का बेहद हॉट बाथरूम वीडियो दिखाने जा रहे हैं, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचाया हुआ है. वीडियो देखने के बाद आप खुद समझ जायेंगे की क्यों यह वीडियो है इतना खास.

इस वीडियो में एक खूबसूरत लड़की बाथरूम में कपड़े बदलने गई और जब अपने कपडे बदल रही थी और किसी तरह से उसका एमएमएस भी बन रहा था. इस वीडियो को अभी तक लगभग 2.5 करोड़ लोग देख चुके हैं. इस वीडियो के आखिर में लड़की बाथरूम में वो काम करती है, जो इस देश ही नहीं इस पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा सबक है.

वीडियो की शुरुआत किसी लीक एमएमएस कि तरह होती है, जिसमें लड़की को कपड़े उतारते हुए दिखाया गया है, लेकिन तभी अचानक लड़की की नजर कैमरे की तरफ पड़ती है और फिर लड़की ने बाथरूम में ही वो किया जो इस स्थिति में मौजूद हर लड़की के लिए एक बड़ी चुनौती है.

वीडियो कि शुरुआत में सब कुछ वैसे ही होता है, जैसा आमतौर पर किसी अश्लील एमएमएस में होता है. लड़की बाथरूम में नहाने के लिए आती है और बेफिक्र हो अपने कपडे निकालने लगती है. वीडियो देख कर तो ऐसा ही लगता है जैसे कोई एमएमएस बनाया जा रहा हो, लेकिन तभी कुछ ऐसा होता है जो हमारी आंखों से पर्दा हटाने के लिए काफी है.

देखें आखिर क्या है इस वीडियो में…

अरुंधती की कर्ज माफ नहीं करने की सलाह

देश के सब से बड़े बैंक स्टेट बैंक औफ इंडिया यानी एसबीआई की अध्यक्ष अरुंधती भट्टाचार्य ने बैंककर्ज माफ करने को गलत बताया है. उन का कहना है कि कर्जमाफी की राजनीति के कारण बैंक और ग्राहक के बीच का अनुशासन टूटता है, दोनों के बीच के संबंध खराब होते हैं. जो लोग कर्ज ईमानदारी से चुकाते हैं उन के पड़ोसी का कर्ज माफ होने पर उन के भीतर की ईमानदारी दम तोड़ने लगती है और वे भी कर्ज ले कर माफ होने का इंतजार करते हैं. इस तरह से लंबी चेन बन जाती है.

कुछ लोग बैंक का कर्ज चुकाने में सक्षम होने के बावजूद अगले चुनाव का इंतजार करते हैं कि उस में कर्ज माफ हो जाए. उन का कहना है कि किसान की मदद की जानी चाहिए लेकिन यह मदद अनुशासन के दायरे में ही होनी चाहिए. मुश्किल यह है कि हाल में 5 में से 4 राज्यों में सरकार का गठन कर चुकी भाजपा ने चुनाव में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया है. दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी को मुफ्त बिजलीपानी की सुविधा देने के बाद अब संपत्ति कर से भी मुक्ति देने की घोषणा की है.

नए रिकौर्ड की तरफ शेयर सूचकांक

बीएसई यानी बौंबे स्टौक एक्सचेंज का सूचकांक लगातार नया रिकौर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उस की यही रफ्तार जारी रही तो जल्द ही सूचकांक 30,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंच जाएगा. अब तक सूचकांक 29644.9 अंक का उच्चतम मुकाम हासिल कर चुका है, हालांकि 2 साल पहले बीएसई का सूचकांक 29,683 अंक का रिकौर्ड बना चुका है. मार्च के पहले पखवाड़े में सूचकांक अपने पुराने रिकौर्ड स्तर के करीब पहुंच चुका है. नैशनल स्टौक एक्सचेंज भी इसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है.

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत और गोवा व मणिपुर में समर्थन जुटा कर सरकार का गठन कर चुकी भाजपा के सत्ता में आने से शेयर बाजार में उत्साह का माहौल है. मार्च के दूसरे पखवाड़े में शेयर बाजार की तेजी में थोड़ी सुस्ती जरूर देखी गई लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है पूरे देश के लिए एक ही कर प्रणाली जीएसटी को संसद में मंजूरी मिलने के बाद बाजार में उछाल आएगा और सूचकांक नया रिकौर्ड स्थापित करेगा.

जीएसटी को कर प्रणाली में सुधार और एकीकृत कर व्यवस्था का क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है. जिस का सीधा असर बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है. सरकार बैंकिंग क्षेत्र में भी सुधार लाने की दिशा में काम कर रही है. भारतीय बाजार में अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए पी नोट्स यानी पार्टिसिपेटरी नोट के जरिए पूंजी निवेश फरवरी में साढ़े 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है. पी नोट्स के जरिए वे विदेशी भारतीय बाजार में अनुबंध के जरिए निवेश करते हैं जो हमारे यहां सीधे पंजीकृत नहीं हो सकते लेकिन भारतीय प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहते हैं.

सचिन के संघर्ष की कहानी ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम’

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर की जिंदगी पर बन रही फिल्म 'सचिन: अ बिलियन ड्रीम' के ट्रेलर का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था. अब ये इंतजार खत्म हो गया है. सचिन की बायोपिक का ट्रेलर लॉन्च कर दिया गया है.

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम' में सचिन के बचपन से लेकर क्रिकेट के भगवान बनने तक के सफर को दिखाया गया है. ट्रेलर में सचिन ने बोलते हुए बताया कि क्रिकेट में आने का सपना उन्होंने 1983 में देखा था. 1983 भारतीय क्रिकेट का सुनहरा साल था. इसी साल कपिल देव की कप्तानी में भारत ने अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था.

फिल्म में सचिन के अलावा उनके बेटे ने भी एक्टिंग की है वहीं कुछ असल फुटेज भी इस्तेमाल की गई हैं. इस ट्रेलर में आपको अंजलि तेंदुलकर की भी आवाज सुनाई देगी. पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी सचिन की तारीफ में दो शब्द बोलते दिख रहे हैं. फिल्म 26 मई को 5 भाषाओं में रिलीज होगी.

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम' के रिलीज हुए ट्रेलर को अब तक फेसबुक और यू-ट्यूब पर मिलाकर 10 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

जन्मदिन पर खास : सरोद वादक ‘उस्ताद अली अकबर खां’

राष्ट्रीय धरोहर या पूरे राष्ट्र का अभिमान कहे जाने वाले, भारत के दिग्गज सरोद वादक उस्ताद अली अकबर खां ने 14 अप्रैल 1922 को कोमिला (जो कि अब बांग्लादेश में है) में जन्म लिया था. पश्चिम में अपने देश के संगीत का परिचय कराने वाले खां साहब का किडनी की लम्बे समय तक चली बीमारी के चलते 18 जून 2009 को सेन फ्रांसिस्को, संयुक्त राज्य अमेरिका में निधन हो गया था.

भारतीय संगीत का अभिमान समझे जाने वाले अली अकबर खां ऐसे पहले भारतीय संगीतकार थे जिन्हें साल 1991 में यूएस के मैकअर्थर फाउंडेशन द्वारा जीनियस ग्रांट फैलोशिप से नवाजा गया था. इसके अलावा साल 1997 में उन्हें कला के प्रतिष्ठित नेशनल हेरिटेज फैलोशिप के लिए राष्ट्रीय एन्डोमेंट से सम्मानित किया गया था, जो पारंपरिक कलाओं में सर्वोच्च अमेरिकी सम्मान था.

13 साल की उम्र में, खां साहब ने इलाहाबाद के एक संगीत सम्मेलन में अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन दिया था और इसके तीन साल बाद उन्होंने उस समय के महान सितार वादक पंडित रविशंकर जी के साथ अपना पहला 'जुगलबंदी' यानि कि युगल प्रदर्शन दिया था.

उन्होंने कई प्रतिष्ठित फिल्मों जैसे चेतन आनंद की 'आंधियां', सत्यजीत रे की 'देवी', मर्चेंट-आइवरी के 'द हाउसहोल्डर', तपन सिन्हा की 'खुदीतो पाषाण', बर्नार्डो बर्टोलुची की 'लिटिल बुद्धा' के लिए अपना संगीत दिया.

खान साहब द्वारा कई राग बनाई गई, उनमें से एक राग "चन्द्रनंदन" है जो चार ईवनिंग रागों पर आधारित एक रचना है. यह राग दुनिया भर में प्रचलित है. इसने वैश्विक पैमाने पर लोकप्रियता भी प्राप्त की और कई कलाकारों द्वारा ये आज भी प्रैक्टिस की जाती है.

भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसार के लिए, खां साहब ने साल 1956 में कलकत्ता में ‘अली अकबर कॉलेज ऑफ म्यूजिक’ नाम से एक विश्वविद्यालय खोला. इसके बाद साल 1967 में कैलिफोर्निया के बर्कले में भी इसी नाम से इसे शुरु किया, जिसे बाद में कैलिफोर्निया के सैन राफेल शहर में स्थानांतरित कर दिया गया था. खां साहब ने आगे बढ़ते हुए साल 1985 में स्विट्जरलैंड के बेसल में भी इसकी एक और शाखा खोल दी.

आपको जानकर हैरानी होगी कि खान पश्चिमी देशों के एक नियमित भारतीय कलाकार थे और बोस्टन और मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसे कई स्थानों में लगातार अपनी प्रस्तुति देते रहते थे. उस्ताद अली अकबर खां अमेरिकी टेलीविजन पर सरोद का प्रदर्शन करने वाले और अमेरिका में भारतीय शास्त्रीय संगीत के लिए एलपी रिकॉर्ड यानि कि विनील रिकॉर्ड, करने वाले पहले भारतीय संगीतकार थे.

उन्हें साल 1989 में भारत सरकार द्वारा संगीत में उनके अद्वितीय प्रदर्शन के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. अली अकबर खां साहब को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई फैलोशिप्स भी प्राप्त थी. बात यहीं ही खत्म नहीं होती, खां साहब ने पांच ग्रैमी अवार्ड में नॉमिनेशन भी हासिल किया है.

उस्ताद अली अकबर खां के अनुसार ‘यदि आप दस साल तक सरोद बजाने का  अभ्यास करते हैं, तो आप अपने आप को प्रसन्न करना शुरू कर देते हैं, इसके 20 सालों के बाद आप एक कलाकार या एक प्रस्तुतकर्ता बनते हैं और अपने दर्शकों या श्रोताओं को खुश कर सकते हैं, यहां तक की इसके भी 30 सालों के बाद आप अपने गुरु को भी प्रसन्न कर सकते हैं, लेकिन एक सच्चा कलाकार बनने के लिए आपको अंततः और निरंतर प्रयास करते रहना होगा"

तो इस वजह से सानिया हुईं थीं शोएब की दीवानी

ये तो सब जानते है, कि भारतीय टेनिस खिलाडी सानिया मिर्जा और पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक कई साल पहले ही शादी के बंधन में बंध चुके हैं. हम आपको बता दे कि इन दोनों की शादी को पूरे सात साल हो चुके हैं. ऐसे में हम आपको इन दोनों की शादीशुदा जिंदगी के बारे में कुछ ऐसे राज बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे. गौरतलब है, कि 12 अप्रैल 2010 को इन्होंने एक दूसरे को कबूल किया था. जिसके बाद ये एक दूसरे के हो गए.

वहीं आपको बता दे कि किसी सेलिब्रिटी की शादी में इतना बवाल नहीं मचा होगा, जितना इन दोनों शादी के दौरान मचा था. दरअसल ये दोनों ऐसे मुल्कों से थे, जिनकी आपस में कभी बनी ही नहीं. जिस कारण इनका रिश्ता हमेशा चर्चा का विषय बना रहा.  इसके इलावा पिछले साल जून के महीने में रिलीज हुई सानिया की ऑटोबायोग्राफी ‘ऐस अगेंस्ट ऑड्स’ जिसमे दोनों की लव स्टोरी से लेकर शादी तक के बारे में कई ऐसे किस्से बताए गए हैं, जिसे पढ़ने के बाद आप भी रोमांचित हो उठेंगे. वैसे आपको बता दे कि इन दोनों की शादी को लेकर जितना तूफान बाहर मचा हुआ था, उससे कही ज्यादा बड़ी आंधी तो सानिया के घर के अंदर चल रही थी.

दरअसल शोएब का पाकिस्तानी होना ही सानिया के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब था. इसके बाद सानिया ने बताया कि उन्हें याद है, कि एक बार कैसे उनके ही रिलेटिव ने उनके पिता से ये पूछ लिया, कि क्या अब सानिया ग्रीन टी शर्ट में नजर आएंगी. इसके साथ ही सानिया ने अपनी बायोग्राफी में उन किस्सों का भी जिक्र किया है, जो उनके निकाह से एक हफ्ता पहले चल रहे थे. ऐसे में मीडिया से छुप कर घर के कमरे में बंद रहना, पिछले दरवाजे से बाहर जाना, ये सब मुसीबते उन्हें झेलनी पड़ी. वो भी इसलिए क्यूंकि मीडिया जब भी इन दोनों की साथ में कोई झलक देखता था, तो बेतुकी कहानियां बना कर उसे पेश करता था.

इसके साथ ही सानिया ने ये भी बताया कि, इन सब से परेशान होकर शोएब उनके घर रहने लगे थे. मगर जब इस बारे में लोगों को मालूम हुआ, तो उनका कहना था, कि इस्लाम ये सब कबूल नहीं करता. वही सानिया का कहना था, कि शोएब उनके घर में रहते जरूर थे, पर वे दोनों एक फ्लोर पर नहीं रहते थे. उनके चार मंजिला घर में शोएब और वो अलग अलग ही रहते थे. मगर तब किसी ने सानिया की बात नहीं मानी. जिसके चलते घर के बड़ों ने ये तय किया कि, अब निकाह से पहले शोएब को किसी होटल में शिफ्ट कर देना चाहिए. इसके साथ ही सानिया ने अपनी किताब में ये भी बताया है, कि कैसे वो निकाह वाली रात होटल के बैक डोर से होते हुए किचन के रास्ते से बाहर निकली थी.

यहां तक कि सानिया ने अपनी बुक में अपनी लव स्टोरी के बारे में बताते हुए ये भी लिखा है, कि कैसे शोएब ने उन्हें प्रपोज किया था. इस किस्से के बारे में लिखते हुए सानिया बताती है, कि 2010 में ही उनकी शोएब से ऑस्ट्रेलिया में मुलाकात हुई थी. उस समय सानिया अपने पिता और कोच के साथ बैठ कर डिनर कर रही थी. बस तभी शोएब उनकी टेबल पर आए और उन्हें हेलो कहा. इसके बाद फोन पर उनकी बातें शुरू हुई और उनकी लव स्टोरी आगे बढ़ती गई. इसके इलावा शोएब से वो दो तीन बार मिल चुकी थी. सानिया का कहना था, कि शोएब की सादगी ने उनका दिल जीत लिया था.

गौरतलब है, कि शोएब ने ही सानिया से मुलाकात के कुछ महीनो बाद ये कहा था, कि चाहे जब भी हो, पर शादी मुझे तुमसे ही करनी है. इसलिए मैं ये बात अपनी मां को बताने जा रहा हूं. सानिया ने बताया कि उन्होंने बिना किसी ड्रामे के मुझे प्रपोज़ कर दिया. इसके इलावा सानिया को जब इस बात का पता चला कि रेस्टोरेंट में शोएब का आना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि उसकी प्रीप्लानिंग थी, तो वह हैरान रह गई. दरअसल शोएब उन्हें पहले से ही पसंद करते थे.

वहीं सानिया के परिवार को शोएब के पाकिस्तानी होने के साथ साथ उसके खेल की भी चिंता थी. ऐसे में सानिया ने जब इस बारे में शोएब से बात की, तो उनकी बातों ने सानिया को राहत दी. इस बारे में शोएब ने कहा, कि निकाह के बाद आप अपनी मर्जी से टेनिस खेल सकती हैं. मुझे तो आप पर नाज होगा. बस इसी वक्त सानिया ने शोएब की होने का फैसला कर लिया. फिर दोनों एक दूसरे के होकर, हिंदुस्तान और पाकिस्तान छोड़ दुबई जाकर बस गए.

शानदार सफर के लिए पेश हैं स्मार्ट गैजेट्स

सफर के दौरान कि‍न चीजों की जरूरत पड़ती है और कौन सी चीजें एक साधारण कार में आमतौर पर नहीं होतीं इसे ध्‍यान में रखते हुए कुछ बेहतरीन डि‍वाइस बनाए गए हैं.

यह आपके सफर को आसान कर देते हैं कई ऐसे फंक्‍शन आपकी कार में जोड़ देते हैं जो फि‍लहाल केवल महंगी कारों में ही मौजूद हैं. यह छोटे-छोटे डि‍वाइस बड़े काम करते हैं. इनकी बदौलत आपका सफर न केवल सुरक्षि‍त होता है बल्‍कि झंझट भी कुछ कम हो जाते हैं. आप इनकी बदौलत अपनी कार को एडवांस फीचर युक्त बना सकते हैं.

सीट बेल्‍ट कटर

जैसा इसका नाम है वैसा इसका काम भी है. यह कि‍सी एक्‍सीडेंट के बाद फंसी हुई सीट बेल्‍ट को काटने या लॉक हो गए दरवाजों का शीशा तोड़ने के काम आता है. इसे आप अपनी की चेन में भी जोड़ सकते हैं.

सीट बेल्‍ट कटर दो तरह का होता है एक में केवल सीट बेल्‍ट काटने की सुवि‍धा होती है और दूसरे में छोटा हथौड़ा भी होता है जि‍ससे कार का शीशा तोड़ा जा सकता है.

डैश कैम

डैशकैम न केवल आपको एक यादगार सफर को शूट करने की सहूलि‍यत देता है बल्‍कि‍ एक्‍सीडेंट हो जाने की दशा में यह आपकी काफी मदद करता है. ऐसा नहीं है कि‍ यह आपको कि‍सी एक्‍सीडेंड से बचा लेगा मगर एक्‍सीडेंट की कंडीशन में इसकी मदद से यह तो साबि‍त हो सकता है कि‍ गलती कि‍सने की थी. आजकल ऐसे डैशकैम आ गए हैं जो कार स्‍टार्ट होते ही अपने आप स्‍टार्ट हो जाते हैं और कार के ऑफ होते ही ऑफ हो जाते हैं.

स्‍मार्टफोन माउंट

अगर आपके पास स्‍मार्टफोन माउंट है तो आपका नेवि‍गेशन काफी सहूलि‍यत भरा हो सकता है. अगर आपकी कार में नैवि‍गेटर नहीं है तो आप स्‍मार्टफोन को नैवि‍गेटर की तरह इस्‍तेमाल कर सकते हैं. हां उसके लि‍ए जरूरी है कि‍ आपके पास स्‍मार्टफोन माउंट हो. इसकी बदौलत आप स्‍मार्टफोन को अपने सामने रखकर नैवि‍गेशन देख सकते हैं.

जंप स्‍टार्ट कि‍ट

जब जरूरत पड़ती तो कोई नहीं रुकता, खासतौर पर रात के वक्त. अगर आपकी कार बैट्री प्रॉबलम या कि‍सी और वजह से अचानक बंद हो गई तो कि‍तनी देर तक लोगों को मदद के लि‍ए हाथ देते रहेंगे. जंप स्‍टार्ट कि‍ट दरअसल एक बैट्री की तरह होती है जो आपको झटके से कार स्‍टार्ट करने में मदद देती है.

ब्‍लूटूथ रि‍सीवर प्‍लग

अगर आपकी कार में फोन को ब्‍लूटूथ के जरि‍ए कनेक्‍ट करने की सुवि‍धा नहीं होगी तो आप क्‍या करेंग. गाड़ी साइड में लगाकर ही कोई काम कर पाएंगे या म्‍यूजि‍क सुन पाएंगे. इसके लि‍ए आप ब्‍लूटूथ रि‍सीवर प्‍लग खरीद सकते हैं. इसकी मदद से आप म्‍यूजि‍क प्‍ले कर सकते हैं और अपनी कार के स्‍पीकर पर बात भी कर सकते हैं.

यूएसबी चार्जर

सफर के दौरान स्‍मार्टफोन की बैटरी बैठ जाए तो उससे बुरा क्‍या होगा. अगर आपकी कार में यूएसबी पोर्ट नहीं है और अगर आपको एक ज्‍यादा पोर्ट की जरूरत पड़ गई तो क्‍या करेंगे. इसलि‍ए बेहतर यही होगा कि‍ आप यूएसबी चार्जर खरीद लें और ऐसा खरीदें जि‍समें कम से कम दो चार्जर हों.

स्‍मार्ट कार अडैप्‍टर

यह एक छोटा सा अडैप्‍टर होता है और आपकी कार की मैमोरी की तरह काम करता है. इसमें आपके वाहन से जुड़ी हर तरह की डि‍टेल होती है. यह डि‍वाइस ब्‍लूटूथ के जरि‍ए आपके फोन से भी जुड़ जाता है. इंजन की प्रॉब्‍लम बताता है, यह याद रखता है कि‍ आपने कार कहां पार्क की, आपके ट्रि‍प की हि‍स्‍ट्री याद रखता है और एक्‍सीडेंट या कि‍सी और तरह की इमरजेंसी में मदद के लि‍ए कॉल भी कर सकता है.

जीपीएस ट्रैकर

आपके मोबाइल से अटैच जीपीएस ट्रैकर हमेशा आपकी कार की लोकेशन बताता रहेगा. इसके कई फायदे हैं, चोरी होने की दशा में कार को ट्रेस करना बहुत आसान हो जाता है और अगर आपने कि‍सी और को या बच्‍चों को कार दी है तो उनकी लोकेशन पर आप नजर रख सकते हैं.

रडार डि‍टेक्‍टर

वैसे तो आपको ओवर स्‍पीड में नहीं चलना चाहि‍ए मगर दि‍ल है कि‍ मानता नहीं. वि‍देशों में यह डि‍वाइस पॉपुलर है. लोग चालान से बचने के लि‍ए इसका इस्‍तेमाल करते हैं. यह रेंज में आने से पहले ही बता देता है कि‍ आगे स्‍पीड ट्रैक हो रही है.

ब्‍लाइंड स्‍पॉट अलर्ट

नई कारों में यह एक बेहतरीन फीचर है. आपके साइड मि‍रर में एक लाइट लगी होती है जो उस वक्त फ्लैश करती है जब कोई आपके ब्‍लाइंड स्‍पॉट में आता है. हालांकि‍ अगर आपके पास पुरानी कार है तो आप यही फंक्‍शन आप साइड मि‍रर में एड कर सकते हैं. साइड मि‍रर में ही ब्‍लाइंड स्‍पॉट मि‍रर भी एड हो जाता है.

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